मन की शांति और तनाव की मुक्ति के लिए रोज करें भ्रामरी प्राणायाम, जानें इसे करने का तरीका

Bhramari Pranayama Benefits : योग हमारे मन को शांत करता है। कई तरह के योगासन स्वास्थ्य के लिए हेल्दी होते हैं, जिसमें भ्रामरी प्राणायाम काफी प्रभावी है। आइए जानते हैं इस योग के बारे में विस्तार से-

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Written By: Kishori Mishra | Published : February 10, 2026 7:08 AM IST

Bhramari Pranayama Benefits: भ्रामरी प्राणायाम एक ऐसा प्राणायाम है, जो आपके मन को शांत करने और स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है। इसे सांस अंदर लेकर, गुनगुनाकर और रिलैक्स करके करना होता है। इसके अलावा, भ्रामरी में सही पोस्चर, सांस पर कंट्रोल, हाथों की सही जगह और मेडिटेशन का ध्यान रखना भी शामिल हैं। ये ज़रूरी हैं क्योंकि भले ही बहुत से लोग भ्रामरी प्राणायाम करते हैं, लेकिन इसे अक्सर सही तरीके से नहीं किया जाता है। शरीर का अच्छा पोस्चर सांस को गाइड करने में मदद करता है। ये कारक इस बात पर असर डालते हैं कि यह प्रैक्टिस नर्वस सिस्टम और दिमाग को कैसे प्रभावित करती है।

भ्रामरी प्राणायाम कैसे करता है आपके दिमाग को शांत

भ्रामरी प्राणायाम आवाज़ को जीवन का एक ज़रूरी हिस्सा मानता है। इतिहास में कई कल्चर ने आवाज़ को एक मुख्य शक्ति के रूप में पहचाना है जो छोटे कणों से लेकर विशाल ब्रह्मांड तक सब कुछ को आकार देती है। भ्रामरी आवाज़ को एक असली और मापने योग्य पहलू के रूप में मानती है जो हमारे शरीर को प्रभावित करता है। यह प्रैक्टिस हमारी अपनी सांसों की आवाज़ से हमारे अंदर कंपन पैदा करने पर फोकस करती है।

क्या भ्रामरी प्राणायाम (गुनगुनाना) आपकी सेहत के लिए अच्छा है?

गुनगुनाने की आवाज़ हमारे स्वास्थ्य पर पॉजिटिव असर डाल सकती है। जिन्होंने मानव शरीर का बारीकी से अध्ययन किया है, उन्होंने यह पता लगाया है कि कंपन हमारे टिशू, फ्लूइड मूवमेंट और नर्वस सिस्टम को कैसे प्रभावित करते हैं।

भ्रामरी प्राणायाम स्टेप बाय स्टेप कैसे करें?

शांत जगह चुनें

भ्रामरी को करने के लिए आपको एक शांत जगह की जरूरत होती है, जहां आप बिना किसी रुकावट के बैठ सकें। यह आपके घर का कोई आरामदायक कोना या पार्क में कोई शांतिपूर्ण जगह हो सकती है। दरअसल, आपके मन की शांति के लिए एक शांत जगह का होना जरूरी है।

आराम से बैठें

इस प्राणायाम को करने के लिए अपने पैरों को फर्श पर क्रॉस करके या कुर्सी पर इस तरह बैठें कि आपके पैर ज़मीन पर सीधे हों। अपनी पीठ सीधी रखें, कंधे ढीले रखें और हाथ घुटनों या जांघों पर रखें। फिर आंखें बंद करें और अपनी सांसों पर फोकस करें।

गहरी सांस लें

अपनी नाक से गहरी सांस लें, जिससे आपका पेट पूरी तरह से फूल जाए। यह सांस आपको आवाज़ निकालने के लिए तैयार करती है। फिर जैसे ही आप सांस को छोड़ें, तो मधुमक्खी की तरह गुनगुनाएं। सांस छोड़ते और गुनगुनाते समय कल्पना करें कि आपकी आवाज आपके शरीर में घूम रही है, जिससे आप रिलेक्स हो रहे हैं। इसे लगभग 6 से 10 बार करें। कंपन को अपने अंदर गहराई तक महसूस करें। अपने अंदर की आवाज़ सुनें और उसे अपने मन में धीरे से गूँजने दें। इस सेशन के बाद एक मिनट के लिए चुपचाप बैठें।

भ्रामरी प्राणायाम से होने वाले फायदे

अगर आप नियमित रूप से भ्रामरी प्राणायाम करते है, तो इससे आपका तनाव तो दूर होता ही है, साथ ही हार्ट रेट भी बेहतर होता हैऔर शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो भी बेहतर होता है।

Highlights

  • योग आपके मन को शांत करता है।
  • भ्रामरी प्राणायाम से तनाव दूर होता है।
  • हार्ट रेट को बेहतर करने के लिए  भ्रामरी योग करें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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