छोटी-छोटी बात पर हो जाते हैं परेशान तो ले सकते हैं योग की मदद,जानें एंग्जायटी रोकने में कौन-से योगासन आ सकते हैं काम

एक स्टडी के अनुसार, तनाव, चिंता, बेचैनी और फोकस में कमी जैसी समस्याएं जो एंग्जायटी डिसॉर्डर का हिस्सा हैं उनसे राहत दिलाने में योग मददगार साबित हो सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 21, 2022 3:24 AM IST

शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग के फायदों के बारे में लोग अच्छी तरह से जानते हैं और इसीलिए, लोगों का योग प्रति झुकाव भी बीते कुछ वर्षों में बहुत अधिक बढ़ा है। विशेषकर कोरोना वायरस महामारी के दौरान  मानसिक समस्याओं में इजाफा हुआ तब बहुत से लोगों ने योगाभ्यास की मदद से खुद को मेंटली फिट बनाने की कोशिश की। वहीं, हाल ही में सामने आयी एक स्टडी में यह पाया गया कि,एंग्जायटी डिसॉर्डर(anxiety disorder) से पीड़ित लोगों के लिए योगाभ्यास करना बहुत लाभकारी साबित हो सकता है।

जर्नल जामा साइकाट्री ( JAMA Psychiatry) में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, तनाव, चिंता, बेचैनी और फोकस में कमी जैसी समस्याएं जो एंग्जायटी डिसॉर्डर का हिस्सा हैं उनसे राहत दिलाने में योग मददगार साबित हो सकता है।खासकर,प्राणायाम करने से मन को शांत करने में मदद होती है और एंग्जायटी कम हो सकती है।

घबराहट और बेचैनी कम करने वाले योगासन

कुछ विशेष योगासनों के अभ्यास को मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिहाज ज्यादा मददगार माना जाता है। यहां आप पढ़ सकते हैं कुछ ऐसे ही योगासनों के बारे में जो एंग्जायटी से परेशान लोगोंके बेहतर माने जाते हैं और जिन योग आसनों के अभ्यास से उन लोगों को आराम मिल सकता है जो भावनात्मक स्तर पर बहुत अधिक घबराहट या बेचैनी महसूस करते हैं। आइए जानें इन योग आसनों के बारे में-

उष्ट्रासन (Camel pose or Ustarasana)

तनाव कम करने के लिए उष्ट्रासन के अभ्यास को बहुत लाभकारी माना जाता है। इसके अभ्यास से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। रक्त का संचार बेहतर तरीके से होने से शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई भी बेहतर तरीके से होती है। पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलने से शरीर की कार्यप्रणालियां जैसे ब्रेन फंक्शन और दिल के कार्य करने की गति बेहतर होती है, जिससे तनाव कम महसूस होता है और शरीर एनर्जेटिक महसूस करता है।

उष्ट्रासन के अन्य लाभ क्या हैं

  • इससे हाजमा बढ़ता है डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं।
  • कंधे और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
  • कमर दर्द से आराम मिलता है।
  • इस योगासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ता है।
  • महिलाओं को पीरियड संबंधी समस्याओं से आराम मिलता है।

बालासन

मानसिक तनाव और घबराहट को कम करने के लिए बालासन (balasana) का अभ्यास फायदेमंद माना जाता है। बालासन के अभ्यास करने से ना केवल स्ट्रेस कम होता है बल्कि यह भावनात्मक स्तर पर भी आपको मजबूत बना सकता है। यह सबसे सरल योगासनों में से एक है और थका हुआ होने या योगाभ्यास के लिए कम समय होने पर भी इसका अभ्यास किया जा सकता है।

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