Yoga for Back Pain : कमर और पीठ दर्द के लिए घर में करें ये 2 योगासन
Yoga for Back Pain : कमर और पीठ दर्द के लिए घर में करें ये 2 योगासन
इन 2 योगासनों के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी का लचीलापर बढ़ता है और ये पीठ के निचले हिस्से पर काफी अच्छा प्रभाव डालते हैं। छाती गले और कंधों के जोड़ के लिए भी इन्हें बहुत अच्छा माना जाता है। चलिए जानते हैं पीठ और कमर दर्द के लिए योगासन (Yoga for Back Pain) करने की विधि-
Written By: Kishori Mishra | Updated : May 21, 2020 8:19 AM IST
Yoga for Back Pain : कमर और पीठ दर्द के लिए घर में करें ये 2 योगासन
Yoga for Back Pain : योग के विभिन्न आसनों का हमारे शरीर पर अलग तरह से प्रभाव पड़ता है। इसीलिए जब योग के माध्यम से अलग-अलग समस्याओं से राहत पाने की बात होती है तो हर समस्या के लिए कुछ विशेष योगासनों की सलाह दी जाती हैं। आज हम आपको ऐसे दो आसन के बारे बताएंगे, जिससे कई गंभीर समस्याओं को ठीक किया जा सकता है। इन दिनों कमर और पीठ दर्द की समस्या काफी बढ़ रही है। इसका प्रमुख कारण है, कई-कई घंटों बैठकर ऑफिस (Yoga for Back Pain) का काम करना।
इसके साथ ही हमारी लाइफस्टाइल ऐसी बन गयी है कि हमारी रीढ़ की हड्डी पर इसका बहुत असर पड़ता है। अगर आप भी पीठ दर्द से परेशान हैं, तो आपको नियमित रूप से पर्वतासन और मार्जरासन का अभ्यास (Yoga for Back Pain) करना चाहिए। इन आसनों का अभ्यास बहुत आसान है और यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाते हैं और पीठ के निचले हिस्से पर काफी अच्छा प्रभाव डालते हैं। छाती, गले और कंधों के जोड़ के लिए भी इनका अभ्यास बहुत अच्छा माना जाता है। चलिए जानते हैं इन आसनों को करने की विधि-
पर्वतासन का ऐसे करें अभ्यास ( How to Do Parvatasana)
व्रजासन में बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों की हथेलियों को जोड़कर नमस्ते की मुद्रा बनाएं। दोनों हाथों को अपनी छाती के पास ले आएं।
अपनी जोड़ी हुई हथेलियों को धीरे-धीरे अपने सिर के ऊपर की तरफ ले जाएं। कोशिश करें कि हाथ जितना ऊपर जा सके उतना ऊपर ले जाएं। हाथों को सीधा रखें।
आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि हाथ सीधे रहें और आपकी आर्म्स यानि बाजू आपके कान के पास रहें। शरीर को एकदम सीधा रखें।
अब धीरे-धीरे हिप्स को ऊपर ले जाएं लेकिन एड़ियों को ज़मीन पर ही रखें।
अब धीरे-धीरे अपनी हथेलियों को छाती के पास ले आएं और धीरे-धीरे हिप्स को भींचे और फिर जांघों के पास रखें।
कुछ देर बाद इसी प्रक्रिया को दोबारा करें। आप चाहे तो अपने पैरों की पोजीशन बदल सकते हैं और ध्यान रहे आपकी रीढ़ की हड्डी हमेशा सीधी रहें।
मार्जरी आसन का करने की विधि (How To Do Marjariasana )
अपने घुटनों और हाथों के बल आएं और शरीर को एक मेज की तरह बना लें।
अपनी पीठ से मेज का ऊपरी हिस्सा बनाएं और हाथ और पैर से मेज के चारों पैर बनाएं।
अपने हाथ कन्धों के ठीक नीचे, हथेलियां जमीन से चिपकी हुई रखें और घुटनो में पुट्ठों जितना अंतर रखें।
गर्दन सीधी और नजरें सामने रखें। सांस लेते हुए अपनी ठोड़ी को ऊपर कि ओर सिर को पीछे ले जाएं।
अपनी नाभि को जमीन की ओर दबाएं और अपनी कमर के नीचे के हिस्से को छत की ओर ले जाएं। दोनों पुट्ठों को सिकोड़ लें।
खिंचाव महसूस होने तक इस स्थिति को बनाएं रखें। साथ ही लंबी गहरी सांसें लेते और छोड़ते रहें।
इसकी विपरीत स्थिति करने के लिए सांस छोड़ते हुए ठोड़ी को छाती से लगाएं और पीठ को धनुष आकार में जितना ऊपर हो सके उतना उठाएं। पुट्ठों को ढीला छोड़ दें।
इस स्थिति को कुछ समय तक बनाएं रखें और फिर पहले कि तरह मेजनुमा स्थिति में आ जाएं।
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