
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : April 16, 2026 1:19 PM IST
Medically Verified By: Dr Anju Ghei
वजन को कंट्रोल में कैसे रखें?
Weight Ko Manager Kaise Kare: लंबे समय तक वजन को सही तरीके से बनाए रखने का अर्थ यह नहीं होता है कि आप कुछ समय के लिए डाइटिंग करें। बल्कि इसका असली अर्थ है कि ऐसी सेहतमंद आदतें अपनाना जिन्हें आप हर रोज़ निभा सकें। इन सेहतमंद आदतों से आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, भूख नियंत्रित रहती है, और आपकी संपूर्ण सेहत में सुधार आता है। एक अच्छे वजन नियंत्रण प्लान में संतुलित खानपान, नियमित एक्सरसाइज, खराब आदतों को बदलना और जरूरत पड़ने पर दूसरों का सहयोग लेना शामिल होता है। ये सभी चीजें आपको लंबे समय तक अपने वजन को नियंत्रित रखने में मदद करती हैं।
यह जानना भी जरूरी है कि वजन नियंत्रित रखना काफी मुश्किल होता है, लगभग 20% लोग ही लंबे समय तक अपने वजन को एक जैसा नियंत्रण में रख पाते हैं। VLCC Healthcare में वाइस प्रेसिडेंट और प्रिवेंटिव हेल्थ की हेड डॉक्टर अंजू घेई लंबे समय तक वजन को नियंत्रित रखने का मतलब सिर्फ ज्यादा मेहनत के साथ प्रयास करना नहीं है, बल्कि निरंतर मेहनत करते रहना जरूरी है। इसका सबसे असरदार तरीका कोई जल्दी वाला उपाय नहीं होता, बल्कि यह शरीर की सही कार्यप्रणाली (फिजियोलॉजी), हमारी रोज की आदतों में बदलाव और इन आदतों को लंबे समय तक बनाए रखने पर निर्भर करता है।
इंसानी शरीर इस तरह से बना होता है, जो अचानक वजन कम नहीं कर सकता है। बहुत कम कैलोरी वाली डाइट आपके शरीर की गति धीमी कर सकती है। शरीर कम कैलोरी जलाकर ऊर्जा बचाने की कोशिश करता है। इसे 'अडैप्टिव थर्मोजेनेसिस' कहते हैं। इसके साथ ही भूख भी बढ़ जाती है, क्योंकि ‘भूख वाला हार्मोन’ ‘ग्रेलिन बढ़ जाता है और ‘पेट भरने वाला हार्मोन’ 'लेप्टिन' कम हो जाता है। इसकी वजह से ज्यादा भूख लगती है और ऊर्जा भी कम महसूस होती है, जिस वजह से सख्त डाइट पर टिके रहना मुश्किल हो जाता है।
बहुत ज्यादा सख्त डाइटिंग करने के बजाय उन आदतों पर ध्यान दें जिन्हें आप लंबे समय तक अपना सकते हैं। एक बेहतर तरीका यह है कि आप अपने खाने में शुद्ध, पौष्टिक और फाइबर से भरपूर चीज़ें शामिल करें जैसे कि सब्जियां, फल, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट आदि अपनी डाइट में शामिल करें। ये चीजें आपकी भूख को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने, पेट की सेहत सुधारने और खून में ग्लूकोज के स्तर को स्थिर रखने में मदद करती हैं। वहीं अगर बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड खाना खाया जाए तो मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी होने लगती है।
तेजी से वजन कम होने के दौरान शरीर अच्छे और बुरे वजन के बीच फर्क नहीं कर पाता है। क्रैश डाइटिंग से अक्सर फैट के साथ-साथ मांसपेशियों का वजन भी कम हो जाता है। ऐसा होने से बेसल मेटाबोलिक रेट घट जाता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लें और अपनी दिनचर्या में रेजिस्टेंस ट्रेनिंग को शामिल करें। ये उपाय मांसपेशियों के वजन को बनाए रखने, पेट भरे होने का एहसास बेहतर करने और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को सहारा देने में मदद करते हैं।
