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माइग्रेन के रोगी दुनियाभर में लगातार बढ़ रहे हैं। भारत में भी माइग्रेन से ग्रस्त लोगों की संख्या कम नहीं है। इसका मुख्य कारण है भागदौड़ भरी जिंदगी, बेतरतीब जीवनशैली, तनाव आदि। लोग छोटी-छोटी बातों से परेशान होकर तनाव में जीने लगते हैं। तनाव से मानसिक सेहत पर असर पड़ता है। इसकी शुरुआत सिर दर्द से होती है। यही सिर दर्द धीरे-धीरे माइग्रेन का रूप ले लती है।
क्या है माइग्रेन
कई बार सिर के आधे हिस्से में अचानक दर्द होने लगता है। यह दर्द कई बार उठता है। इससे बचने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं, लेकिन फायदा नहीं होता है। कुछ लोग बिना डॉक्टर से संपर्क किए खुद से ही सिर दर्द दूर करने के लिए दवाएं खाने लगते हैं, जो बिल्कुल ठीक नहीं है। बार-बार उठने वाला यह दर्द कई बार असहनीय हो जाता है।
माइग्रेन का मुख्य कारण
योगाचार्य डॉ. रमेश पुरी कहते हैं कि थकान, अनावश्यक चिंतन, अत्यधिक शोर, तनाव, अपर्याप्त नींद, शराब का अधिक सेवन, घबराहट, मासिक धर्म के आसपास हार्मोनल उतार-चढ़ाव, दर्द निवारक दवा अधिक मात्रा में लेना और कमजोर पाचन-तंत्र। फोन पर अधिक देर तक बात करने से भी माइग्रेन हो सकता है। किसी-किसी को यह सिर के दोनों तरफ हो जाता है। यदि शरीर को पर्याप्त विश्राम दिया जाए, तो माइग्रेन स्वतः भी ठीक हो जाता है। मेडिटेशन, मुद्रा और नियमित भोजन करने से भी माइग्रेन दूर होता है। मुद्रा करना आसान है। आप चाहें, तो पान मुद्रा कर सकते हैं। यह माइग्रेन के लिए उपयोगी है।
कैसे करें
पान मुद्रा करने के लिए सबसे पहले दोनों हाथों के अंगूठों और तर्जनी (index) उंगलियों के ऊपरी हिस्सों को आपस में मिला लें। शेष तीनों उंगलियां सीधी तो रहें ही, एक-दूसरे से अलग भी रहें। हथेलियों की दिशा नीचे की ओर हो। इसका अभ्यास प्रतिदिन 15 से 45 मिनट तक करें। माइग्रेन के दर्द से राहत मिलेगी।