हेल्दी जीवन के लिए जरूरी है हार्मोनल बैलेंस, जानिए क्या कहता है आयुर्वेद

हार्मोन्स का असंतुलन हमारे जीवन में कई तरह के बदलाव कर सकता है। इनके असंतुलित होने से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। इसमें वजन का बढ़ना, मूढ़ में बदलाव, अनियमित मासिक चक्र और थकान आदि शामिल हैं। जानिए कैसे करें हार्मोन्स का संतुलन..

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Written By: intern23.seo | Updated : September 14, 2023 3:38 PM IST

Why hormonal balance is important: आज भागदौड़ भरे जीवन में हार्मोन्स का असंतुलन एक आम समस्या बनता जा रहा है। जिसके गंभीर परिणाम हमारे स्वास्थ्य पर देखने को मिलते हैं। बात करें आयुर्वेद की तो ये सदियों से हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अपना पूरा सहयोग करता आया है। हार्मोनल असंतुलन हो या कोई और स्वास्थ्य समस्या आयुर्वेद आपको समग्र स्वास्थ्य की गारंटी देता है। हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हार्मोन का संतुलित होना बेहद जरूरी है। क्योंकि हार्मोन न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालते हैं। हार्मोन के असंतुलन से कई बार यौन संबंधी समस्याएं भी पैदा हो जाती हैं। महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता और पुरुषों में कामेच्छा की कमी हार्मोन के असंतुलन के कारण ही पैदा होती है। आज हम आपको ऐसे 5 आयुर्वेदिक सिद्धांत बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने हार्मोन्स के लेवल को सामान्य रख सकते हैं।

हार्मोन संतुलन के लिए 5 आयुर्वेदिक सिद्धांत (5 Ayurvedic Approach to Hormone Balancing)

आयुर्वेद संतुलित हार्मोन के लिए बैलेंस लाइफस्टाइल के साथ बैलेंस डाइट पर भी जोर देता है। आयुर्वेद के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के शरीर का सिद्धांत अलग होता है, इसलिए सभी के लिए एक जैसे नियम नहीं बनाए जा सकते हैं। लेकिन कुछ ऐसे सामान्य सिद्धांत आयुर्वेद में बताए गए हैं जिन्हें कोई भी व्यक्ति फॉलो कर अपने हार्मोन को बैलेंस कर सकता है।

1. नियमित व्यायाम

हार्मोन के बैलेंस के लिए नियमित रूप से व्यायाम बेहद जरूरी है। यदि आप शरीर को फिट रखना चाहते हैं तो आयुर्वेद आपसे कम से कम 40 मिनट दैनिक व्यायाम की अपेक्षा करता है। जिसमें आप योग, व्यायाम, तैराकी और पैदल चलने को शामिल कर सकते हैं। नियमित व्यायाम आपके तनाव को कम करके रक्त परिसंचरण को तेज कर हार्मोन को संतुलित करता है।

2. पौष्टिक आहार

आयुर्वेद के अनुसार भोजन का असर न केवल हमारे शरीर बल्कि हमारे मस्तिष्क पर भी पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार हमें हमेशा ताजे और मौसमी खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। अलग-अलग प्रकार के फल सब्जियां और मोटे अनाज हमारे हार्मोन लेवल को संतुलित बनाए रखते हैं।

3. भरपूर नींद

आज तनावपूर्ण जीवन और काम की अधिकता में लोगों का सोने का क्रम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जो हमारे हार्मोन असंतुलन के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। संतुलित हार्मोन के लिए हमें कम से कम रोजाना 8 घंटे की नींद लेना आवश्यक है।

4. हर्बल उपाय

आयुर्वेद के अनुसार कुछ हर्बल जड़ी-बूटियों का सेवन हमें नियमित रूप से करना चाहिए। अश्वगंधा, शतावरी और त्रिफला जैसी आयुर्वेदिक औषधियां हमारे हार्मोन लेवल को बैलेंस रखती हैं।

5. तनाव करें कम

लगातार बना रहने वाला तनाव आपके हार्मोन स्तर को भी बिगाड़ सकता है। इसे कम करने के लिए आप ध्यान प्राणायाम और अभ्यंग (मालिश) जैसी आयुर्वेदिक क्रियाओं का सहारा ले सकते हैं। ये आपके तनाव को कम करने के साथ-साथ हार्मोनल बैलेंस को भी ठीक करते हैं।

Disclaimer- ये लेख आपकी जानकारी मात्र के लिए है। स्वस्थ हालात में आप इन उपयों को अपना सकते हैं। यदि आपका स्वास्थ्य खराब है। तब किसी उपाय को अपनाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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