जो एडल्ट लोग शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं और पौष्टिक भोजन करते हैं, उनके लिए लंबे समय तक अपना वजन नियंत्रित रखना ज्यादा आसान होता है। एक्सरसाइज सरल, नियमित और व्यावहारिक होनी चाहिए। यह किसी सजा जैसा नहीं लगना चाहिए। पैदल चलना, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और कुछ हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट का मिश्रण मांसपेशियों को मजबूत रखने के साथ-साथ मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन के स्तर को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है। थोड़े समय के लिए बहुत ज्यादा मेहनत वाली एक्सरसाइज करके फिर उसे छोड़ देने की तुलना में लंबे समय तक थोड़ा-बहुत लेकिन नियमित एक्सरसाइज करना कहीं ज्यादा बेहतर होता है।
खानपान और एक्सरसाइज के अलावा नींद, तनाव और रोजमर्रा की गतिविधि से वजन नियंत्रण बहुत अच्छे से होता है। लंबे समय तक नींद की कमी और ज्यादा तनाव होने से हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है खास करके कोर्टिसोल और इंसुलिन का संतुलन खराब हो सकता है। इससे शरीर में और खासकर पेट के हिस्से में चर्बी जमा होने लगती है।
यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि वजन कम करना कोई आसान प्रक्रिया नही है। वजन घटने की प्रक्रिया में ठहराव आना एक सामान्य बात है और यह शरीर में स्वाभाविक रूप से होता है, इसलिए आपको इसके लिए तैयार रहना चाहिए। कोई भी कड़ा कदम उठाने के बजाय अपनी डाइट और एक्सरसाइज में छोटे-छोटे और निरंतर बदलाव करना ज्यादा बेहतर होता है। ये आसान बदलाव आपको इस ठहराव से ज्यादा असरदार तरीके से आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
वजन घटाने की प्रक्रिया लंबे समय तक सफल होने के मौके तब बढ़ जाते हैं जब लोग यह प्रयास अकेले नहीं करते। रिसर्च बताती है कि डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से नियमित सलाह लेना, या किसी ग्रुप का सपोर्ट मिलना, वजन को नियंत्रित में रखने में ज्यादा मदद करता है। एक पूरा वेलनेस प्रोग्राम जिसमें पर्सनलाइज्ड डाइट प्लान, बॉडी ट्रैकिंग, लाइफस्टाइल कोचिंग, वेट लॉस ट्रीटमेंट और रेगुलर प्रोग्रेस चेक शामिल हों, वह वजन कम करने के इस सफर को आसान और ज्यादा टिकाऊ बना सकता है।
ऐसे प्रोग्राम भ्रम दूर करते हैं और एक स्पष्ट योजना प्रदान करते है। यह आपको समस्याओं का इंतज़ार करने के बजाय आपके शरीर में बदलाव के साथ अपनी योजना को व्यवस्थित करने में भी मदद करता है। समय के साथ इस तरह की सही सलाहें कम समय के प्रयासों को लंबे समय तक चलने वाले परिणामों में बदल सकता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
1 महीने में 10 किलो वजन बढ़ाने के लिए, आपको प्रतिदिन अपने वर्तमान कैलोरी सेवन से लगभग 500 कैलोरी अधिक का सेवन करना होगा।
वजन कम करने के लिए आपको अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फूड्स को जरूर शामिल करना चाहिए।
वजन कम करने के लिए आप त्रिकोणासन, ताड़ासन और भुजंगासन का अभ्यास कर सकते हैं।
अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो फास्ट फूड्स, प्रोसेस्ट फूड्स और जंक फूड्स का सेवन बिल्कुल न करें। इस दौरान आपको घर पर बना तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से भी परहेज करना चाहिए।
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