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Vidya Balan Weight Loss: विद्या बालन ने इस डाइट के साथ किया वेट लॉस, कभी नहीं खाती कच्चा खाना

जानिए क्या है No Raw food diet, जानिए किन लोगों के लिए यह डाइट है फायदेमंद और किनके लिए नुकसानदायक।

Vidya Balan Weight Loss: विद्या बालन ने इस डाइट के साथ किया वेट लॉस, कभी नहीं खाती कच्चा खाना

Written by Sadhna Tiwari |Updated : June 19, 2024 12:05 AM IST

What Is No Raw Diet: विद्या बालन ने हाल ही में काफी वेट लूज किया है जिसकी वजह से वे काफी चर्चा में भी हैं। बताया जा रहा है कि एक्ट्रेस विद्या बालन (Vidya Balan) ने वजन कम करने के लिए नो रॉ डाइट (No Raw Diet) की मदद ली। इस डाइट प्लान के लिए विद्या हमेशा घर का बना हुआ खाना (home cooked foods) खाती थीं। साथ ही उन्होंने कुछ फूड्स से परहेज भी किया। बताया जा रहा है कि इसी डाइट के दौरान उन्होंने ग्लूटेन फ्री फूड्स (Gluten Free foods) का सेवन किया। इतनी मेहनत का रिजल्ट्स कुछ महीनों बाद दिखायी दिया जब फिल्म दो और दो प्यार (Do aur Do Pyaar) के प्रमोशन्स के दौरान लोगों ने विद्या बालन का बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन दिखा गया।

क्या है नो रॉ डाइट ?( No Raw Diet)

आमतौर पर वेट लॉस के लिए जहां कच्चे फल (eating raw foods for weight loss) और सब्जियों का सलाद (vegetable salad), अंकुरित अनाज खाने की सलाह दी जाती है। वहीं, नो रॉ डाइट में किसी भी तरह के कच्चे फूड्स का सेवन नहीं किया जाता है। नो रॉ डाइट में कच्चा पनीर, दूध और अन्य डेयरी प्रॉडक्ट्स के सेवन से भी मना किया जाता है। वहीं, इस तरह की डाइट में पकी हुई, भाप में पकायी गयी या रोस्टेड फूड्स को शामिल किया जाता है। नो रॉ डाइट में किसी भी फूड को शामिल करने से पहले उसे इतना प्रोसेस जरूर किया जाता है कि फूड का कच्चापन खत्म हो जाता है।

विद्या ने बताया कि वे डाइट के दौरान इस बात की पूरी कोशिश करती हैं कि वे जो कुछ भी खाती हैं वह आसानी से पच जाए।

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बीमारियों से सुरक्षा

डाइटिशियन्स के अनुसार, नो रॉ डाइट में कच्चा खाना (raw foods) इसलिए शामिल नहीं किया जाता क्योंकि, इससे कई तरह की बीमारियों और हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क (benefits of cooked foods) कम होता है। दरअसल, कच्चे फूड्स खाने से उनमें मौजूद बैक्टेरिया ( साल्मोनेला, लिस्टेरिया और ई कोली) शरीर में पहुंच जाते हैं और कई तरह की बीमारियों का रिस्क बढ़ा देते हैं। लेकिन, जब इन फूड्स को पकाया जाता है तो ये सारे बैक्टेरिया खत्म हो जाते हैं। इससे आपको गम्भीर इंफ्केशन्स और बीमारियों से बचने में मदद होती है।

खाने को पचाने में होती है आसानी

किसी भी तरह के फूड को पकाने से उसमें मौजूद फाइबर (dietary fiber) सॉफ्ट हो जाते हैं। इससे उन्हें खाने के बाद पचाने में सिस्टम को काफी आसानी होती है। इसी तरह भोजन को पकाकर खाने से उनमें मौजूद कॉम्पलेक्स प्रोटीन (complex protein) भी ब्रेक होने लगते हैं और डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए उन्हें पचाना आसान हो जाता है।

पोषक तत्वों का अवशोषण

स्टीम करने, पकाने या रोस्ट करने के बाद फूड्स में मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट्स डिएक्टिवेट होने लगते हैं। बता दें कि ये ऐसे तत्व हैं जो फाइटेट्स और ऑक्सेलेट्स जैसे मिनरल्स के अवशोषण (absorption of minerals) में समस्या ला सकते हैं। इसीलिए फूड्स को पकाकर खाना (eating cooked foods) अधिक फायदेमंद है।

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