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प्रेग्नेंसी में योगा करने से मिलते हैं ये 5 लाभ, डिलीवरी के वक्त लेबर पेन न होना भी है शामिल

यूं तो योगा करना सबसे लिए फायदेमंद होता है। नियमित योगा करने से हमारा शरीर कई विकारों से बचता है और सुख व खुशहाली की ओर जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान भी योगा करने के कई लाभ होते हैं।

प्रेग्नेंसी में योगा करने से मिलते हैं ये 5 लाभ, डिलीवरी के वक्त लेबर पेन न होना भी है शामिल
प्रेग्नेंसी में योगा करने से मिलते हैं ये 5 लाभ, डिलीवरी के वक्त लेबर पेन न होना भी है शामिल

Written by Rashmi Upadhyay |Published : October 23, 2020 6:46 PM IST

यूं तो योगा करना सबसे लिए फायदेमंद होता है। नियमित योगा करने से हमारा शरीर कई विकारों से बचता है और सुख व खुशहाली की ओर जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान भी योगा करने के कई लाभ होते हैं। हालांकि अगर आप योगा नहीं करती हैं या योगा करने में किसी तरह की पेरशानी होती है तो पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह लें तभी योगासन शुरू करें। क्योंकि कुछ योगा पोजेज ऐसे भी होते हैं जिन्हें गर्भावस्था के दौरान करने से मना किया जाता है। खैर, आज इस लेख में हम आपको गर्भवती को योगा से मिलने वाले लाभ ​के बारे में बता रहे हैं। तो आइए जानते हैं क्या हैं लाभ-

मार्निंग सिकनेस और बेक पेन होगा दूर

प्रेग्नेंसी के दौरान मार्निंग सिकनेस (उल्टी आना, जी मचलना और घबराहट होना) और बैक पेन आम है। गर्भवती महिलाओं का कहना होता है कि प्रेग्नेंसी की शुरुआत में मार्निंग सिकनेस और फिर बैक पेन उन्हें पूरी तरह से तोड़ देता है। इन परेशानियों को दवाओं के बजाय योगा से दूर कर सकते हैं। पूर्वी दिल्ली की रहने वाली प्रिति तिवारी का कहना है कि उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान योगा कर मार्निंग सिकनेस और बेक पेन से तुरंत आराम पाया है। हालांकि इस दौरान महिलाओं को बैक एक्ने की दिक्कत हो सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य होता है मजबूत

प्रेग्नेंसी बहुत कठिन समय होता है। इस दौरान महिलाओं को न सिर्फ शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत होने की जरूरत होती है। इस दौरान अपने शरीर में बदलाव देखकर महिलाएं इमोश्नल टॉर्चर और एंग्जाइटी से गुजर सकती है। ऐसे में योगा आपको मानसिक रूप से मजबूत रखत है। जब आप ​ब्रीदिंग करती हैं तो आप अपनी सांसों के माध्यम से गहरी सांस लेना सीखते हैं जो आपके पेट की मांसपेशियों और डायाफ्राम को शरीर में अधिक ऑक्सीजन देने में मदद करता है। साथ ही ब्रिदिंग आपके मेंटली शांति और सुकून भी देती है।

माइंड और बॉडी होती है डिटॉक्स

प्रेग्नेंसी के दौरान समय समय पर बॉडी को डिटॉक्स करना बहुत जरूरी होता है। वैसे तो इसके लिए ग्रीन टी, लेमन टी, हनी-वॉटर जैसी कई चीजें हैं लेकिन जो काम योगा करता है वह शायद आपको किसी और चीज से नहीं मिल सकता है। योगा करने से आपका माइंड और बॉडी डिटॉक्स होती है। साथ ही इससे कई तरह की गैस्ट्रिक प्रॉब्लम भी दूर होती है।

बनता है सोशल नेटवर्क

हालांकि वैसे तो प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली योगा क्लॉसेस और नॉर्मल योगा क्लॉसेस में कुछ खास फर्क नहीं होता है। लेकिन प्रेग्नेंसी के वक्त अगर आप कोई योगा सेंटर ज्वॉइन करते हैं तो वहां आपको अपने जैसी और भी गर्भवती मिल सकती हैं। आपके उनके साथ अपनी बॉन्डिंग बनाकर खुद को सोशली स्ट्रॉंग बना सकती हैं। क्योंकि इस दौरान जब महिलाओं को किसी तरह का सोशल सपोर्ट मिलता है तो वह काफी अच्छा फील करती हैं। साथ ही आपको योगा की बारीकियों को समझने में भी आसानी मिलती है।

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शिशु होती हैं कनेक्टिड

प्रेग्नेंसी के दौरान योगा करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आप अपने शिशु को फील कर सकती हैं। जब आप योगा करेंगे तो आपको अपने बेबी के साथ एक कनेक्शन का एहसास होगा। आप अपनी शिशु की सांसों को, उनकी किक और और आपके पेट में उसके होने को फील कर सकती हैं।