महिलाओं में थायराइड की परेशानियों को कंट्रोल करे ये 5 योगासन, पीसीओडी और पीसीओएस के लक्षण भी होंगे कम

Yoga for thyroid : थायराइड, पीसीओडी और पीसीओएस महिलाओं में होने वाली सबसे सामान्य समस्याएं हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए योग का सहारा लिया जा सकता है। आइए जानते हैं महिलाओं में थायराइड की परेशानी दूर करने वाले योगासन?

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Written By: Kishori Mishra | Updated : January 12, 2023 3:39 PM IST

Yoga for thyroid in women : थायराइड हार्मोन शरीर में मेटाबॉलिज्म रेट, हार्ट फंक्शन, पाचन क्रिया, मांसपेशियों के स्वास्थ्य, मस्तिष्क के विकास, हड्डियों के स्वास्थ्य इत्यादि के कार्यों में प्रमुख भूमिका निभाता है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, थायराइड की समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होती है। तनावपूर्ण जीवन शैली की वजह से थायराइड होने की संभावना अधिक होती है। इसके कारण शरीर में कई तरह की समस्याएं होने का खतरा रहता है। ऐसे में थायराइड हार्मोन को कंट्रोल करना बहुत ही जरूरी है। थायराइड हार्मोन को कंट्रोल करने के लिए जीवनशैली में बदलाव की जरूरत होती है। इसके लिए न सिर्फ आपको अपनी डाइट पर ध्यान देने की जरूरत है, बल्कि नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग की भी मदद लेने की आवश्यकता होती है। आज हम आपको इस लेख में कुछ ऐसे खास योगासन के बारे में बताएंगे, जिससे थायराइड हार्मोन को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके साथ ही आप इन योग की मदद से पीसीओडी और पीसीओएस की समस्याओं को भी कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानते हैं महिलाओं में थायराइड हार्मोन कंट्रोल करने वाले योगासन कौन-कौन (Yoga Asanas to improve thyroid health in Woman) से हैं?

थायराइड क्या है? - What is Thyroid?

थायराइड हमारे गले में स्थिति एक छोटी सी तितली के आकार की ग्रंथि है, जो एक हार्मोन का उत्पादन करती है। इस हार्मोन से शरीर की कोशिकाएं, टिश्यूज और अंग प्रभावित होता है। इसका मतलब साफ है कि थायराइड हमारे शरीर को सही तरीके से काम करने में मदद करने में बड़ी भूमिका निभाती है।

पीसीओडी और पीसीओएस महिलाओं पर क्या डालता है असर?

थायराइड के अलावा पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम और पीसीओडी महिलाओं को व्यापक रूप से प्रभावित करने वाली समस्याओं में से एक है। पीसीओडी और पीसीओएस की वजह से महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म की समस्या हो सकती है। इसके कारण महिलाओं के शरीर में एण्ड्रोजन और एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है तो सिस्ट विकसित होते हैं और अंडाशय बढ़ जाते हैं।

कुछ पीसीओडी से ग्रस्त महिलाओं में हार्मोन में बदलाव के कारण चेहरे और शरीर के अन्य अंगों पर बाल उगने लगते हैं। वहीं, महिलाओं का वजन काफी तेजी से बढ़ जाता है। महिलाओं की इन समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ खास योगासन हैं। आइए जानते हैं इन योगासन के बारे में-

थायराइड से प्रभावित महिलाओं के लिए योगासन - Yoga for Women for Thyroid Diseases

थायराइड, पीसीओडी या पीसीओएस से ग्रसित महिलाओं को नियमित रूप से योग का अभ्यास करना चाहिए। आइए जानते हैं कुछ फायदेमंद योग के बारे में-

मत्स्यासन - Matsyasana

महिलाएं थायराइड, पीसीओडी और पीसीओएस की परेशानियों को कम करने के लिए मत्स्यासन योग का सहारा ले सकती हैं। इस योग का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं, इसके बाद गहरी सांस लेते हुए अपनी कोहनियों और अग्र भुजाओं को मजबूती से फर्श या जमीन की ओर धकेलें या अपने हाथों से अपने सिर और कंधों को ऊपर उठाएं।

