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मेटाबॉलिज्म यानी हमारे शरीर की वह प्रक्रिया जिसमें खाने से एनर्जी को तब्दील किया जाता है। अगर किसी व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म तेज रहता है, तो शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है और वजन हमेशा ही मैनेज रहता है। वहीं, दूसरी तरफ जब मेटाबॉलिज्म धीमा हो तो शरीर पर चर्बी जमा होने लगती है, जिससे वजन और मोटापा दोनों ही बढ़ता है।
मेटाबॉलिज्म हमेशा तेज रहे इसके लिए खानपान में कुछ चीजों को शामिल करना फायदेमंद होता है। इस लेख में हम आपको ऐस ही 5 फूड्स की जानकारी दे रहे हैं, जिसे खाने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और आपको वजन कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है।
विभिन्न प्रकार की दालें, राजमा, छोले, पनीर, अंडे और चिकन जैसे प्रोटीन रिच फूड्स मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रोटीन को पचाने में शरीर को ज्यादा एनर्जी खर्च करनी पड़ती है, जिसे “थर्मिक इफेक्ट ऑफ फूड” कहा जाता है। इससे कैलोरी बर्न अधिक होती है और मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। दिल्ली के द्वारका स्थित मैक्योर हॉस्पिटल की डाइटिशियन डॉ. सुख सबिया प्रीत का कहना है कि जो लोग रोजाना ही डाइट में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन को शामिल करते हैं, उनका मेटाबॉलिज्म तेज रहता है और वजन को मैनेज करने में मदद मिलती है।
ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन और कैफीनमेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देते हैं। नियमित रूप से 1 से 2 कप Green Tea लेने से फैट ऑक्सीडेशन में सुधार हो सकता है। वहीं सीमित मात्रा में ब्लैक कॉफी भी एनर्जी स्तर और कैलोरी बर्न बढ़ाने में सहायक होती है।
लाल मिर्च, काली मिर्च और अदरक जैसे मसालों में ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर का तापमान हल्का बढ़ाते हैं और मेटाबॉलिज्म को एक्टिव करते हैं। डाइटिशियन का कहना है कि लाल मिर्च में पाया जाने वाला कैप्साइसिन फैट बर्निंग में मदद कर सकता है।
ओट्स, ब्राउन राइस और जौ जैसे साबुत अनाज फाइबर से भरपूर होते हैं। इन्हें पचाने में अधिक समय और एनर्जी लगता है, जिससे मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है। साबुत अनाज खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और आपको खाने की क्रेविंग कम होती है। नाश्ते से लेकर डिनर तक सीमित मात्रा में अगर साबुत अनाज खाया जाए, तो इससे मेटाबॉलिज्म एक्टिव करके वजन घटाने में मदद मिलती है।
बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी के बीज हेल्दी फैट और प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। ये न केवल मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं बल्कि हार्मोन संतुलन में भी मदद करते हैं। सप्ताह में 1 मुट्ठी नट्स और बीज खाने से मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है और बीमारियों का खतरा कम होता है। डाइटिशियन कहती हैं कि आज के दौरान में 10 में से 8 लोगों को बीमारियां सिर्फ मेटाबॉलिज्म के धीमे होने के कारण हो रही है। इसलिए इस पर फोकस करना जरूरी है। मेटाबॉलिज्म तेज होने से वजन घटाने से लेकर बीमारियों का खतरा तक कम करने में मदद मिलती है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।