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Written By: Yogita Yadav | Published : July 21, 2018 2:15 PM IST
शीर्षासन यानी सिर के बले खड़े होने को योगासनों का राजा कहा जाता है। यह इतना कूल है कि इसे कोई भी कर सकता है और इतना फायदेमंद है कि इसे करने से आप न केवल स्वस्थ जीवन बिता सकते हैं, बल्कि उम्र के तकाजों को भी आपके पास नहीं आने देता।
बच्चों के लिए
शीर्षासन का बच्चों के लिए सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे एकाग्रता बढ़ती है। जिससे न केवल उनका अकादमिक प्रदर्शन बेहतर होता है, बल्कि वे इस फन योगा से कूल भी हो जाते हैं। सिर के बल खड़े होने दिमाग में रक्त का प्रवाह सही होता है, जिससे यह एकाग्रता में बढ़ोतरी करता है।
महिलाओं के लिए
घर और बाहर की जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं लगातार लंबे समय तक खड़ी रहती हैं, जिससे उनकी एड़ी और पैरों में रेशा बढ़ जाता है। ऐडी या पैरों में रेशा बहुत ही पीड़ादायक समस्या है। यह तब होता जब आप बहुत ज्यादा समय अपने पैरों पर खड़े होते हैं या आपका ज्यादातर पैरों पर भार रहता है। शीर्षासन इस समस्या से निजात दिलाता है। यह एड्रेनल ग्रंथियों को साफ करने में भी मददगार है। यह स्ट्रेस हारमोन्स को खत्म करके बॉडी के एड्रेनल ग्लेंड्स को क्लीन करता है।
फोर्टी प्लस के लिए
शीर्षासन शरीर में खून के बहाव को बेहतर करता है। सामान्य तौर पर हमारा दिल रक्त को दिमाग तक पहुंचाने के लिए ऊपर की तरफ पंप करता है। इस आसन से आपके दिल को काम से थोड़ी राहत मिलती है। इससे सिर तक रक्त संचार सही होता है और बालों को भी इसका पूरा-पूरा लाभ मिलता है। इतना ही नहीं यह आपके दिल पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करता है। इसे करने से कोर मसल्स मजबूत होती हैं। सही तरह से किए गए शीर्षासन से एब्डोमिनल और ऑब्लिक मसल्स को मजबूत करने में मदद मिलती है।
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सीनियर सिटीजन्स के लिए
उम्र दराज लोगों में अकसर पाचन संबंधी समस्याएं रहती हैं। अगर वे चाहें तो किसी की मदद से शीर्षासन की शुरूआत कर सकते हैं। इससे पाचन तंत्र भी बेहतर होता है। जब हमारे बॉडी पार्ट्स पर ग्रेविटी का असर पलटता है तो पाचन तंत्र में फंसी चीजों को हटाने में शरीर को मदद मिलती है। इससे रूकी गैस हटती है और पाचन तंत्र में रक्त का प्रवाह भी बेहतर होता है। इसका लाभ यह होता है कि आपका पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम कर सकता है और आपको कब्ज या गैस जैसी पाचन से जुड़ी कई दूसरी समस्याओं से राहत मिलती है।
चित्रस्रोत: Shutterstock.