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Written By: Editorial Team | Published : August 3, 2017 5:33 PM IST
मोटापा एक गंभीर समस्या है। इससे कई रोगों का खतरा होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि आप जो फैट कम करते हैं आखिर वो जाता कहां है? जाहिर है अधिकतर लोग केवल इतना जानते हैं कि फैट एनर्जी या हीट में कन्वर्ट हो जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है।
जब आप कभी सुनते होंगे कि किसी व्यक्ति का वजन 100 किलो था और उसने 50 किलो कम किया, तो आपके जहन में जरूर यह सवाल उठता होगा कि 50 किलो वजन कहां गया? इस सवाल का जवाब शोधकर्ता डॉक्टर रूबेन मेरमैन और डॉक्टर एंड्रयू जम्मू ब्राउन ने खोज निकाला है और वो सबको हैरान करने वाला है। इनके अनुसार, जो फैट आप कम करते हैं, वो पसीने, पेशाब आदि के जरिए बाहर नहीं निकलता है बल्कि यह आपकी सांस से कार्बन डाइऑक्साइड के रूप में बाहर निकलता है।
बॉडी फैट का यूज कैसे करती है
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, डायट में जब कार्बोहाइड्रेट या प्रोटीन अधिक होता है, तो मानव शरीर उन्हें ट्राइग्लिसराइड्स में बदल देता है और उन्हें लिपिड ड्रॉपलेट्स जमा करता है। इसलिए जब आप कम फैट वाली डायट लेते हैं और वर्कआउट करते हैं, तो आपकी बॉडी ट्राइग्लिसराइड्स या फैट का उपयोग करती है। इस प्रोसेस में जहां ट्राइग्लिसराइड्स ऑक्सीडेज में कई एंजाइम और बायोकेमिकल शामिल हैं। शोधकर्ताओं ने इस स्टेप को कुछ इस तरह समझाया है-
सी55H104O6 + 78O2 → 55CO2 + 52H2O + ऊर्जा
शोधकर्ताओं के अनुसार, 10 किलो फैट बर्न करने के लिए 29 किलो इन्हेल्ड ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इस प्रक्रिया में 28 किलो कार्बन डाइऑक्साइड और 11 किलोग्राम पानी उत्पन्न होता है। उन्होंने यह भी पता लगाया कि परमाणु शरीर को कैसे छोड़ देते हैं और पाया गया कि कुल 10 किलोग्राम फैट का 8.4 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड के रूप में छोड़ा जाता है। शेष 1.6 किलो पानी मूत्र, पसीना और अन्य शारीरिक द्रवों के माध्यम से उत्सर्जित होता है।
फेफड़े वजन घटाने का कारण बनते हैं
वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला है कि आपके वजन घटाने के लिए आपको अपने अंगों का आभार व्यक्त करना चाहिए इसलिए जितनी अधिक श्वास आप लेते हैं उतना अधिक वजन आपको खोते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप आलसी हो जाएं और जिम जाना या डायट लेना छोड़ दें। क्योंकि जब आप काम करते हैं, तो आप अधिक सांस लेते हैं। और जितना अधिक आप सांस लेते हैं, उतना अधिक ही फैट सेल्स को कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में परिवर्तित मदद मिलती है।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock