अमरनाथ यात्रा के दौरान अपनाएं येे टिप्‍स, तो फि‍ट रहेंगे आप

यात्रा के दौरान चुस्त-दुरूस्त रहने के लिए जरूरी है रूटीन में कुछ बदलाव।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : June 27, 2018 6:54 PM IST

28 जून से शुरू हो रही है अमरनाथ यात्रा। यह दु‍र्गम और मुश्किल चढ़ाई है। इस यात्रा के दौरान खुद को फि‍ट रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

  • यात्रा की तैयारी करने के लिए शारीरिक तौर पर चुस्त-दुरूस्त रहें । यात्रा से पहले ही अगर सुबह-शाम 4-5 किलोमीटर पैदल चलने का अभ्‍यास होगा, तो यात्रा आसान हो जाएगी।
  • नियमित योग, ध्‍यान एवं प्रणायाम करें।
  • हल्‍का भोजन करें। बहुत फैटी और भारी भोजन करने से थकान जल्‍दी महसूस होती है।
  • पानी की कमी से भी कई तरह की समस्‍याएं हो सकती हैं। इसलिए पानी पीते रहें। इससे विपरीत टेंपरेचर में भी एडजस्‍ट करने में मदद मिलती है।
  • थकान और लो ब्लड शूगर लेवर से बचने के लिए कार्बोहाइड्रेट काफी मात्रा में लीजिए। दही, फल, दालों और अनाज में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है।
  •  ऊंचाई पर चढ़ते समय धीमे चलें और ढलान आने पर कुछ देर आराम करने के लिए रुकिए।
  •  अपनी सामान्य क्षमता से अधिक बल लगाने से बचिए।
  • विविध स्थानों पर आवश्यक तौर पर आराम के लिए रुकिए, टाइम लॉगिंग सुनिश्चित कीजिए और अगले स्थान की ओर बढ़ते समय डिस्प्लै बोडर्स पर अंकित चलने के आदर्श समय जितना ही वक्त लगाइये।
  • बिना डॉक्‍टरी सलाह के  कोई भी दवा न लें।  लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लीजिए।
  •  ऊंचाई पर होने वाली तकलीफों के लक्षण दिखते ही फौरन निचले स्तर पर उतर आइए।
  •  यदि अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्राप्त करने के कुछ हफ्ते बाद आपकी स्वास्थ्य में कोई बदलाव आए, तो यात्रा पर रवाना होने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लीजिए।
  •  ऊंचाई पर होने वाली तकलीफों के किसी भी प्रकार के लक्षण या कोई अन्य असुविधा होने पर फौरन नजदीकी चिकित्सा सुविधा से संपर्क कीजिए। चिकित्सा सुविधा हर दो किलोमीटर पर उपलब्ध है।
  • अल्कोहल, कैफीन वाले उत्पादों का सेवन अथवा धूम्रपान न करें।

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बहुत ऊंचाई पर हो सकती हैं ये परेशानियां

भूख न लगना, मतली, उल्टी, थकावट, कमजोरी, चक्कर आना और सोने में कठिनाई, देखने में बाधा, मूत्राश्य का ठीक से कार्य न करना, आंतों का ठीक से काम न करना, गतिविधियों में तालमेल न रहना, शरीर के एक हिस्से में लकवा, चेतना का लोप हो जाना और मानसिक स्थिति में बदलाव होना। इसके अलावा सुस्ती, सीने में जकड़न, कंजेशन, तेजी से सांस लेना और हृदय की धड़कन बढ़ना। यदि ऊंचाई के कारण हुई तकलीफ का फौरन इलाज न हो, वह चंद घंटों में जानलेवा साबित हो सकती है।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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