पाचन तंत्र मजबूत करने के लिए कौन सा योग करें?

Which pose is best for digestion : अगर आपको हमेशा पेट फूलना, गैस, पेट दर्द, कब्ज या दस्त जैसी समस्या बनी रहती है, तो इसका मतलब है कि आपकी गट हेल्थ खराब है। इसे मजबूत बनाने के लिए आप कुछ आसन कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं।

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Written By: Kishori Mishra | Published : January 24, 2026 4:25 PM IST

What is digestive yoga : कहते हैं कि अगर पेट सही रहता है, तो आपकी हेल्थ भी अच्छी रहती है। हालांकि, आजकल की बिजी लाइफस्टाइल और खराब खान-पान की वजह से लोगों का पाचन बिगड़ जाता है, जिसकी वजह से गट हेल्थ पर भी असर पड़ता है। इससे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, जिसे आमतौर पर IBS के नाम से जाना जाता है, यह होना आम हो गया है। यह सिंड्रोम पाचन तंत्र को प्रभावित करता है और पेट फूलना, गैस, पेट दर्द, कब्ज या दस्त जैसी समस्या पैदा कर सकता है। तनाव, अनियमित खाने की आदतें और सेंसिटिव पेट इन समस्याओं को और ज्यादा बढ़ा देती हैं। ऐसे में दवा और डाइट में जितने बदलाव ज़रूरी हैं, उतने ही बदलाव लाइफस्टाइल में भी जरूरी होते हैं। इसके अलावा, कुछ योगा पोज भी पाचन को बेहतर बनाने में कारगर हो सकते हैं।

पाचन के लिए कौन सा योगासन अच्छा होता है?

ऊर्ध्व मुख श्वानासन

इस योग पोज को करने से छाती की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, तनाव और चिंता को कम करने में भी मदद मिलती है। दरअसल, ये सभी चीजें IBS के लक्षणों को और ज्यादा बिगाड़ देती हैं। इस आसन को करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें-

  • सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं, पैर सीधे हों और हथेलियां जमीन पर हों।
  • गहरी सांस लेते हुए, हथेलियों और पैरों के पंजों के बल अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं
  • ध्यान रखें कि कलाई कंधों के सीध में हों, छाती आगे की ओर हों। सिर को पीछे की ओर लेकर जाएं। सिर उतना ही पीछे रखें, जितने में गर्दन में खिंचाव न हो।
  • कुछ समय इसी पोजिशन में रुकें और फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे शरीर को पहली स्थिति में ले आएं।

अधो मुख श्वानासन

यह पोज़ शरीर को एनर्जी देता है, रीढ़ की हड्डी को मजबूत और सीधा करता है। इसके अलावा, इस योग को करने से पेट की मांसपेशियां टोन होती हैं। यह सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर पाचन को भी अच्छा रखता है। कैसे करें:

  • इस योग को करने में शरीर उल्टे 'V' आकार में होता है, जिससे हाथ, कंधे, पैर और रीढ़ मजबूत होते हैं।
  • इसे करने के लिए सबसे पहले हाथों-घुटनों के बल से कूल्हों को ऊपर उठाएं।
  • एड़ियों और अपनी हथेली को जमीन पर रखें। इससे आपका पूरा शरीर स्ट्रेस होता है।
  • कुछ समय तक इसी अवस्था में रुके रहें। इसे आप-10-15 बार कर सकते हैं।
  • इससे तनाव कम होता है और शरीर का लचीलापन बढ़ता है।

भुजंगासन (कोबरा पोज़)

भुजंगासन पेट को टोन करता है, पाचन अंगों को एक्टिव करता है और थकान व तनाव को कम करने में मदद करता है। यह ब्लड फ्लो को भी बेहतर बनाता है। कैसे करें-

  • इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं और हथेलियों को जमीन पर रखें।
  • कोहनियों को शरीर के पास रखें
  • फिर अपनी सांस अंदर लें और धीरे-धीरे अपनी छाती ऊपर उठाएं
  • पेल्विस को ज़मीन पर टिकाए रखें
  • कुछ देर सांस रोककर रखें, फिर छोड़ दें। इससे पेट की सेहत को बनाए रखने में काफी मदद मिलती है।

Highlights

  • पाचन की मजबूती के लिए खानपान के साथ-साथ कुछ योग भी फायदेमंद हो सकते हैं।
  • भुजंगासन आपके पाचन के अंगों को एक्टिव रखता है।
  • अधो मुख आसन पाचन के साथ-साथ रीढ़ के लिए भी अच्छा माना जाता है।
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