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आज के समय में लोगों का लाइफस्टाइल इतना व्यस्त हो गया है कि हेल्थ कहीं न कहीं दरकिनार होती जा रही हैं। तमाम जागरुकता अभियानों और शोधों में साफ हो चुका है कि हार्ट हेल्थ को प्राथमिकता दी जानी चाहिए इसके बावजूद समय का सदुपयोग सही तरह से न होने के चलते लोग अपने शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग हृदय का ध्यान उस तरह नहीं रखते हैं जैसा कि रखा जाना चाहिए। जबकि नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट की मदद से कार्डियोवास्कुलर सिस्टम को मजबूत किया जा सकता है। हालांकि, इनके अलावा लाइफस्टाइल में बदलाव करने और नियमित योगासन से शरीर और मांसपेशियां तो लचीली होती ही हैं साथ ही हार्ट भी बहुत मजूबत होता है।
योग की शक्ति को महसूस करने और इसके जरिए हृदय को स्वस्थ बनाने की दिशा में सक्रिय कदम उठाने के लिए आज हम आपको 3 ऐसे योगासनों (योग मुद्राएं) के बारे में बता रहे हैं जो स्ट्रेस कम करने, अच्छी नींद लाने और मन को शांत करन के साथ ही हेल्दी हार्ट को भी मेनटेन रखते हैं।
इस योगासन का नियमित अभ्यास करने से शरीर के पोस्चर में सुधार होता है, सही बैलेंस बनता है और हार्ट तक आक्सीजन की सप्लाई बढ़ती है। इसके अलावा ताड़ासन करने से फेफड़ों की क्षमता विकसित होती है और हृदय रोगों का जोखिम कम होता है।
इस योगासन को करना बेहद आसान है। सेतुबंधासन को रोज नियम से छाती में फैलाव आता है और हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती है। यह आसन पीठ, ग्लूट्स और हैमस्ट्रिंग को भी मजबूत करता है।
यह आसन शरीर का सही संतुलन बनाने की दिशा में काम करता है। वृक्षासन का अभ्यान करने से हाई ब्लडप्रेशर कम होता है, शरीर में लचीलापन बढ़ता है और श्वसन व हृदय गति में सुधार होता है।
एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिजीत बोरसे कहते हैं, "इन 3 योगासनों (ताड़ासन, सेतुबंधासन, वृक्षासन) का नियमित अभ्यास करने से दिल के स्वास्थ्य को तेजी से सुधारा जा सकता है'', डॉक्टर अभिजीत बोरसे के अनुसार, ये योगासन शरीर और मांसपेशियों का लचीलापन बढ़ाने, तनाव से राहत दिलाने के साथ नींद की गुणवत्ता में भी सुधार करते हैं।
किसी भी नई एक्सरसाइज या योगासन को शुरू करने से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, खासकर यदि किसी को हृदय संबंधी कोई समस्या है तो उन्हें एक्सपर्ट की निगरानी में ही अभ्यास करना चाहिए। ऊपर बताए गए योगासनों का अभ्यान शुरू करने से पहले किसी एक्सपर्ट या प्रमाणित योग प्रशिक्षक की राय जरूर लें। इससे आप जोखिमों से बच सकते हैं। योगाभ्यास के द्वारा कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम तो मजबूत होता ही है साथ ही संपूर्ण स्वास्थ्य को भी मजबूती मिलती है।