... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Published : October 6, 2017 11:06 AM IST
गिरने से सिर में लगने वाली चोट से उम्र बढ़ने तक खतरा रहता है। इससे अल्जाइमर रोग और मनोभ्रंश का भी खतरा होता है। योगासन न केवल आपकी याददाश्त को बेहतर बना सकते हैं बल्कि आपके संतुलन और समन्वय में सुधार कर आपको चुस्त रहने में भी सहायता कर सकते हैं। सप्ताह में तीन बार योगासन करने से वयस्कों को रोजमर्रा की जिंदगी के संज्ञानात्मक कार्यों को बेहतर तरीके से करने में मदद मिलती है। हेल्थ योग एक्सपर्ट रमण मिश्रा आपको कुछ योगासन बता रहे हैं, जिनसे आपको अल्जाइमर रोग से बचने में मदद मिल सकती है।
1) सर्वांगासन- यह आसन आपके मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति में सुधार करके आपकी स्मृति को बढ़ाता है। यह आपको भावनात्मक रूप से ऊपर उठाने और आवेगों को नियंत्रित करता है। इस मुद्रा के दौरान आप अपने हाथों को बेहतर समर्थन के लिए अपनी पीठ पर रख सकते हैं।
2) हस्तपादासन- यह एक आसान आसन है, जो आपके मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ा सकता है और आपकी स्मृति को तेज कर सकता है। जब तक आप अपने फोकस और एकाग्रता में सुधार कर सकते हैं तब तक इस आसन में रहने की कोशिश करें।
3) तालासन- इस आसन का अभ्यास करके आप मन के अस्थिरता और आलस्य को दूर कर सकते हैं। यह आसन आपके न्यूरो-मस्कुलर को-ऑर्डिनेशन को बेहतर बनाता है।
4) धनुरासन- यह आसन मस्तिष्क से जुड़े नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है और स्मृति शक्ति को बढ़ावा देता है। यह समग्र जागरूकता और ध्यान में सुधार करने में भी सहायता करता है।
5) कुंभकासन- प्लैंक पोज के लिए आपको बेहतर स्थिरता और ताकत की जरूरत होती है क्योंकि आपका सारा वजन आपकी हथेलियों पर होता है। यह आसन आपके संतुलन और समन्वय में सुधार करने के लिए बेहतर है। इसके अलावा, आपके शरीर की कई मांसपेशियों पर काम करते समय यह आपके कोर को भी मजबूत करता है।
6) अर्ध चंद्रासन- अगर आप ट्रायंगल पोज का अभ्यास करते हैं, तो आपको इस आसन को करने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी। यह आसन केवल आपके संतुलन में सुधार नहीं करेगा बल्कि आपकी रीढ़ को बढ़ाने और कोर में टोन लाने में भी मदद करेगा।
7) मेडिटेशन- मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि केवल आठ हफ्तों तक सही तरह मेडिटेशन करने से स्मृति में शामिल मस्तिष्क के क्षेत्रों में ग्रे पदार्थ की मात्रा बढ़ सकती है।
Read this in English
अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock