Ways to beat Air Pollution: पीपल, नीम और तुलसी के पौधे बनाते हैं हवा को शुद्ध, इनके आसपास बिताएं थोड़ा समय

अगर आप कुछ बाताें का ख्याल रखते हैं तो वायु प्रदूषण के बुरे प्रभावों से थोड़ा-सा बचना आसान हो जाता है। ऐसा ही एक तरीका है उन पेड़ों के आसपास रहना जो ऑक्सीजन अधिक मात्रा में देते हैं और प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : November 4, 2019 1:47 PM IST

स्मॉग और धुएं ( Air Pollution) की वजह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में लोगों का हाल बुरा है। इसी तरह हवा में फैला प्रदूषण दिवाली के बाद और ठंड के मौसम की शुरुआत के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों की सेहत को प्रभावित करने लगता है।( Air Pollution)

शुद्ध हवा में सांस लेना ज़िंदगी की पहली ज़रूरत है, लेकिन वायु प्रदूषण( Air Pollution) की वजह से  हवा सांस लेने लायक नहीं रह पाती। वायु प्रदूषण सेहत पर बुरी तरह  असर करती है। इसीलिए ऐसे समय में अगर आप कुछ बाताें का ख्याल रखते हैं तो वायु प्रदूषण (Ways to beat Air Pollution) के बुरे प्रभावों से थोड़ा-सा बचना आसान हो जाता है। ऐसा ही एक तरीका है उन पेड़ों के आसपास रहना जो ऑक्सीजन अधिक मात्रा में देते हैं और प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।(Ways to beat Air Pollution)

नीम का पेड़ है ऑक्सीजन चैम्बर:

वेदिक परम्पराओं और आयुर्वेद में नीम के पेड़ को जो अहमियत दी जाती है उसके पीछे वजह है नीम के पेड़ की ऑक्सीजन  छोड़ने की क्षमता। नीम का पेड़ बहुत अधिक मात्रा में ऑक्सीजन का निर्माण करता है। इसीलिए नीम के पेड़ के आसपास बैठने से आप शुद्ध हवा में सांस ले सकेंगे।

पीपल का पेड़ देता शुद्ध हवा:

पीपल का पेड़ दिनभर में 22 घंटे से अधिक समय तक ऑक्सीजन देता है। यह पेड़ रात के समय भी कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण कर सकता है। पीपल के पेड़ के आसपास का वातावरण शुद्ध हवा से भरपूर होता है और ऐसे स्थान पर बैठने से आप शुद्ध हवा में सांस ले पाते हैं।

तुलसी का पौधा लगाएं, घर की हवा शुद्ध बनाएं:

पूजा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तुलसी के पत्ते ऑक्सीजन का निर्माण भी अधिक मात्रा में करते हैं। अगर आपके घर के आंगन में तुलसी का पौधा है तो उसके आसपास रहें। वायु प्रदूषण के प्रभावों से बचने में आपको आसानी होगी।

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