ओवरियन कैंसर के मरीजों के लिए वरदान है ये 2 आसन, नियमित रूप से जरूर करें अभ्यास

बदलते लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से महिलाएं ओवरी कैंसर का शिकार हो रही हैं। ऐसे में इस बीमारी से बचे रहना काफी जरूर हो गया है। विभिन्न रिसर्च के मुताबिक, ओवरी कैंसर के लिए योग कारगर साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे योगासन जिसकी मदद से आप ओवरियन कैंसर के खतरे को कर सकते हैं (Yoga for Ovarian Cancer) कम-

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Written By: Kishori Mishra | Updated : September 25, 2020 2:16 PM IST

Yoga for Ovarian Cancer : महिलाओं में ओवेरियन कैंसर के मामले लगातार काफी अधिक बढ़ रहे हैं। ओवेरियन कैंसर अंडाशय में शुरू होता है। प्रजनन के लिए अंडों का उत्पादन करने वाली कोशिका को अंडाशय कहते हैं। जब महिलाओं के शरीर से यह अंडे फैलोपियन ट्यूब्स से गर्भाशय में जाते हैं, तो वहां निषेचित अंडा (Fertilized Egg) प्रवेश करता है और यह भ्रूण के रूप में विकसित होता है। अंडाशय की मदद से ही महिलाओं में एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्ट्रोन (Progesterone) का स्त्राव होता है।  आज के समय में बढ़ती उम्र के साथ अंडाशय कैंसर एक बहुत ही आम समस्या बनती (Yoga for Ovarian Cancer) जा रही है।

महिलाओं में होने वाले अन्य कैंसर के मुकाबले ओवरी में कैंसर होने की संभावना लगभग 4% अधिक होती है। लगभग तीन-चौथाई महिलाओं में तीसरे से चौथे स्टेज पर आने पर इसका इलाज किया जाता है। बदलते लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से महिलाएं ओवरी कैंसर का शिकार हो रही हैं। ऐसे में इस बीमारी से बचे रहना काफी जरूर हो गया है। विभिन्न रिसर्च के मुताबिक, ओवरी कैंसर के लिए योग कारगर साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे योगासन जिसकी मदद से आप ओवरियन कैंसर के खतरे को कर सकते हैं (Yoga for Ovarian Cancer) कम-

ताड़ासन

ताड़ासन कई समस्याओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। नियमित रूप से इस आसन को करने से स्ट्रेस और शरीर का पॉइश्चर ठीक रहता है। इसके साथ ही एकाग्रता भी बढ़ती है।

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं।
  • अब अपने दोनों पैरों को आपस में मिलाएं।
  • पैरों को आपस में मिलाने के बाद धीरे-धीरे अपने हाथों को कंधों के ऊपर ले जाएं और पैरों के पंजों के बल खड़े हो जाएं।
  • कुछ समय तक इस स्थिति में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए अपनी पुरानी स्थिति में पुन: लौट आएं।
  • इस योग को कम से कम 5 से 6 बार करें।

पवनमुक्तासन

पेट में गैस और पेट फूलने की समस्या से निजात पाने के लिए पवनमुक्तासन काफी फायदेमंद है। इसके साथ-साथ यह स्ट्रेस को भी कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं।
  • अब अपने पैटों को फैलाएं और लंबी सांस लेते हुए घुटनों को मोड़ें।
  • अब अपने हाथों से अपने दोनों पैरों के घुटनों को पकड़कर छाती तक लाएं।
  • इस दौरान अपना सिर घुटनों की ओर आने का प्रयास करें।
  • कुछ समय तक इस स्थिति में रहने के बाद अपनी पुरानी स्थिति में लौट आएं।
  • आप इस आसन को भी करीब 5 से 6 बार जरूर करें।

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