
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 10, 2022 11:34 AM IST
पिछले कुछ महीनों से कोरोना के रोजाना मामलों की संख्या कम होने बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन फिर से देश के कई हिस्सों में अचानक से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। दिल्ली में असाधारण रूप से कोरोना के मामले बढ़ने के कारण केजरीवाल सरकार ने जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कोविड 19 के जरूरी प्रोटोकॉल्स का पालन किया जाना चाहिए। अचानक से कोरोना के मामले बढ़ने से दिल्लीवासियों के मन में फिर से कई सवाल खड़े हो गए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली के स्कूल फिर से बंद होने चाहिए या नहीं जैसे सवाल लोगों के मन में खड़े हो रहे हैं और इस पर एक्सपर्ट्स भी अपनी राय दे रहे हैं। चलिए जानते हैं दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्कूल फिर से बंद करने पर एक्सपर्ट्स क्या सलाह दे रहे हैं।
एमआरजी स्कूल रोहिणी की प्रिंसिपल अंशु मित्तल ने पीटीआई को बताया कि ‘हम सबको पता है कि कोविड 19 अभी खत्म नहीं हुआ है। हमने उचित जांच तकनीक स्थापित की हैं, ताकि छात्रों के स्वास्थ्य को नकारा या नजरअंदाज न किया जा सके। अस्वस्थ विद्यार्थियों को अलग रखा जाएगा और अगर पर छोड़ दिया जाएगा ताकि वे पर्याप्त आराम कर सकें और दूसरे बच्चे आराम से पढ़ सकें।’
अंशु मित्तल ने आगे पीटीआई को बताया कि ‘जो बच्चे बीमार हैं हम उन्हें भी रिकॉर्ड किए गए लेक्चर भेजेंगे ताकि वे भी पढ़ाई में पीछे न रहें। हेल्थ सेंट्रिक वर्कशॉप की मदद से स्टूडेंट्स को सही स्वच्छता बनाए रखने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे स्वच्छता को प्राथमिकता दें।’ साथ ही वे आगे बताती हैं कि स्कूल में पहले की तरह की सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है।
रोहिणी के श्रीराम वंडर इयर्स की हेड शुभी सोनी का कहना है कि कोविड 19 के मामलों में अचानक से वृद्धि चिंताजनक है, लेकिन स्कूल बंद करना सही विकल्प नहीं हो क्योंकि बच्चों को अब रोजाना स्कूल आने और नियमित तरीके से पढ़ने की आदत पड़ गई है। इस आदत को खराब करना उनकी लॉकडाउन के बाद फिर से बनी शैक्षणिक प्रगति को बिगाड़ सकती है।