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Written By: akhilesh dwivedi | Published : July 23, 2018 6:30 PM IST
जन्म के साथ इंसान हो या जानवर सभी की उम्र घटने लगती है। हर आने वाले जन्मदिन को लोग मनाते हैं लेकिन वह उम्र का एक और साल कम हो चुका होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ इंसान के शरीर, स्किन और बालों पर भी असर दिखता है। बाल सफेद होने लगते हैं तो स्किन भी सिकुडने लगती है। कोई भी इंसान कितना भी फिट और डायट के नियमों का पालन करें उम्र का असर जरूर दिखता है।
हाल ही में हुए एक शोध में यह दावा किया गया है कि उम्र के असर को कम करने वाली दवा बनायी जा सकती है। शोध करने वाले वैज्ञानिकों का दावा है कि ऐसी एंटीबायोटिक दवा बनाया है जो इंसान के उम्र के असर को कमतर कर सकती है।
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शोधकर्ताओं का मनना है कि कोशिकाओं में होने वाले बदलाव का मुख्य कारण माइट्रोकान्ड्रिया का सही से काम न करना होता है, जिसकी वजह से इंसान में उम्र का असर दिखने लगता है। जैसा की हम सभी जानते हैं कि इंसान के शरीर में ऊर्जा कोशिकाओं का मुख्य स्रोत माइड्रोकान्ड्रिया ही होता है।
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शोधकर्ताओं नें अपने शोध में चूहों की माइट्रोकान्ड्रिया में बदलाव करके उम्र के असर को कम करने का सफल परिक्षण किया। शोधकर्ताओं ने अपने शोध में स्किन की झुर्रियों को दूर करने के अलावा बालों की सफेदी को भी कम करने में सफल रहे।
चूहों पर किये गये इस शोध में एक खास एंटीबोयोटिक दवा का उपयोग किया गया जो माइट्रोकान्ड्रिया में बदलाव करने में सक्षम थी । वैज्ञानिकों ने चूहों के खाने में एंटीपायोटिक्स दवाएं मिलाकर दी। इस शोध में वैज्ञानिकों ने पहल बुढ़े होने की दवा दी फिर उसे जवां बनाने की दवा को प्रयोग किया और वो उसमें सफल रहे।
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यह शोध बर्मिंघम स्थित यूनीवर्सिटी ऑफ अलबामा के शोधकर्ताओं ने किया है। प्रमुख शोधकर्ता और यूएबी स्कूल ऑफ मेडिसिन में जेनेटिक्स विभाग के प्रोफेसर केशव सिंह का कहना है कि इस शोध से भविष्य में उम्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज में मदद मिल सकती है। इस शोध का प्रकाशन सेल बायोलॉजी में हो चुका है।
चित्रस्रोत: Shutterstock.