Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

ऑफिस में करना हो योगाभ्यास, तो ट्राई करें ये 3 मुद्राएं

3 योगासन जो ऑफिस में अभ्यास के लिए बहुत अच्छे हैं।

ऑफिस में करना हो योगाभ्यास, तो ट्राई करें ये 3 मुद्राएं
तनाव से नैचुरली राहत पाने के लिए योग एक बेहतरीन तरीका है। © Shutterstock.

Written by Sadhna Tiwari |Published : October 28, 2018 1:50 PM IST

तनाव से नैचुरली राहत पाने के लिए योग एक बेहतरीन तरीका है। इसीलिए जिन लोगों को सुबह घर पर योगा स्टुडियो जाकर योगाभ्यास का समय नहीं मिलता वे ऑफिस में योगाभ्यास करते हैं। अगर आप भी बेहतर फोकस के लिए ऑफिस में योगाभ्यास करना पसंद करते हैं तो ट्राई करें ये 3 योगासन जो ऑफिस में अभ्यास के लिए बहुत अच्छे हैं।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

  1. गोमुखासन : हालांकि इस आसन को करने के लिए बैठना ज़रूरी होता है लेकिन इसे आप खड़े होकर भी कर सकते हैं। इसे करने के लिए अपने दायें हाथ को कंधे के ऊपर से होते हुए कोहनी से मोड़कर पीछे की तरफ ले जायें और बाएं हाथ को पीठ की तरफ से मोड़ते हुए पीछे की तरफ ले जायें। फिर बाएं हाथ से दाहिने हाथ को पकड़ें। इस पोजीशन में कुछ देर बने रहें और फिर दूसरे हाथ से इस प्रक्रिया को दोहराएं। इसे करने से गर्दन और पीठ का तनाव दूर होता है।
  2. सेपना मुद्रा: सुखासन में बैठे और अपनी हथेलियों को एक-दूसरे से इस तरह बैठें कि दोनों हाथों की सभी उंगलियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हों। अब अपनी दोनों हाथों की पहली उंगलियों को एक साथ रखें और बाकी सभी उंगलियों को ऐसे मोड़ें कि उनसे मुठ्ठी का आकार बने। अब अपनी इंडेक्स फिंगर्स या हाथ की पहली उंगलियों को ज़मीन की तरफ ले जाएं। 15-20 सेकंड्स तक इसी स्थिति में रहें और अपनी सांसों पर ध्यान दें। दोनों हाथों को आरामदायक मुद्रा में ले आएं। अब अपने हाथों को अपनी जांघों पर रखें। हथेलियां ऊपर की तरफ रखें और थोड़ी देर रिलैक्स करें।
  3. उत्तानासन : लगातार काफी देर तक कुर्सी पर एक ही पोजीशन में बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी और पीठ में दर्द होने लगता है। ऐसे में उत्तानासन करने से आपको तुरंत आराम मिलता है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जायें, हाथो को ऊपर उठाये और फिर आगे की तरफ झुके। अपनी हथेलियों से फर्श को छूने की कोशिश करें और इसी पोजीशन में कुछ देर तक बने रहें।