Yoga in corona: रोजाना इन 3 आसान से मिलेगी कोरोना से लड़ने की शक्ति, जानें इन्हें करने का तरीका

योग (Yoga in corona) एक प्रकार से संपूर्ण स्वास्थ्य का “कम्पलीट पॅकेज”है। योग केवल कुछ प्रकार के व्यायामों का सेट मात्र नहीं बल्कि एक प्रकार की जीवनशैली है, जो एक स्वस्थ जीवन ही जीने को प्रेरित करती है और बीमारियों से बचाव में मदद करती है।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : December 17, 2020 11:06 AM IST

इलाज से बेहतर है बचाव। स्वास्थ्य के विषय में यह एक अहम कहावत है और यह कहावत योग में पूरी तरह सही भी बैठती है। योग (Yoga in corona) एक प्रकार से संपूर्ण स्वास्थ्य का “कम्पलीट पॅकेज”है। योग केवल कुछ प्रकार के व्यायामों का सेट मात्र नहीं बल्कि एक प्रकार की जीवनशैली है, जो एक स्वस्थ जीवन ही जीने को प्रेरित करती है और बीमारियों से बचाव में मदद करती है। जब से कोविड की महामारी ने दुनिया को अपनी चपेट में लिया है तब से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण एक तरह से स्वास्थ्य और बेहतर खान पान के प्रति आंखें सी खुली और इस प्रक्रिया में योग, सांसों के व्यायाम इम्यूनिटी आदि अच्छे स्वास्थ्य (Yoga in corona) के लिए कितने जरूरी हैं इसकी भी कीमत समझ आई।

दिल्ली स्थित शुद्धि नैचुरोपैथी क्लिनिक में नैचुरोपैथी एंड योगा एक्सपर्ट डॉक्टर अंजलि शर्मा के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान भी जब लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के लिए अपने घरों में रहना होता था, घरों से बाहर सैर, जॉगिंग आदि समेत किसी भी चीज़ के लिए जाना मना था, तब बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने योग (Yoga in corona) और ध्यान को समाधान का एक हिस्सा पाया। बहुत बार ऐसे मौके रहे हैं जब योग को दुनिया भर में प्रोत्साहन मिलता रहा है। योग कोविड के मरीजों की भी मदद कर रहा है। योग और कोरोना के बीच संबंध के बारे में बता रही हैं और साथ ही ये भी बताने की कोशिश कर रही है कि कैसे योग आपको कोरोना से दूर रख सकता है।

अब जब स्थितियां बहुत हद तक नियंत्रण से बाहर हो चुकी हैं, इसको नियंत्रण में आने में वक़्त लगेगा, ऐसे में स्वस्थ आदतें और योग मददगार हैं, आइये जानें कैसे :-

योग बढ़ाए इम्युनिटी : योग (Yoga in corona) में बताया गया सूर्य नमस्कार और प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम और खासतौर पर क्लींजिंग क्रियाएं इमुनिटी को बढ़ाने में मददगार होतीं हैं। इम्युनिटी रोगों का जोखिम कम करतीं हैं। योगिक ब्रीदिंग व्यायाम खास तौर पर अभी की महामारी में फेफड़ों की क्षमता, बेहतर संचालन और सफ़ेद रक्त कोशिकाओं के बेहतर संचालन में मदद करती हैं जो संक्रमण से लड़ने में मददगार होती हैं।

तनाव कम करता है :- जब से कोविड महामारी ने दुनिया को चपेट में लिओया है तब से घरों में रहना, सामाजिक रूप से लोगों से न मिल पाना, उसके भी साथ साथ वित्तीय समस्याएं आदि ने व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत असर डाला है।

इस स्थिति ने नकारात्मक विचारों में इजाफा किया है और लोगों को धैर्य रखने में भी कठिनाई हुई। और इस प्रकार मानसिक स्वास्थ्य भी एक चिंता के विषय के रूप में उभरा। योग (Yoga in corona) और ध्यान मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी मददगार सभीत हुए हैं। योगिक सिद्धांतों, प्राणायाम, ध्यान आदि के साथ आसन आदि का पालन करते हुए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य में भी मदद मिलती है।

बेहतर इम्युनिटी से मिलता है स्वस्थ शरीर :- प्राचीन किताबों के अनुसार योगासन (Yoga in corona) की पद्धति जोड़ों की मूवमेंट, मांशपेशियों का ज़रूरत अनुसार स्ट्रेच और ऑक्सीजन का स्तर आदि बेहतर करने में मदद करती है जिससे मांसपेशियों के निर्माण, सही रक्तचाप, और हड्डियों के बेहतर स्वास्थ्य आदि में मदद मिलती है।

योग आपको एक सम्पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति बनने में मदद करेगा। क्योंकि हड्डियों का स्वास्थ्य, अच्छा मेटाबोलिज्म, इम्युनिटी आदि स्वास्थ जीवनशैली की और अग्रसर करते हैं।

अब योग के तमाम फायदों को ध्यान में रखते हुए, कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है। किसी भी कठिन व्यायाम को बिना किसी प्रशिक्षित व्यक्ति के दिशा निर्देशन के किया जाना बिलकुल भी सही नहीं है। यह एक गंभीर मसला है खासकर जब व्यक्ति पहले से किसी गंभीर रोग से जूझ रहा हो। इसलिए नीचे बताई गई बातों को ध्यान में रखते हुए ही योग और इसकी जीवनशैली का फॉलो करें :-

  • किसी भी मुश्किल आसन को बिना सही प्रशिक्षण के ना करें।
  • योग की जीवनशैली अपनाने के साथ अपने पोषण का भी ध्यान रखें, इसके लिए किसी पेशेवर से सलाह लें। बिना पोषण के केवल योगासन करना लाभ नहीं देगा।
  • अगर पहले से किसी गंभीर रोग से जूझ रहे हैं तो अपने संबंधित डॉक्टर और योगा एंड नैचुरोपैथी फिजिशियन की सलाह लें। और उसी अनुसार अपने आसन, प्राणायाम और भोजन आदि का नियम बनायें। इस बात को सिनिश्चित करें कि वह व्यक्ति क्वालिफाइड योगा एंड नैचुरोपैथी फिजिशियन (बीएनवाईएस) हो। अपनी बीमारियों को अपने गाइड और डॉक्टर से न छुपायें।
  • हमेशा योगा एंड नैचुरोपैथी फिजिशियन की सलाह लें और अपने व्यायाम, प्राणायाम और भोजन शैली का नियम बनायें।                                                                                                                                                                                                                                       (Inputs:  दिल्ली स्थित शुद्धि नैचुरोपैथी क्लिनिक में नैचुरोपैथी एंड योगा एक्सपर्ट डॉक्टर अंजलि शर्मा)
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