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Written By: Anshumala | Published : September 13, 2018 12:25 AM IST
उष्ट्रासन। © Shutterstock
स्वस्थ शरीर व शांत मन सभी पाना चाहते हैं। इसे आप विभिन्न योग आसनों की सहायता से पूरी कर सकते हैं। योग हमें स्वस्थ तन और स्वस्थ मन देता है इसलिए आज सारा विश्व योगमय होता जा रहा है। रोग मुक्त होना है, तो हमें योग की शरण में जाना ही होगा। योग का मतलब है योगासन इसलिए आप सभी निरोग रहने और विभिन्न बीमारियों से बचे रहने के लिए रोग के अनुसार सही योगासन का चुनाव करें। जानिए, कौन-सा आसन किस रोग से हमें मुक्ति दिला सकता है।
कमर को बनाए लचीला उष्ट्रासन
पैरों को लंबाई में फैलाकर बैठें। दाएं पैर के घुटने को मोड़ते हुए, दाईं एड़ी को दाएं नितंब (हिप) के नीचे रखें। इसी तरह बाएं पैर को मोड़ते हुए बाईं एड़ी को बाएं नितंब के नीचे रखें। घुटनों के बल खड़े हो जाएं। ध्यान रहे कि दोनों घुटने और पैरों के पंजे समान दूरी पर खुले हों। लंबी सांस लें और सांस छोड़ते हुए कमर के ऊपरी हिस्से को पीछे की ओर ले जाएं। दाईं हथेली से दाईं एड़ी को और बाईं हथेली से बाईं एड़ी को पकड़ने की कोशिश करें। ध्यान रहे, पीछे झुकते समय गर्दन को झटका न लगे।
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कितनी देर करें
15 सेकंड तक सामान्य श्वास की गति पर स्थिर रहें। इसी अभ्यास को 3-4 बार दोहराएं।
लाभ
यह आसन पेट और कमर को लचीला बनता है। पैनक्रियाज की सक्रियता बढ़ाकर शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है। फेफड़ों और आंखों के लिए भी फायदेमंद होता है।
सावधानी बरतें
हाई ब्लडप्रेशर और स्लिप डिस्क के मरीजों को यह आसन नहीं करना चाहिए।
एक्टिव रहना है तो करें नौकासन
सीधा लेट जाएं। एड़ी और दोनों पंजे आपस में जुड़े हों। गहरी सांस भरते हुए पैरों को ऊपर की ओर 45 डिग्री के एंगल तक उठाएं। दोनों हाथों को घुटनों की सीध में स्थापित करें और धड़ को भी धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। सांस छोड़ते हुए उसी अवस्था में वापस आएं। यह प्रक्रिया 5 बार दोहराएं।
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लाभ
यह आसन वजन घटाकर शरीर को फुर्तीला बनाता है। इससे श्वसन तंत्र भी मजबूत होता है।
सावधानी बरतें
अगर बैकबोन की समस्या हो तो यह आसन न करें।