क्या आप भी जिम नहीं जा पाते ? वर्चुअल जिमिंग के बारे में क्या सोचते हैं ?

वर्चुअल जिमिंग एक तरह से मोबिलिटी जिम है जिसे आप कहीं भी किसी भी समय कर सकते हैं। लोगों को यह ट्रेंड बहुत भा रहा है।

WrittenBy

Written By: akhilesh dwivedi | Updated : January 24, 2019 11:01 AM IST

मौसम कोई भी हो फिटनेस के लिए अक्सर लोगों में आलस देखा जाता है। जिमिंग या वर्कआउट के लिए घर से बाहर निकलना लोगों को बहुत ज्यादा बोर भी करता है। ज्यादातर फिटनेस ट्रेनर मानते हैं की लोग कुछ दिन तो उत्साह में होते हैं लेकिन फिर घर से बाहर निकलने के आलस में जिम आना छोड़ देते हैं। वहीं कुछ लोगों को लगता है कि फिटनेस के लिए जिम में इतना पैसा क्यूं लगाया जाय।

ब्रेस्ट, थाई और बट को सेक्सी लुक देने के लिए यह एक्सरसाइज है सबसे बेहतर।

इस समय ठंड का मौसम है तो लोग सर्दी की वजह से और भी ज्यादा आलस करते हैं। क्या आप भी कुछ ऐसा ही करते हैं तो फिर आपको वर्चुअल जिमिंग के बारे में सोचना चाहिए। जिम न जाने की तमाम समस्या के समाधान के तौर पर विशेषज्ञों ने वर्चुअल होम जिमिंग का ट्रेंड इजाद किया है। लोगों को यह ट्रेंड बहुत भा रहा है।

क्या है वर्चुअल जिमिंग ?

मोबाइल एप या सॉफ्टवेयर के सहारे जिम के नए कॉन्सेप्ट को लाया गया है। ऐसे में लोगों को सुविधा मिलती है कि घर पर ही जिम जैसा वर्कआउट करें। इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं तो होती ही हैं साथ ही जिम ट्रेनर अलग से व्यक्तिगत तौर पर लोगों के शरीर की जानकारी लेकर उनके स्वास्थ्य की जांच करते हैं और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सेशन देते हैं। इसको कस्टम होम जिमिंग कहा जाता है।

बॉडी बनाने की होड़ में कुछ युवा क्यों हो रहे हैं बीमार ?

वर्चुअल जिमिंग में जब मन चाहे अपना समय निकालकर घर की ही किसी हिस्से में मोबाइल या बड़ी स्क्रीन पर वर्कआउट देखते हुए उसका अनुसरण कर सकते हैं। इसमें वीआर जैसे अत्याधुनिक तकनीक भी आ गई हैं जिसमें ऐसा प्रतीत होता है कि लोगों के बीच वास्तविक जिम में कसरत की जा रही है।

mobility-gym वर्चुअल जिमिंग एक तरह से मोबिलिटी जिम है जिसे आप कहीं भी किसी भी समय कर सकते हैं। ©Shutterstock.

बढ़ रहा फिटनेस के प्रति रुझान

कई बार फिटनेस पाने के लिए जिम की फीस भरी लेकिन कुछ कक्षाओं के बाद अनियमित हो जाती थी। इसके बाद अब वे इस वर्चुअल ट्रेनिंग को अपना रही हैं। उनका कहना है कि आजकल की भागदौड़, ट्रैफिक व ड्राइविंग में समय बिताने वाली पीढ़ी के लिए यह बेहतरीन कॉन्सेप्ट है।

सलमान ने क्यों कहा ”रोज करते हो करो-मगर ट्रेनर के बिना मत करो”। 

यह कॉन्सेप्ट ज्यादा लोगों को फिटनेस से जोड़ रहा है। कई ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम आ रहे हैं। उन्हें किस तरह से व कितनी देर के लिए करना है, यह सभी जानकारी भी अब उपलब्ध रहती है।

क्या कहना है फिटनेस एक्सपर्ट का ?

फिटनेस एक्सपर्ट के अनुसार, इस मौसम में लोग जिमिंम को लेकर थोड़े आलसी हो जाते हैं। ऐसे में यह कॉन्सेप्ट लोगों को भी रहा है कि उन्हें घर बैठे ही जिमिंग फायदा मिल रहा है। हालांकि इसमें भी अनियमितता होने की संभावना बनी रहती है। जहां बात केवल अपनी सहूलियत व मर्जी की आ जाती है और कोई ट्रेनर फिजिकली मौजूद नहीं होता तो कई बार लोग इस प्रक्रिया में ढिलाई बरतने लगते हैं।

सुबह वर्कआउट या जॉगिंग से पहले क्या खाएं और क्या न खाएं ?

फिट रहने के लिए सेल्फ मोटिवेशन की जरूरत होती है। वर्चुअल फिटनेस में यह मोटीवेशन लगातार मिलता रहता है। इसमें घर पर ही छोटा सा सेटअप करके एक स्क्रीन के जरिए दिशा निर्देश मिलता रहता है। यह कॉन्सेप्ट बड़े वर्ग को फिटनेस के प्रति जागरूक बना रहा है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.