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Bridge Pose Benefits in hindi: पेट और कमर पर चर्बी की समस्या आम है। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं और समझ नहीं आ रहा है कि कैसे पेट की चर्बी को गलाएं, तो यहां आपके लिए हम एक ऐसा आसन लेकर आए हैं, जो कुछ दिनों के भीतर ही आपके कमर और पेट पर जमी चर्बी को काट देगा. इसका नाम है ब्रिज पोज। इसे संस्कृत में सेतु बंधासन के नाम से भी जाना जाता है। आमतौर पर योगाचार्य इसका इस्तेमाल छाती खोलने के लिए करते हैं, लेकिन यह कमर और पेट की चर्बी भी कम करने में भी कारगर है। इस आसन में अपने कूल्हों और ऊपरी शरीर को जमीन से ऊपर उठाना होता है, जबकि अपनी बाहों को जमीन पर रखते हुए, अपने शरीर के साथ पुल जैसा आकार बनाया जाता है। संस्कृत में, 'सेतु' का अर्थ है पुल और 'बंध' का अर्थ है ताला। आइये जानते हैं कि इस एक योग से आपको कौन-कौन से लाभ मिल सकते हैं।
इस योग आसन को रोजाना नियमित रूप से अगर किया जाए तो इससे आपको पेट की चर्बी कम करने के साथ मेटाबोलिज्म को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी। वेट बढने के मुख्य कारणों में से एक खराब मेटाबोलिज्म भी होता है। अगर आप ये योग रोजाना 5 मिनट करते हैं तो आपकी मांसपेशियां टोन होंगी और कूल्हे शेप में आएंगे। पेट में जमी चर्बी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।
अगर आप लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं तो आपको पीठ का दर्द जरूर परेशान करता होगा। अगर ऐसा है तो आपको अपने रूटीन में ब्रिज पोज योग आसन को शामिल कर लेना चाहिए। क्योंकि ब्रिज पोज करने से पीठ का दर्द कम होता है। रोजाना करने से पीठ के दर्द में हमेशा के लिए आराम मिल जाता है। ये योग रीढ़ की हड्डी में लचीलापन और गतिशीलता बढ़ती है, खास तौर पर पीठ के निचले हिस्से में। नियमित रूप से करने से यह अकड़न को कम कर सकता है।
आज के वक्त में काम का स्ट्रेस, बच्चों की पढाई का स्ट्रेस, पैसों से लेकर घर चलाने तक आपको कई चुनौतियों का सामना करना पडता है। लंबे समय तक स्ट्रेस में रहने की वजह से आपके शरीर पर भी इसका असर दिखने लगता है। त्वचा डल, बेजान और बूढी लगने लगती है। वहीं दिल की बीमारियां भी घर करने लगती हैं। ऐसे में ब्रिज पोज योग आसन आपको स्ट्रेस से राहत दिला सकता है। ब्रिज पोज के दौरान गहरी सांस ली जाती है। इससे शरीर में जमा तनाव दूर होता है और बॉडी को रिलैक्स होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की एक रिपोर्ट के अनुसार ब्रिज पोज तंत्रिका तंत्र को भी उत्तेजित करता है, जो मन को शांत करता है और तनाव के स्तर को कम करता है।
ब्रिज पोज में छाती और फेफडे खुल जाते हैं। इसलिए अगर आपको अस्थमा या सांस से जुडी परेशानी है तो आपको ये योग आसन जरूर करना चाहिए। इस योग की वजह से सांस से जुडी तमाम जटिलताएं कम हो जाती हैं।
आर्थराइटिस या जोडों में दर्द से भी ब्रिज पोज राहत दिलाता है। क्योंकि यह योग आसन कूल्हों, कमर और घुटनों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। जिन लोगों को गठिया की समस्या होती है, उनको नियमित रूप से यह योग करना चाहिए।