वजाइनल हाइजीन मानसून के मौसम में क्यों है जरूरी, जानें एक्सपर्ट के टिप्स

महिलाओं को इस मौसम में सबसे ज्यादा वजाइना (योनि) के साफ-सफाई में ध्यान देने की जरूरत होती है।

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Written By: Editorial Team | Updated : June 9, 2018 1:35 AM IST

मानसून का मौसम गर्मी से राहत देता है, लेकिन यह मौसम महिलाओं के लिए कई तरह के इंफेक्शन और बीमारियों को लेकर आता है। मानसून के मौसम में महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। महिलाओं को इस मौसम में सबसे ज्यादा वजाइना (योनि) के साफ-सफाई में ध्यान देने की जरूरत होती है।

बरसात के मौसम में उमस और नमी ज्यादा होती है, जिसकी वजह से कवक, बैक्टीरिया, कीटाणुओं का प्रकोप बढ़ जाता है। महिलाओं में कई बार इंफेक्शन की वजह भी यही होता है। इंटरनेशनल फर्टिलिटी सेंटर की संस्थापक, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ रीता बख्शी से जानते हैं मानसून के मौसम में महिलाओं के हेल्थ की देखभाल के लिए आवश्यक सतर्कता और टिप्स।

डॉ बख्शी कहती हैं कि मानसून के दौरान होने वाली सबसे आम समस्या वजाइना कैंडिडिआसिस है, जो फंगल इंफेक्शन की वजह से होता है। जरूरत से ज्यादा डिस्चार्ज और सेक्स के समय दर्द होना इसका प्रमुख लक्षण हो सकता है। फंगल इंफेक्शन से एंटी-फंगल क्रीम के उपयोग से आसीनी से ठीक हो जाता है। वजाइनल इंफेक्शन से बचने के लिए सबसे जरूरी साफ-सफाई होती है

कुछ खास टिप्स जो आपको वजाइनल इंफेक्शन से रखेंगे दूर

  • वजाइना की सफाई की आदतः आपको अपने शरीर की साफ-सफाई की तरह ही वजाइना को भी केयर की जरूरत होती है। इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। रोजाना स्वच्छता का ध्यान आपको इंफेक्शन से बचा कर रखता है। दिन में दो बार आपनी वजाइना को साफ करने की आदत डालें।
  • अंडरगारमेंट पर दें ध्यानः मानसून का मौसम हो या गर्मी का हमेशा ध्यान रखें कि जब नमी आपके वजाइना के आस-पास बनी रहेगी तो उतना ही इंफेक्शन का भी डर रहेगा। इसलिए सूती अंडरगारमेंट पहनें और इसे आदत में लाए। सूती अंडरगारमेंट नमी को सोख लेते हैं और हवा का संचार आसानी से होता है। किसी कारण से अगर अंडरगारमेंट गीला हो जाता है तो इसे यथाशीघ्र बदल दें।
  • इंटरकोर्स के बाद जरूरी कामः सेक्स करने के बाद आप अपनी वजाइना की विशेष साफ-सफाई करें यह इंफेक्शन की संभावना को कम कर देता है। इंटरकोर्स के बाद अगर आप शॉवर स्नान करते हैं तो यह सबसे अच्छी आदत है।

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  • कंडोम का करें उपयोगः कंडोम के प्रयोग से वजाइना का पीएच लेवन बना रहता है। सेक्स करते समय सुरक्षा का उपयोग हमेशा लाभदायक होता है। यह कई तरह के संक्रमण को फैलने से रोकता है।
  • कुछ घरेलू उपायः चाय के पेड़ का तेल इस तरह के इंफेक्शन से आपकी सुरक्षा करता है। इसमें एटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं जो फंगल और बैक्टीरिया से आपकी रक्षा करते हैं। इसके अलावा दही का सेवन आपके वजाइना के हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है।
  • पीरियड के समय सावधानियांः पीरियड का समय इंफेक्शन के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। इस समय हर किसी को अपनी वजाइना की साफ-सफाई का विशेष ध्यान देना चाहिए। समय-समय पर सफाई और हर 4 घंटे पर या अधिकतम 6 घंटे में सनिटरी नैपकिन को अवश्य बदलें।

उपरोक्त सावधानियों के बावजूद कोई समस्या लगती है तो अपने डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।

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अनुवादक – Akhilesh Dwivedi

चित्र स्रोत- Shutterstock Images.

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