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Wellness Travel के भी हैं कई फायदे, जानकर हो जाएंगे हैरान !

जो लोग वेलनेस ट्रैवल करते हैं, उनमें तनाव और एंग्जाइटी 75 प्रतिशत कम होता है। मूड 75 प्रतिशत पॉजिटिव रहता है।

Written by Anshumala |Published : May 7, 2018 6:57 PM IST

ट्रैवलिंग का शौक तो आपको होगा ही। वैसे भी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां पड़ने ही वाली हैं। आप कहीं न कहीं घूमने जाने की प्लानिंग कर भी रहे होंगे। घूमने का असली मजा तब है, जब यात्रा करने के बाद आपको मानसिक और शारीरिक रूप से तनाव मुक्त एवं रिलैक्स महसूस हो। ऐसा संभव है 'वेलनेस ट्रैवल' के दौरान। वेलनेस ट्रैवल यानी खुद को रिजूवनेट करना। इसमें हेल्दी खानपान, मेडिटेशन, योग, साइकलिंग, रनिंग, विशेषज्ञों द्वारा क्लासेज और लेक्चर्स आदि शामिल होते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग वेलनेस ट्रैवल करते हैं, उनमें तनाव और व्यग्रता (anxiety) 75 प्रतिशत कम होता है। मूड 75 प्रतिशत पॉजिटिव रहता है। 69 प्रतिशत तक वे आराम महसूस करते हैं। 34 प्रतिशत हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाते हैं और 35 प्रतिशत तक वजन कम होता है।

कहां जाएं घूमने

यदि आप वेलनेस ट्रैवल पर जा रहे हैं, तो उन जगहों पर घूमने जाएं या उन होटल्स का चुनाव करें, जहां स्पा ट्रीटमेंट, योग और मेडिटेशन की सुविधा हो। रिलैक्स होकर घर लौटना चाहते हैं, तो वेलनेस ट्रैवल से हेल्दी कुछ और नहीं।

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सुकून पाना है तो

आजकल कम बजट में भी कई होटल्स स्पा ट्रीटमेंट उपलब्ध कराते हैं। स्पा से शारीरिक और मानसिक सुकून मिलता है। यदि आपके पास पर्याप्त पैसे हों, तो वहां ठहरें जहां स्पा, स्पिरीचुअल हीलिंग और वेलनेस क्रूज की व्यवस्था हो। भारत में कई ऐसे वेलनेस रिसॉर्ट हैं, जहां योग, मेडिटेशन आप कर सकते हैं। यहां अनुभवी योगा और मेडिटेशन टीचर्स कई तरह के योग स्टाइल ऑफर करते हैं। इन्हें करने से नेगेटिव एनर्जी शरीर से बाहर निकलती है। जितना हो सके प्राकृतिक खूबसूरती का लुत्फ उठाएं।

कुछ देर लें गहरी सांस

नई जगहों के वातावरण एवं माहौल में फर्क होता है। ऐसे में दूसरी जगह के वातावरण में खुद को एडजस्ट करने के लिए हर दिन सुबह-सुबह गहरी सांस लें। घूमते समय थकान से बचने के लिए बीच-बीच में खुलकर सांस लें और छोड़ें।

खाते-पीते रहें

वेलनेस ट्रैवल का मतलब यह बिल्कुल नहीं कि आप खाना-पीना ही छोड़ दें। थोड़ी-थोड़ी देर पर कुछ हेल्दी खाएं। खाने-पीने को लेकर अपनी इच्छाओं को दबाएं नहीं। शरीर के लिए जो चीज सही नहीं, उसे खाने से बचें। इससे शारीरिक और मानसिक रूप से संतुष्टि मिलती है।

नींद भी है जरूरी

घूमने-फिरने का मतलब यह नहीं कि बिना पर्याप्त नींद लिए दिन-रात घूमते ही रहें। इससे शरीर थकता है। चाहते हैं कि अगले दिन भी ताजगी और एनर्जी के साथ घूम सकें, तो पर्याप्त नींद लें। प्रत्येक दिन कम से कम सात घंटे जरूर सोएं। बस या ट्रेन में बैठे-बैठे 10-15 मिनट झपकी ले सकते हैं।

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योग मैट के बिना बात नहीं बनेगी

यदि आप हर दिन घर पर योग और मेडिटेशन करते हैं, तो वेलनेस ट्रैवल के दौरान भी इसे फॉलों करें। बैग में योग मैट रखें। घूमने जाने से पहले दस से पंद्रह मिनट के लिए होटल के कमरे में मैट बिछाकर योग या मेडिटेशन करें। दिन की खुशनुमा और पॉजिटिव शुरुआत करने के लिए इससे बेहतर कुछ और नहीं।

टेक्नोलॉजी से दूरी बनाएं

वेलनेस ट्रैवल का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो टेक्नोलॉजी से दूरी बनाएं। यहां भी लैपटॉप, मोबाइल, टैब पर काम न करते रहें। घर के लोगों से फोन पर ही घूमने-फिरने की बातें न करें। इससे आपका ज्यादातर समय मोबाइल, लैपटॉप पर ही बीतेगा। खासकर जब आप वेलनेस ट्रैवल पर हैं, तो टेक्नोलॉजी से दूरी बनाएं। तभी आप पूरी तरह से डिजिटली डिटॉक्स रह पाएंगे। योग, मेडिटेशन या खाने के समय मोबाइल को होटल के कमरे में छोड़ दें। उसी होटल में ठहरें, जहां वाई-फाई की सुविधा न हो।

कुछ बूंदें एसेंशियल ऑयल की

अपने बैग में फेवरेट एसेंशियल ऑयल रखें। चैन की नींद सोना चाहते हैं, तो होटल के कमरे में लावेंडर की कुछ बूंदें छिड़क दें या फिर एयर कंडीशनर के सामने रख दें।

चित्रस्रोत:Shutterstock.

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