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Written By: intern23.seo | Updated : September 10, 2023 6:06 PM IST
Yoga for Mental Health : बढ़ती उम्र के साथ न केवल शरीर बल्कि दिमाग भी कमजोर होता जाता है। इसलिए अक्सर देखा जाता है कि ज्यादा उम्र (Yoga for elders) के लोग बहुत-सी बातों को अक्सर भूल जाया करते हैं। हालांकि उम्र के साथ आने वाली एक बेहद आम समस्या है लेकिन कठिनाई तब हो जाती है जब कम उम्र वाले लोगों के साथ ये समस्या दिखने लगती है। आज भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ समय की शांति भी भला किसे नसीब है, जिसका सीधा प्रभाव हमारे मन-मस्तिष्क पर देखने को मिलता है। बहुत अधिक तनाव में रहने के कारण अक्सर ही हम लोग कई तरह की मानसिक समस्याओं के शिकार हो जाते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि उम्र की प्रारंभिक अवस्था में हमारा दिमाग प्रति सेकंड लगभग 1 लाख न्यूरो कनेक्शन बनाता है। जो उम्र बढ़ने के साथ कम होता जाता है। लगभग 6 साल की उम्र तक मस्तिष्क अपने कुल आयतन का 90% तक बढ़ जाता है। जबकि 35-40 साल आयु के बाद हमारा दिमाग सिकुड़ना प्रारंभ कर देता है।
वहीं कुछ मामलों में ये समस्या युवाओं के अंदर भी देखने को मिलती है, जिसमें बातों को भूलना और एकाग्रता में कमी शामिल है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल, खराब खान-पान और कुछ बीमारियां भी आपके मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ सकती हैं। ऐसे में आप कुछ सामान्य योगाभ्यासों को अपनाकर अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रख सकते हैं।
बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए पद्मासन एक शानदार योगाभ्यास में से एक है। एक तनाव भरे दिन के बाद ये योगाभ्यास आपके मन और शरीर दोनों को आराम देगा।
जमीन पर आरामदायक आसन बिछाकर कमर सीधी रखते हुए बैठें। अब अपने दाहिने पैर को बायीं जांघ पर तथा बायें पैर को दाहिने जांघ पर रखें। इसके बाद अपने हाथ की तर्जनी उंगली और अंगूठे को एक साथ मिलाते हुए ध्यान मुद्रा में बैठें। इस मुद्रा में कम से कम 5-10 मिनट रुकें और गहरी लंबी सांस लें।
ये आसन दिन भर चेयर पर बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए रामबाण साबित होता है। ये आपके रीढ़ के पोस्चर को ठीक कर कमर को मजबूत और लचीला बनाता है। इसके साथ ही ये आपके दिमाग को भी रिलैक्स करता है।
जमीन पर आरामदायक आसन बिछाकर सीधे बैठ जाएं। अब अपने दोनों पैरों को आगे की ओर फैला लें। अब पैरों को सीधा रखते हुए दोनों हाथों से पैरों के पंजों को छूने का पूरा प्रयास करें। ऐसा करते हुए ध्यान रखें कि आप गहरी लंबी सांस ले रहे हों। इस आसन को 3-5 बार दोहराएं।
ये एक प्राणायाम है जो हमारे मस्तिष्क के लिए सबसे उत्तम योगाभ्यासों में से एक है। माइग्रेन पेन हो या अनिद्रा जैसी समस्या कपालभाति प्राणायाम इन सभी चीजों में राहत पहुंचाता है। इसके साथ ही नियमित कपालभाति करने से दिमाग तेज होता है।
जमीन पर आसन बिछाकर पद्मासन या सुखासन की स्थिति में बैठ जाएं। एक गहरी लंबी सांस लेकर सांस को धीरे-धीरे झटके से छोड़ें और पेट को अंदर की ओर खींचें। आपके पेट की मांसपेशियां आपके सांस के आने जाने का कारण होनी चाहिए। इस योगाभ्यास को आप 4-5 मिनट लगातार कर सकते हैं।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम जैसी कि नाम से ही स्पष्ट है कि “लेन-देन” अर्थात इस प्राणायाम में हम एक नाक से सांस अंदर लेते हैं तो दूसरी नाक से बाहर छोड़ते हैं। इसे करने से हमारे मस्तिष्क में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता है जो सभी तरह के मानसिक विकारों में राहत पहुंचाता है।
इसके लिए आप पद्मासन या सुखासन में कैसे भी बैठ जाएं। गहरी लंबी सांस लें। अब अपने नथुने को हाथ के अंगूठे से बंद कर लें। इसके बाद खुले नथुने से सांस लें और फिर दूसरे नथुने से बाहर छोड़ें। अब इस प्रक्रिया को लगातार दोहराएं।
ये मुद्रा बेचैनी, तनाव, डिप्रेशन आदि परेशानी को दूर करने में मदद करती है। ये आपको सिर दर्द और अनिद्रा जैसी समस्या से भी राहत दिलाती है।
जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं अपने पैरों के बीच लगभग 1 फुट का अंतर रखें। अब हाथ की उंगलियों को एक दूसरे में फंसा कर सांस को अंदर भरते हुए हाथों को ऊपर की ओर खींचें। पूरा स्ट्रेच होने के बाद धीरे-धीरे सांस को छोड़ते हुए नीचे की ओर वापस लौटें। इस क्रिया को 2-3 बार दोहराएं।
ध्यान रखें कि अगर आप योगा का अभ्यास पहली बार कर रहे हैं, तो इस स्थिति में किसी एक्सपर्ट की निगरानी में कुछ समय के लिए योग का अभ्यास करें। ताकि इससे होने वाली विपरीत प्रभाव से बचा जा सके।