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मेंटल हेल्थ और मोटापे का है गहरा कनेक्शन, शोध में सामने आईं ये बातें

हाल ही में हुए एक शोध में सामने आया कि मोटापे का लोगों की मानसिक सेहत पर गहरा असर पड़ता है, खासतौर पर महिलाओं को यह अंदर ही अंदर बहुत परेशान करता है।

मेंटल हेल्थ और मोटापे का है गहरा कनेक्शन, शोध में सामने आईं ये बातें

Written by Atul Modi |Published : March 11, 2024 2:32 PM IST

'अरे! तुम कितनी मोटी हो गई हो', 'तुमने पहले से ज्यादा वेट गेन कर लिया है', 'मोटे लोगों पर कोई भी ड्रेस अच्छी नहीं लगती', 'तुम्हें वजन कम करने के लिए कुछ करना चाहिए', ऐसी कई बातें आपने अपने घर, ऑफिस, पार्टी, शादियों आदि में सुनी होंगी। कई बार तो लोग मिलने पर आपके हालचाल पूछने की जगह सीधे आपका वजन बढ़ने और घटने की बात करने लगते हैं। साथ ही आपको कई तरह की सलाह भी दे डालते हैं। ऐसा वे भले ही किसी शुभचिंतक या दोस्त के रूप में करते हैं, लेकिन ये बातें सुनने वाले के लिए तनाव का कारण बन जाती हैं। इसका असर सीधे उनकी मेंटल हेल्थ पर होता है। हाल ही में हुए एक शोध में सामने आया कि मोटापे का लोगों की मानसिक सेहत पर गहरा असर पड़ता है, खासतौर पर महिलाओं को यह अंदर ही अंदर बहुत परेशान करता है।

ये है मोटापे और मेंटल हेल्थ का कनेक्शन

अध्ययन के अनुसार मोटापे और मेंटल हेल्थ का गहरा कनेक्शन है। दरअसल, वजन आपकी सुंदरता से जुड़ा है। अगर आपका वजन बहुत ज्यादा या कम है तो व्यक्ति का कॉन्फिडेंस खुद-ब-खुद कम हो जाता है। हाल ही में पीएलओएस वन जर्नल में प्रकाशित एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है। अध्ययन के अनुसार मोटापा खराब मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा है, जो डिप्रेशन का कारण भी बन जाता है। आयरलैंड की यूनिवर्सिटी कॉलेज कॉर्क में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने पाया कि लाइफस्टाइल का मेंटल हेल्थ की बातों पर कोई असर नजर नहीं आता है। शोध में 46 से 73 साल के 1,821 पुरुषों और महिलाओं के मेडिकल रिकॉर्ड की जांच की गई। इस दौरान उनकी लाइफस्टाइल, बीमारियों के आधार पर बीएमआई, कमर की चौड़ाई और इन सभी के मेंटल हेल्थ का आकलन किया गया। शोधकर्ताओं ने इसके लिए 'सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजिकल स्टडीज डिप्रेशन स्केल' और डब्ल्यूएचओ के 'फाइव वेल-बीइंग इंडेक्स' का इस्तेमाल किया।

इन बातों का रखा ध्यान

शोध में शामिल प्रतिभागियों को कुछ स्टेप्स को फॉलो करना पड़ा। सभी ने रात भर का उपवास रखा। उन्होंने फास्टिंग ग्लूकोज और ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन के लिए ब्लड टेस्ट करवाए। इस दौरान प्रतिभागियों के वजन, ऊंचाई, कमर की चौड़ाई और बीएमआई की गणना की गई। साथ ही उनसे लाइफस्टाइल से जुड़े सवाल पूछे गए।

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ये आया परिणाम

शोध में सामने आया कि जिन लोगों का बीएमआई बढ़ा हुआ और कमर चौड़ी थी, उनमें सामान्य वजन वाले लोगों के मुकाबले डिप्रेशन ज्यादा था। साथ ही ऐसे लोगों को कई हेल्थ प्रॉब्लम भी थीं। शोधकर्ताओं का कहना है कि बढ़ते वजन और मोटापे का असर महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग है। महिलाएं मोटापे से ज्यादा प्रभावित होती हैं। शोध में यह भी पाया गया कि मोटापा सामाजिक और शारीरिक दोनों रूपों से लोगों को तनाव देता है। मोटापे के कारण अक्सर लोग भेदभाव, बॉडी शेमिंग आदि का सामना करते हैं। वहीं इसके कारण ज्वाइंट पेन, पीठ दर्द, फाइब्रोमायल्जिया जैसी कई शारीरिक परेशानियां भी होने लगती हैं।

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