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आयुर्वेद में स्नान करने का ये है सबसे सही समय, जानिए क्या है नहाने का आयुर्वेदिक नियम

आयुर्वेद में स्नान को विशेष महत्व दिया जाता है और इसे स्वास्थ्य और ताजगी के लिए आवश्यक माना जाता है। आयुर्वेद ने स्नान से जुड़े कुछ सुझाव दिए हैं जो मन-मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं।

आयुर्वेद में स्नान करने का ये है सबसे सही समय, जानिए क्या है नहाने का आयुर्वेदिक नियम

Written by Atul Modi |Updated : August 22, 2023 7:01 AM IST

नहाना हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। शरीर से धूल हटाने से लेकर मन को तरोताजा करने तक, स्ट्रेस को कम करने और मांसपेशियों और नसों को आराम प्रदान करने के लिए नहाना बेहद महत्वपूर्ण है। आप कैसे और कब नहाते हैं, इसका आपकी ऊर्जा स्तर और मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, नहाने का सही समय बहुत महत्वपूर्ण है। यही नहीं इसके साथ ही पानी और उसका सही तापमान भी अलग भूमिका निभाता है। ठीक और सही तरीके से स्नान करना आयुर्वेदिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्राचीन चिकित्सा पद्धति बताती है कि स्नान से पहले गर्म जड़ी बूटी वाले तेल का उपयोग करना, दोषों के संतुलन और बीमारियों की रोकथाम में सहायक है।

स्नान करने के लिए सबसे अच्छा समय - (Best Time to Bath According to Ayurveda in Hindi)

आयुर्वेद के मुताबिक, सूर्योदय के बाद दांत साफ करने और पेट के साफ होने के बाद व सूर्यास्त के आस-पास नहाना आपकी मांसपेशियों और नसों को आराम प्रदान कर सकता है। लेकिन अच्छा रहेगा अगर आप थोड़े गरम पानी का प्रयोग करें ताकि स्ट्रेस कम हो सके। इससे रात को अच्छी नींद आने में भी मदद मिलेगी। यही नहीं व्यक्ति को उस हाथी की तरह से नहाना चाहिए जो बहुत पानी का प्रयोग करता है, ताकि मन और शरीर साफ रहे।

स्नान करने से पहले करें ये काम

अभ्यंग (तेल मालिश)

स्नान से पहले अभ्यंग, एक तेल मालिश भी फायदेमंद है। तिल का तेल बेहतरीन विकल्प है। हालांकि, नारियल तेल या बादाम तेल का उपयोग भी कर सकते हैं।

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जड़ी बूटी का प्रयोग करें

तेल मालिश के बाद, धीरे धीरे से पूरे शरीर पर जड़ी बूटी का पाउडर रगड़ना और फिर कुछ समय बाद उसे पानी से धोना भी शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

नहाने के पाउडर में प्रयोग की जाने वाली सामग्री (Ayurvedic Bath Powder Recipe) इस प्रकार है:

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  • बेसन (चना दाल)
  • मूंग दाल
  • हल्दी
  • गुलाब की पंखुड़ियां
  • चंदन पाउडर
  • नीम की पत्तियां
  • वेटिवर

पानी का तापमान क्या होना चाहिए?

बेहतर महसूस करने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करना ठीक रहता है। हालांकि, सिर पर पानी सीधे तौर पर नहीं डालना चाहिए। क्योंकि यह बालों और आंखों की कमजोरी का कारण बन सकता है। साथ ही सिर धोते समय, कमरे के तापमान पर पानी का उपयोग करें। भोजन के तुरंत बाद नहाने से बचना चाहिए।

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