Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

Yoga for Lungs: अगर आपके फेफड़े हो रहे हैं कमजोर तो रोजाना करें ये 3 योगासन, हमेशा रहेंगे मजबूत और हेल्दी

फेफड़ों की समस्या से परेशान लोगों को शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने में काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है, इसलिए फेफड़ों को स्वस्थ रखने की जरूरत होती है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए खानपान के साथ-साथ कुछ एक्सरसाइज और योगासन का नियमित रूप से अभ्यास करना जरूरी है।

Yoga for Lungs: अगर आपके फेफड़े हो रहे हैं कमजोर तो रोजाना करें ये 3 योगासन, हमेशा रहेंगे मजबूत और हेल्दी

Written by Kishori Mishra |Updated : September 24, 2021 3:24 PM IST

फेफड़ों के बिना ऑक्सीजन शरीर में नहीं पहुंच सकता है। इसकी मदद से कार्बन डाइऑक्साइड शरीर में नहीं पहुंचता है। हमारे शरीर में मौजूद सभी कोशिकाएं ब्लड से ऑक्सीजन खींचती है और कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ती हैं। इस बात से साफ जाहिर है कि स्वस्थ शरीर के लिए फेफड़ों का स्वस्थ (Yoga for Lungs in Hindi ) होना कितना जरूरी है। ऐसे लोग जिन्हें फेफड़े की बीमारियां, जैसे- फाइब्रोसिस और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) होती है, उन्हें शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने में काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए खानपान के साथ-साथ एक्सरसाइज और योगासन का अभ्यास नियमित रूप से करना चाहिए। जानते हैं कुछ ऐसे योगासन, जिससे फेफड़ों को मजबूत किया जा सकता है।

दंडासन 

दंडासन के जरिए हम फेफड़ों से जुड़ी समस्या को ठीक कर सकते हैं। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन के अनुसार, दंडासन करने से फेफड़े स्वस्थ होते हैं। इस योगासन को सुबह और शाम दोनों समय करें।

  • दोनों पैरों को सामने एक-दूसरे से सटाकर रखें और हाथों को जमीन पर टिका दें।
  • अब पैरों की उंगलियों को अंदर की ओर मोड़ें और तलवों से बाहर की ओर दबाव बनाएं।
  • कंधों को आराम की मुद्रा में रखते हुए अपनी नजर को नासिकाग्र पर केंद्रित करें।
  • अधिकतम डेढ़ मिनट तक करें। फिर सांस छोड़ते हुए सामने की ओर देखते हुए वापस आ जाएं।
  • खाली पेट ही करें। उच्च रक्तचाप के रोगी न आजमाएं।

भुजंगासन

भुजंगासन करने से ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रूप से होता है। इसके साथ ही इस योगासन को नियमित रूप से करने पर फेफड़े भी स्वस्थ होते हैं।

Also Read

More News

  • पेट के बल लेट जाएं। सांस भरते हुए कमर से ऊपर वाला हिस्सा आगे की ओर उठाएं।
  • पैर आपस में मिले रहें। गर्दन को पीछे की ओर मोड़ें और कुछ पल इसी अवस्था में रखें।
  • सांस को सहज हो जाने दें और कुछ देर रुकें ताकि दबाव रीढ़ के निचले हिस्से पर पड़े। सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस आएं।
  • गर्दन पीछे ही रखें और धीरे-धीरे पहले छाती तथा बाद में सिर को भी जमीन से लग जाने दें।
  • लगातार इस आसन को करने से कमर दर्द से छुटकारा मिल सकता है।
  • बहुत ज्यादा सर्वाइकल की समस्या होने पर किसी भी आसन को करने से पहले विषेशज्ञ की सलाह ले लें।

शलभासन

स्वस्थ फेफड़ों के साथ-साथ इस आसान का नियमित रूप से अभ्यास करने पर शरीर लचीला होता है। साथ ही कमर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

  • जमीन पर पेट के बल लेट जाएं। अपने दोनों पैरों को सीधा रखें।
  • हाथों को कमर के पास सीधा रखें। हथेली ऊपर की तरफ हो।
  • गहरी सांस लें। इस दौरान अपने सीधे पैर को ऊपर दीवार की तरफ उठाएं।
  • ध्यान रहे, हिप्स और घुटनों को नहीं मोड़ना है। सांस लेते रहें। अब सीधे पैर को नीचे रखें।
  • इस प्रक्रिया को अपने उल्टे पैर के साथ दोहराएं। इस प्रकिया के दौरान हाथों को स्थिर रखें। सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं।
  • इस दौरान हिप्स को सीधा रखें। घुटनों को मोड़े नहीं। अब सिर को ऊपर की तरफ उठाएं।
  • पैरों को नीचे ले आएं और आराम की अवस्था में आ जाएं। इस आसन को 2 से 4 मिनट के लिए अभ्यास करें।

About the Author

... Read More