जानिए क्यों शहनाज़ हुसैन मानती हैं योग को खूबसूरती के लिए अहम

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : September 8, 2019 10:21 AM IST

योग की मदद से हेल्दी लाइफ जीने की कोशिश बहुत-से लोग कर रहे हैं। अब योग की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। हर्बल क्वीन और ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज़ हुसैन भी योग को कई कारणों से ब्यूटी बढ़ाने के लिए मददगार मानती हैं।

अनेक सौंदर्य समस्यायें मानसिक तनाव की वजह से उत्पन्न होती है। योग से तनाव को कम करने तथा स्वछन्द मानसिक उन्मुक्त वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है तथा इससे तनाव से जुड़ी सौंदर्य समस्याओं को निजात प्रदान करने में मदद मिलती है। योग के लगातार अभ्यास से कील मुंहासों , बालों के झड़ने और सिर की रूसी आदि समस्याओं का स्थाई उपचार मिलता है।

योग तथा शारीरिक क्रियायें करने वाले युवाओं पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया हैं उनके व्यक्तित्व में भावनात्मक स्थिरताए आत्म विश्वास बढ़ाने और  मूड सही करने जैसे सकारात्मक बदलाव महसूस किये जाते है। जिसका दिमाग और भावनाओं तथा मूड पर सीधा प्रभाव दिखाई देता है। वास्तव में योग नियमित रूप से तनाव से मुक्ति प्रदान करता है। जिससे त्वचा पर रंगत वापिस आ जाती है।

वास्तव में योग से बाहरी शारीरिक सौंदर्य को निखारने तथा संवारने में काफी मदद मिलती है।

भाग-दौड़ भरी लाइफ-स्टाइल में एक सुसंगत ,संयमित ,और हेल्दी लिविंग की खोज हर व्यक्ति को है। हर कोई अपने शरीर को स्वस्थ्य रखना चाहता है। भारतीय परंपरा हमेशा से ही जीवन को समग्र और संतुलित रूप से जीने की दृष्टि देती रही है। भारतीय चिंतन और परंपरा का आधार रहा है योग.शास्त्र। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है  वरन् यह जीवन को संतुलित रूप से जीने का शास्त्र है। यह निरंतर बढ़ती हुई भाग-दौड़ में व्यक्तित्व को एक ठहराव एक गहराई देने की विद्या है। योग एक ऐसी विधा है जिससे हम अपने मन को स्थिर कर सकते हैं। जब तक मन शुद्ध या स्थिर नहीं होता  तब तक   हमारा तन भी अशुद्ध रहता है। योगाभ्यास द्वारा ही तन व मन की शुद्धि होती है और हमारा तन.मन निरोगी हो जाता है। योगाभ्यास से मन को स्वस्थ्य और शांत बनाया जा सकता है।

शरीर को स्वस्थ्य बनाने में तन और मन का बेहतर योगदान होता है। आमतौर पर देखा गया है कि हमारी शारीरिक बीमारियों के मानसिक आधार होते हैं। क्रोध हमारे मन को विकृत करता है जिससे हम विभिन्न प्रकार की बीमारियों से घिर जाते हैं फिर भी क्रोध से बिल्कुल अनभिज्ञ रहते हैं। योगाभ्यास क्रोध पर नियंत्रण रखने में अहम  भूमिका निभाता है।