रूजुता दिवेकर की ये टिप्स शादी के मौसम में रखेंगी आपको फिट एंड हेल्दी

वेट लॉस, अच्छे पाचन और हेल्दी डायट के लिए ज़रूर पढ़ें यह आर्टिकल।

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Written By: Editorial Team | Updated : April 16, 2018 9:23 AM IST

शादियों का मौसम चल रहा है, और हम में से ज्यादातर लोग  शादी-त्योहार के दौरान जमकर जंक फूड खाने, पीने, देर रात पार्टी करने और लंबी दूरी का सफर करते हैं। आपको यह बात स्वीकार करनी होगी कि, यह वह समय है जब हम जिम नहीं जाते, कसरत नहीं करते और अपनी हेल्थ से ज़्यादा अपने जीभ पर ध्यान देते हैं। इससे हमारे वेट लॉस गोल और फिटनेस प्लान में अड़चन आती है, हम हेल्दी खाने की बजाय बहुत सारा अनहेल्दी खाना खा लेते हैं, जिसके चलते हमारे शरीर, त्वचा, बाल, नींद और पूरी सेहत पर इसका असर दिखायी पड़ने लगता है। शादी के सीजन में खाए जाने-वाले चाट-पकौड़े और पकवानों के बीच किस तरह हम अपनी पाचन क्रिया को ठीक रख सकते हैं उसी के बारे में बता रही हैं सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दीवेकर। साथ ही वो दे रही हैं टिप्स इस जश्न के माहौल में वेट लॉस की भी, तो ध्यान में रखिए ये कुछ बातें और उन्हें फॉलो कीजिए:

  • दोपहर के भोजन के बाद हिंग और काला नमक मिलाकर एक गिलास छास पीएं- जहां छास या मट्ठा प्रोबायोटिक्स और विटामिन बी12 का एक अच्छा स्रोत है, वहीं हिंग और काला नमक का मिश्रण आपको ब्लोटिंग, गैस को कम करने और आईबीएस (IBS) को रोकने में भी मदद करेगा। यह खास तौर पर उन लोगों के लिए ज़रूरी है, जो शाम को होनेवाली पार्टियों और कार्यक्रमों में अपना फ्लैट टमी दिखाना चाहते हैं।
  • सोने से पहले एक चम्मच च्यवनप्राश खाएं- अगर किसी ऐसी शादी में जा रहे हैं जो देर रात तक चलनेवाली है या किसी डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए जा रहे हैं तो आपको अपनी रोगप्रतिरोधक शक्ति यानि इम्यूनिटी बनाए रखनी होगी और आपकी त्वचा की समस्याओं का भी ध्यान रखना होगा। च्यवनप्राश आपके इम्यून सिस्टम को मज़बूत रखता है। यह फ्लेवोनोइड्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। च्यवनप्राश खाने से आपकी त्वचा शादियों के इस मौसम में नरम और मुलायम बनी रहती है।
  • गुड़, घी और सोंठ वाले मेथी लड्डू खाएं- यह लड्डू पेट की ऐंठन और कॉन्स्टिपेशन या कब्ज को रोकता है, इंस्टेटाइनल म्यूकस को बढ़ा ता है और आपके बालों को चमकदार बनाए रखने में मदद करता है। ये सारी समस्याएं लंबी यात्रा, तनाव और देर तक जागने के कारण आपको परेशान कर सकती हैं। इसे सुबह के नाश्ते में या शाम 4-6 बजे भूख लगने पर खाया जा सकता है। यह ब्लड शुगर रेग्यूलर रखने में भी मदद करेगा।

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अनुवादक-Sadhana Tiwari

चित्रस्रोत- Shutterstock

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