
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 25, 2026 8:26 AM IST
men fitness after 30 (image credit: chatgpt)
एक स्वस्थ और खुश जीवन जीने के लिए शारीरिक फिटनेस का होना भी बहुत जरूरी है और आज के समय में लोगों को यह समझ भी आ चुका है कि फिट रहना सिर्फ अच्छा दिखने के लिए ही जरूरी नहीं है बल्कि तरह-तरह की बीमारियों से बचने के लिए भी फिट रहना बेहद जरूरी है। लेकिन सब इस बात को जानते हुए भी भारतीय लगातार इतने अनफिट क्यों बनते जा रहे हैं। अगर पुरुषों की बात करें तो 30 की उम्र के बाद ज्यादातर पुरुष अनफिट हो जाते हैं। आप सोच रहे होंगे फिटनेस इसलिए खराब हो जाती है, जो एक्सरसाइज छोड़ देते हैं। जबकि यह भी देखा है कि जो भारतीय पुरुषों थोड़ी बहुत एक्सरसाइज करते हैं, उनकी फिटनेस भी खराब होने लगती है। लेकिन ऐसा क्यों होता है, इस लेख में हम कुछ ऐसे फैक्टर्स के बारे में जानेंगे जो 30 के बाद पुरुषों में फिटनेस खराब होने की अक्सर वजह बन जाते हैं।
हम भारतीय कितना भी अपने आहार के देसी और ताकतवर बताते रहें, लेकिन यह सच है कि उसमें कार्ब्स की मात्रा ज्यादा है। थोड़ी सब्जी से साथ चार रोटियां खाना या एक कटोरी चावल के साथ प्लेट भर करे चावल निपटा देना, कहीं से भी एक हेल्दी डाइट नहीं है। भारतीय खाने में लोग अक्सर खाने के साथ सलाद बहुत ही कम लेते हैं और रोटी व चावल की मात्रा अधिक लेते हैं, जिसमें कार्ब्स ज्यादा होते हैं।
अब आप सोच रहे होंगे कि ये डाइट को हम बचपन से खा रहे होते हैं, तब तो इतना वजन नहीं बढ़ता फिर 30 के बाद क्यों बढ़ने लगता है। अब यहां पर बारी आती है मेटाबॉलिज्म की उम्र के साथ-साथ शरीर का मेटाबॉलिज्म भी कमजोर होने लगता है, जिससे ये हाई कार्ब्स वाली डाइट शरीर के अंदर जाकर फैट जमा करती है और इस कारण से शरीर का वजन बढ़ने लगता है और साथ ही डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
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भारत में सदियों से पेरेंट्स अपने बच्चों के खानपान का ध्यान रखते आए हैं और उन्हें अच्छे से अच्छा खाना खिलाने की कोशिश करते हैं। अगर बच्चे के पेट भी भर जाए तो भी उसे एक या दो रोटी एक्स्ट्रा खिलाने की कोशिश करते हैं और आप तो जानते ही हैं एक्ट्रा रोटी मतलब एक्ट्रा कार्ब्स। यह सब जानकारी के अभाव के कारण हो रहा है और जानकारी के अभाव के ही कारण पहले भारतीय पेरेंट्स प्रोटीन का ध्यान नहीं दे पाते हैं थे और समय के साथ-साथ हम भारतीयों के शरीर का मसल-मास कुछ इस तरीके से ही ढलता गया। बॉडी में मसल-मास कम होना भी उम्र के साथ-साथ फिटनेस खराब होने का एक कारण बन जाता है।
भारतीयों में “खाते-पीते घर का बच्चा” भी एक ऐसी मानसिकता है, जो बाद में जाकर फिटनेस बिगाड़ने की एक वजह बन जाती है। आज भी ग्रामीण भारत में पेट निकलने को हेल्दी समझा जाता है और अगर किसी का पेट फ्लैट है, तो उसे कमजोर कहा जाता है। लेकिन 30 की उम्र के बाद यही पेट धीरे-धीरे ओवर कंट्रोल हो जाता है और चर्बी सिर्फ पेट के आसपास नहीं बल्कि साइड में भी जमा होने लगती है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल फिटनेस से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल मोटापा या फिर फिटनेस से जुड़ी किसी भी समस्या इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।