क्या आप जानते हैं लिखने से भी शरीर को होते हैं कई फायदे

क्या आप जानते हैं पेपर पर लिखने से भी होते हैं सेहत को कई लाभ?

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Written By: Anshumala | Published : July 25, 2019 4:04 PM IST

आजकल लैपटॉप और कंप्यूटर का जमाना है, ऐसे में लोगों का पेपर पर लिखना कम ही होता है। ऑफिस में सारा काम कंप्यूटर पर होता है, तो जाहिर सी बात है पेन सिर्फ सिग्नेचर करने के लिए ही उठाते होंगे। हो सकता है महीने में शॉपिंग लिस्ट बनाने के लिए भी थोड़ा बहुत लिख लेते हों, लेकिन लिखने की आदत को छोड़कर आप अपना ही नुकसान कर रहे हैं। क्या आप जातने हैं कि लिखना सेहत के लिए काफी हेल्दी होता है। लिखने से आप स्मार्ट बनते हैं। एक शोध की मानें, तो जो बिल्कुल भी नहीं लिखते वो तनाव और चिंता से ग्रस्त हो जाते हैं। लिखने से इम्यून सिस्टम बूस्ट होता है। जानें, लिखने के और क्या फायदे होते हैं...

फील गुड हार्मोन का हो निर्माण

जब आप लिखते हैं, तो आपको खुशी महसूस होती है। खासकर, जब आप किसी करीबी को पत्र लिखते हैं। इससे खुशी महसूस होती है और खुशी महसूस तब होती है जब फील गुड हार्मोन का निर्माण होता है। पहले के लोग अक्सर पत्र लिखा करते थे, लेकिन अब तो लोग मेल, सोशल मीडिया पर चैटिंक करके ही एक-दूसरे का हाल-चाल पूछ लेते हैं। लिखने से विचारों को आसानी से व्यक्त कर पाते हैं। लिखने के दौरान अपने अच्छे और बुरे दोनों ही अनुभवों को लिख सकते हैं। जो लोग लिखने के दौरान अपने अच्छे समय को लिखते हैं, इससे फील गुड हार्मोन एन्डॉर्फिन का निर्माण होता है। बुरे अनुभवों को लिखने से स्ट्रेस लेवल कम होता है।

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दिमाग की कसरत

एक शोध के अनुसार, टाइप करने की बजाय पेपर पर लिखने वाले बच्चे चीजों को अच्छी तरह से सीखते हैं। लिखने की प्रक्रिया से मस्तिष्क में बेहतर तरीके से चीजें छप जाती हैं। वहीं कंप्यूटर पर काम करने से सीखने में उतनी अधिक मदद नहीं मिलती। दरअसल, लिखने में कई तरह की ज्ञानेन्द्रियां काम करती हैं। हाथ से लिखने पर मस्तिष्क मांसपेशियों और उंगलियों के पोरों से प्रतिक्रिया हासिल करता है। ऐसी प्रतिक्रिया कीबोर्ड पर टाइप करने से मिलने वाली प्रतिक्रिया के मुकाबले अधिक मजबूत होती है। यदि आप चाहते हैं कि आपका दिमाग स्वस्थ और सक्रिय रहे, तो लिखना शुरू कर दीजिए। एक शोध के अनुसार, हाथ से लिखने की प्रक्रिया में दिमाग की कसरत अधिक होती है। लिखने से मस्तिष्क के विभिन्न हिस्से प्रोत्साहित होते हैं।

जख्म भरते हैं आसानी से

एक अध्ययन के अनुसार, विचलित करने वाले अनुभवों या फिर अपनी समस्याओं को पेपर पर लिखने से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होने के साथ ही शरीर के जख्म तेजी से भरते हैं। अध्ययन में कुछ लोगों को शामिल किया गया। सभी को अपने अच्छे-बुरे अनुभवों को लिखने के लिए कहा गया। कुछ ने दर्दनाक अनुभवों को लिखा, तो कुछ ने अगले दिन के लिए योजनाबद्ध गतिविधियों को दर्ज किया। इन सभी प्रतिभागियों की बांह पर बायोप्सी करने के जख्म थे। दो सप्ताह बाद दोनों समूहों के जख्म के ठीक होने की तुलना की गई। निष्कर्ष में यह बात सामने आई कि जिन्होंने दर्दनाक अनुभवों को लिखा था, उनकी त्वचा ऐसा नहीं करने वालों की तुलना में तीन गुना तेजी से ठीक हुई। दर्दनाक अनुभव लिखने वालों में जख्म भरने की दर 76 फीसदी देखी गई। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह अध्ययन मस्तिष्क और शरीर के बीच के रिश्ते को दर्शाता है।

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