कब्‍ज और गैस की समस्‍या से पाना है छुटकारा, तो हर रोज करें ये योगासन

कब्ज और गैस दिन भर के लिए तनाव दे देती है। इसके साथ न आप कुछ ठीक से खा पाते हैं और न ही किसी काम पर पूरा ध्यान दे पाते हैं। यहां हम ऐसे योगासन बता रहे हैं, जिन्हें करने से इन दोनों समस्याओं से निजात पाई जा सकती है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 30, 2019 9:11 AM IST

अनियंत्रित खानपान, नींद पूरी न होना, ठीक से व्‍यायाम न कर पाना और लिक्विड डाइट में कमी की वजह से पेट में गैस और कब्‍ज (yoga for constipation and gas) की समस्‍या हो जाती है। यह असल में पाचन तंत्र में गड़बड़ी का संकेत है। जिन लोगों को मेटाबॉलिज्‍म कमजोर होता है, उन्‍हें यह समस्‍या ज्‍यादा परेशान करती है। पर घबराएं नहीं, योग में कुछ ऐसे आसन (yoga for constipation and gas) बताए गए हैं, जो आपकी पेट संबंधी समस्‍याओं को दूर कर सकते हैं।

खतरनाक है कब्‍ज और गैस

कब्‍ज और गैस (yoga for constipation and gas) दोनों ही खतरनाक हैं। ज्‍यादातर लोग इसे बहुत लापरवाही से लेते हैं। भले ही यह एक आम समस्‍या है और किसी को कभी भी हो सकती है। पर अगर यह लगातार रहे तो स्‍वास्‍थ्‍य के लिए कई गंभीर समस्‍याएं उत्‍पन्‍न कर सकती है। जिससे पेट में अल्‍स, कोलन कैंसर और पाइल्‍स जैसी समस्‍याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। वहीं अगर गैस पास न हो पाए तो इससे मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द और कई अन्‍य तरह की समस्‍याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों में गैस बढ़ जाने पर मितली और उल्‍टी आने की परेशानी भी होने लगती है।

कब्‍ज के लक्षण  

कब्‍ज का सबसे सामान्‍य लक्षण है कि आपका पेट पूरी तरह साफ नहीं हो पाता। काफी देर तक टॉयलेट सीट पर बैठे रहने के बावजूद आप फ्रेश नहीं हो पाते। अनियमित या कम मात्रा में मल त्याग, मल त्यागने में परेशानी, ऐंठन, छोटे या कठिन मल का पारित होना, पेट फूलना और पेट में दर्द कब्‍ज के सामान्‍य लक्षण हैं।

गैस और कब्‍ज दूर करेंगे ये दो आसन

Pawanmuktasana benefits, yogasana for gas and acidity, how to do pawan muktasana. यह आसन शरीर से गैस को बाहर निकालने में मदद करता है। हम में से ज्यादातर नियमित कब्ज से पीड़ित लोगों के लिए यह एक आम परेशानी है। © Shutterstock

पवन मुक्‍तासन

यह आसन शरीर से गैस को बाहर निकालने (yoga for constipation and gas) में मदद करता है। हम में से ज्यादातर नियमित कब्ज से पीड़ित लोगों के लिए यह एक आम परेशानी है। यह आसन अपच/ मन्दाग्नि सहित कई पाचन संबंधी विकार को भी दूर करने में मदद कर सकता है । यह अम्लपित्त से राहत दिलाने में भी मदद करता है, जो की अपच के कारण ही होता है।

इस तरह करें पवन मुक्‍तासन (yoga for constipation and gas)

  • सबसे पहले फर्श पर पीठ के बल आराम से लेट जाएं।
  • अपने बाएं घुटने को मोड़िए और जितना संभव हो सके उसे पेट के पास तक ले आइये।
  • अब सांस छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसायें और घुटनों के नीचे रखिए और उनकी सहायता से अपने बाएं घुटने से सीने को छूने की कोशिश कीजिए।
  • इसके बाद अपना सिर जमीन से ऊपर उठाइये और घुटने से नाक से छूने की कोशिश कीजिए।
  • सिर को ऊपर उठाने और नाक को घुटनों से छूने के बाद 10 से 30 सेकेंड तक इसी मुद्रा में बने रहिए और धीरे-धीरे सांस छोड़िये।
  • अब यही पूरी प्रक्रिया दाएं पैर से भी कीजिए और 3 से 5 बार इस मुद्रा को दोहराइये।

मयूरासन (yoga for constipation and gas)

यह आसन पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है और अस्वास्थ्यकर भोजन के प्रभाव को नष्ट करता है। यह आसन पेट दबाव को बढ़ाता है ,जो प्लीहा और यकृत एनलार्ज्मेंट्स को कम कर देता है। यह आसन आंतो को भी मजबूत बनाता है। इस तरह से कब्ज की समस्या से राहत दिलाता में मदद करता है।

Mayurasana benefits , yogasana for constipation, yogasana for stomach health, how to do mayurasana. यह आसन आंतो को भी मजबूत बनाता है। इस तरह से कब्ज की समस्या से राहत दिलाता में मदद करता है। © Shutterstock

इस तरह करें मयूरासन (yoga for constipation and gas)

  • मयूरासन करने के लिए सबसे पहले आप किसी स्वच्छ स्थान पर चटाई बिछा के घुटनों के बल बैठ जाएं।
  • अपने हाथों को जमीन पर रखें, जिसमे आपको अपनी हाथ की उंगली को अपने पैरों की ओर रखना हैं।
  • अपने पैरों को पास पास और दोनों घुटनों को दूर दूर रखें।
  • दोनों घुटनों के बीच में अपने दोनों हाथ होने चाहियें।
  • इसके बाद अपने हाथ की कोहिनी को अपने पेट पर अच्छे सेट करें, इसमें दोनों कोहिनी आपकी नाभि के दाएं-बाएं होगी।
  • इसके बाद अपने दोनों पैरों को पीछे की ओर फैला के सीधा कर लें।
  • अब अपने शरीर को आगे की ओर झुकाएं और अपने दोनों हाथों पर शरीर का पूरा वजन लाने का धीरे धीरे प्रयास करें।
  • दोनों हाथों पर संतुलन बना के अपने शरीर को ऊपर रखें, इसमें सिर्फ आपके हाथ जमीन से जुड़े रहेगे और आपका पूरा शरीर हवा में रहेगा।
  • अपनी क्षमता के अनुसार इस मुद्रा में आप अधिक समय तक रह सकते हैं।
  • पुनः अपनी प्रारंभिक स्थिति में आने के लिए अपने पैरों को नीचे जमीन पर लें आयें।
  • इन दोनों आसनों का नियमित अभ्‍यास करने से आपको पेट में गैस और कब्‍ज की समस्‍या में छुटकारा मिल सकता है।

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