मांसपेशियों को करना है मजबूत, तो फॉलो करें ये टिप्स

सपेशियों को मजबूत (Tips for Strong Muscles) बनाने और बॉडी मास को बढ़ाने के लिए लोग कई तरह के फूड और सप्लीमेंट्स लेते हैं, लेकिन ऐसा करने से ज्यादा फायदा नहीं होता है। आइए जानते हैं मांसपेशियों को मजबूत और सुडौल बनाने के लिए टिप्स-

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Written By: Kishori Mishra | Updated : September 29, 2020 1:11 PM IST

Tips for Strong Muscles : अपनी बॉडी को सही शेप देने, बॉडी को फिट रखने और और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए हम कई घंटों तक जिम में पसीना बहाते हैं। बहुत से ऐसे लोग हैं, जो घंटो जिम में मेहनत करते हैं। वहीं कई लोग मसल्‍स मास को बढ़ाने के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं। मांसपेशियों को मजबूत (Tips for Strong Muscles) बनाने और बॉडी मास को बढ़ाने के लिए लोग कई तरह के फूड और सप्लीमेंट्स लेते हैं। लेकिन ऐसा करने से ज्यादा फायदा नहीं होता है। आइए जानते हैं मांसपेशियों को मजबूत और सुडौल बनाने के लिए टिप्स-

प्रोटीन और कैलोरी इनटेक

मांसपेशियों के निर्माण के लिए प्रोटीन एक आवश्यक पोषक तत्व है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी मांसपेशियां मजबूत बनें, तो उसके लिए प्रतिदिन अपने शरीर के वजन केे प्रति किलो 2.2 ग्राम प्रोटीन का सेवन करें। हालांकि, प्रोटीन के ओवरडोज से भी शरीर को नुकसान होता है। मांसपेशियों के निर्माण में कैलोरी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपने दैनिक आहार का लगभग  15-20 प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन का रखें। इसके अलावा बाकी कार्बोहाइड्रेट और वसायुक्त आहार को अपने डायट में शामिल करें।

भोजन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटे

शरीर को फिट और सुडौल बनाने के लिए एक बार में ढेर सारा खाना बंद ना खाएं। अपनी डायट को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित करें। इससे आपकी  फुर्ती और ऊर्जा बनी रहेगी। एक्सपर्ट के अनुसार, हमें अपने भोजन को छह भागों में विभाजित करना चाहिए। ऐसा करने से शरीर की पाचन क्रिया और चयापचय दुरुस्त होती है।

डायट में शामिल करें हेल्दी फैट्स

हेल्दी फैट्स युक्त आहार लेने से आप मोटे नहीं होते हैं। हेल्दी फैट में प्रति ग्राम 9 कैलोरी होती है। वहीं, कार्ब्स और प्रोटीन में प्रति ग्राम 4-5 कैलोरी होती है। यह वो कैलोरी होती है, जो मसल्स मास को बढ़ाने में हमारी मदद करती है। अगर आप वजन को बढ़ाना चाहते हैं, तो  एवोकाडो (Avocado), नट्स (Nuts), व्हीप्ड मक्खन (Whipped butter ) और अंडे (eggs) जैसे सोर्स को डायट में शामिल कर सकते हैं।

वर्कआउट रुटीन को बदलते रहें

हर तीन या चार सप्ताह बाद, हमें अपने वर्कआउट के रुटीन में बदलाव करना चाहिए। उदाहरण के लिए आप एक्सरसाइज की रिपिटेशन्स में बदलाव कर सकते हैं या फिर एक्सरसाइज बदल सकते हैं। नियमित रूप से एक ही एक्सरसाइज को करने से शरीर को इसकी आदत हो जाती है। जब आप वर्कआउट रुटीन में बदलाव करते हैं, तो ये आपके शरीर को चुनौती देता है और मांसपेशियों के निर्माण में आपकी मदद करता है।

क्षमता से ज्यादा वर्कआउट ना करें

नियमित रूप से वर्कआउट करना जरूरी होता है, लेकिन हमें अपनी क्षमता से अधिक वर्कआउट नहीं करना चाहिए।  उतना ही हैवी वेट उठाना है जितना आप सही फॉर्म और फोकस के साथ उठा सकें। अगर आप  50 किलो को सही फॉर्म के साथ उठा पाते हैं, तो उतना ही उठाएं। अगर आप उससे ज्यादा उठाएंगे तो आपकी फॉर्म चेंज होगी और आप सही से फोकस नहीं कर पाएंगे।

वर्कआउट करने का तरीका

अगर आप रोजाना अपने पूरे शरीर की मांसपेशियों के लिए एक्सरसाइज करते हैं, तो आपको इसे बदलने की जरूरत है। अच्छे परिणाम के लिए आप एक दिन डिसाइड करें कि आपको किस दिन किस मांसपेशी के एक्सरसाइज पर ध्यान केंद्रित करना है। इससे आपको बेहतर परिणाम भी मिलेंगे, साथ ही आपकी अन्य मांसपेशियों को आराम भी मिलेगा।

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