इसके बाद अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं और जब आप सांस लें तो अपने कंधे के ब्लेड को अपनी पीठ की ओर धकेलें। इस दौरान अपने सिर को फर्श से ऊपर उठा कर रखें। अपने क्राउन वाले हिस्से को जमीन पर सेट करने की कोशिश करें। तनाव महसूस होने पर आप अपने पैरों को फैला सकते हैं या अपने घुटनों को मोड़ सकते हैं।

उष्ट्रासन - Ustrasana

थायराइड, पीसीओडी और पीसीओएस जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए महिलाओं को नियमित रूप से उष्ट्रासन योग का अभ्यास करने की जरूरत होती है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और अपने हाथों को अपने हिप्स पर रख लें।

इसके बाद अपनी बाहों को सीधा करते हुए, अपनी पीठ को झुकाएं और अपनी हथेलियों को अपने पैरों पर रखें। इस स्थिति में अपनी गर्दन को मोड़ने या तनाव देने के बजाय एक तटस्थ स्थिति बनाए रखें। कुछ सेकंड के लिए इस स्थिति को बनाए रखें। इसके बाद एक लंबी सांस छोड़ते हुए अपनी पुरानी स्थिति में वापस आ जाएं। इस मुद्रा को कम से कम 7 से 8 बार दोहराएं।

सर्वांगासन - Sarvangasana

महिलाओं में थायराइड की समस्याओं को कंट्रोल करने के लिए सर्वांगासन काफी फायदेमंद योगासन गो सकता है। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को बगल में रखें।

इसके बाद धीरे से अपने पैरों को जमीन से ऊपर उठाएं ताकि वे समानांतर हो और आपके पैर आसमान की ओर हों। धीरे-धीरे अपनी पीठ और श्रोणि (पेल्विक) को जमीन से ऊपर उठाएं। सपोर्ट के लिए अपनी हथेलियों को अपनी पीठ पर रखें। अपने पैरों, कंधों और श्रोणि को समन्वित करने का प्रयास करें। अपना ध्यान अपने पैरों पर केंद्रित करें। करीब 10 सेकंड के लिए इस स्थिति में रखें। फिर अपनी पुरानी स्थिति में वापस आ जाएं। करीब 5 बार इस मुद्रा का अभ्यास करें।

हलासन - Halasana

हलासन योग की मदद से महिलाओं में थायराइड, पीसीओडी और पीसीओएस की परेशानियों को कम किया जा सकता है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट बिछा लें।

इसके बाद हथेलियों को अपने बगल में फर्श पर रखकर पीठ के बल लेट जाएं। इसके बाद पेट की मांसपेशियों की मदद से अपने पैरों को 90 डिग्री ऊपर उठाएं। फिर हथेलियों को मजबूती से फर्श पर दबाएं और अपने पैरों को अपने सिर के पीछे ले जाएं। आवश्यकतानुसार अपनी हथेलियों से अपनी पीठ के निचले हिस्से को सहारा दें। कुछ सेकंड तक इस मुद्रा में रहें। इसके बाद अपनी स्थिति में वापस आ जाएं। करीब 5 से 6 बार इस मुद्रा को दोहराएं।

सेतु बंधासन - Setu Bandhasana

सेतु बंधासन या ब्रिज पोज थायराइड, पीसीओडी, पीसीओएस जैसी महिलाओं की परेशानियों को दूर करने में प्रभावी हो सकता है। इसके साथ ही यह मुद्रा अस्थमा के इलाज, सिरदर्द कम करने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में आपकी मदद कर सकता है। इस योग का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। इसके बाद पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा फैलाएं और अपने घुटनों को मोड़ लें।

इसके बाद हथेलियों को खोलें और इसे जमीन पर सीधा सटाकर रखें। इसके बाद सांस लेते हुए कमर के हिस्से को आसमान की उठाएं। ध्यान रखें कि आपके कंधे और सिर को सपाट जमीन पर ही रखें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रूकें। इसके बाद अपनी मुद्रा में वापस आ जाएं।

महिलाओं में होने वाली थायराइड, पीसीओडी और पीसीओएस की परेशानियों को दूर करने में यह योगासन काफी कारगर साबित हो सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि अगर आपकी परेशानी किसी कारण से बढ़ रही है तो इस स्थिति में एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

Yoga Asanas to Improve Thyroid Health in Woman

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