
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : November 13, 2019 12:43 PM IST
स्टडीज़ और रिसर्च यह बताते हैं कि दया का भाव रखने वाले सोशल एंक्जायटी से आसानी से बच लेते हैं।
दयालुता या काइंडनेस (Kindness Health Benefits) हेल्दी लाइफ जीने में मदद कर सकता है। खुशहाल रहने के अलावा यह मन को शांत रखने में भी मदद करता है। इसीलिए किसी की मदद करना, डोनेशन्स करना, गुरूद्वारे या मंदिर में लोगों की सेवा करना इसी भावना को महसूस करने का एक तरीका है। (World Kindness Day)
सोशल एंक्जायटी लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। मेंटल हेल्थ फिजिकल हेल्थ से सीधा जुड़ी हुई है। इस तरह यह सोशल एंक्जायटी की समस्या आपकी लाइफ क्वालिटी पर असर डाल सकती है। स्टडीज़ और रिसर्च यह बताते हैं कि दया का भाव रखने वाले सोशल एंक्जायटी से आसानी से बच लेते हैं। इस तरह मन शांत रहता है और बेचैनी कम होने की वजह से डिप्रेशन या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से भी बचना आसान होता है।
शरीर मे होने वाली सूजन को कई बीमारियों के साथ जोड़कर देखा जाता है। डायबिटीज़, कैंसर, क्रोनिक पेन, मोटापा या ओबेसिटी और माइग्रेन, इन सभी हेल्थ प्रॉब्लम्स की एक वजह सूजन या इंफ्लेशन भी है। ऑक्सिटॉसिन हार्मोन्स सूजन या इंफ्लेमेशन कम करते हैं। विभिन्न स्टडीज़ में यह बात कही गयी है कि दयालुता का भाव ऑक्सिटॉसिन का निर्माण करता है।
जो लोग ज़िंदगी में दया और दूसरों की मदद का भाव रखते हैं, वे संतुष्टि और खुशी ज़्यादा महसूस करते हैं। 2006 में जर्नल ऑफ हेप्पीनेस में प्रकाशित एक स्डटी में यह बात साबित की गयी। दया और कम्यूनिटी सर्विस प्रोग्राम्स में हिस्सा लेने वाले लोगों में अपनी ज़िंदगी के प्रति ज़्यादा संतोष महसूस होता है, और यह बात इस स्टडी की मदद से साबित हो गयी।
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