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Written By: akhilesh dwivedi | Published : September 28, 2018 4:40 PM IST
हड्डी टूटने पर शरीर में कौन-कौन से होतें हैं बदलाव। © Shutterstock
इंसान का शरीर हड्डियों पर ही आधारित है। अगर हड्डियां में कोई समस्या आती है तो इंसान की क्रियाशीलता पर असर पड़ जता है। हड्डियों के टुटने के कई कारण होते हैं। कभी-कभी गिरने की वजह से हड्डियां टूटती हैं या कोई दूर्घटना होने पर ऐसा होता है। कुछ लोगों कि हड्डियां इतनी कमजोर होती हैं की सामान्य तौर पर गिरने पर भी टूट जाती हैं। हड्डियां टूटना बहुत कष्टदायक भी हो सकता है। हड्डियों के टूटने के बाद की क्रिया में क्या-क्या असर पड़ता है इंसान पर हम उस पर बात करेंगें। हड्डी टूटने के बाद शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। इन बदलावों के बारे में हर इंसान को जागृत रहना चाहिए। अगर आपको इन बदलाओं के बारे में जानकारी होने से आप कई तरह की समस्या से बच सकते हैं। तो देर किस बात की आइए जानते हैं बदलावों के बारे में।
हड्डी बनती कैसे है ?
क्या आपने सोचा है कि जब हड्डी टूट जाती है तो उसे जोड़ने के लिए दूसरी हड्डी कैसे बनती हैं। आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। ऐसा नहीं है कि यह जानकारी सिर्फ आपके काम आयेगी यह जानकारी आपके किसी जानने वाले के लिये भी जरूरी हो सकती है। हड्डी टूटने के बाद शरीर के अंदर बदलाव आता है जिसे कैलस टूटना कहा जाता है। कोई भी हड्डी टूटती है उसके बनने में 3-4 सप्ताह का समय लगता है। कभी-कभी यह उससे ज्यादा हो सकता है। क्योंकि यह हड्डी के आकार और मोटाई पर निर्भर करता है।
सूजन
इसके बारे में शायद आप परिचित हों लेकिन यह क्यों होता है ये नहीं पता होगा। इसका मुख्य कारण होता है शरीर का इम्यून सिस्टम जो शरीर को किसी भी खतरे से बचाने के लिए काम करता है। हड्डी टूटने के बाद सूजन तब तक रहता है जब तक उसके बनने की क्रिया प्रारम्भ नहीं हो जाती है। हड्डी को जोड़ने के लिए शरीर टिशू, बोनमैरो और स्टेम सेल्स को फ्रैक्चर वाली जगह भेजता है। यह क्रिया तब तक चलती है जब तक हड्डी जुड़ नहीं जाती है।
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हीमेटोमा और रक्त कोशिकाएं
हड्डियां जब टूटती हैं तो उनके आसपास खून का थक्का जमा हो जाता है इसका कारण है शरीर उसे ठीक करने के लिए ऐसा करता है। यह तब तक रहता है जब हड़ियों का ठीक होने की क्रिया शुरू हो जाती है। यह एक तरह से प्रोटीन का काम करता है। इसके साथ ही एक क्रिया और भी होती है हड्डियों के टूटने वाली जगह पर रक्त कोशिकाएं भी टूटती हैं जो फ्रैक्चर को ठीक करने के लिए एकत्र होती हैं।