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तनाव बढ़ा देता है मोटापा, जानिए किस तरह  

ऐसा देखा गया है कि डिप्रेशन या स्ट्रेस होने पर व्यक्ति सामान्य से ज्यादा खाता है, जिसके कारण उसका वजन बढ़ने लगता है। इसके अलावा कोई व्यक्ति मोटा है, तो उसे मोटापे के कारण भी डिप्रेशन हो सकता है! ©Shutterstock.

ऐसा देखा गया है कि डिप्रेशन या स्ट्रेस होने पर व्यक्ति सामान्य से ज्यादा खाता है, जिसके कारण उसका वजन बढ़ने लगता है। इसके अलावा कोई व्यक्ति मोटा है, तो उसे मोटापे के कारण भी डिप्रेशन हो सकता है!

Written by Yogita Yadav |Published : February 18, 2019 11:38 AM IST

अगर आप फि‍टनेस चाहते हैं तो सबसे पहले तनाव लेना बंद कीजिए क्‍योंकि आपकी मानसिक स्थिति का असर आपकी फि‍जिकल फि‍टनेस पर भी पड़ता है। हाल ही में हुए शोध के परिणाम बताते हैं कि ज्‍यादा तनाव की स्थिति में आपका मोटापा तेजी से बढ़ता है। दरअसल ऐसा देखा गया है कि डिप्रेशन या स्ट्रेस होने पर व्यक्ति सामान्य से ज्यादा खाता है, जिसके कारण उसका वजन बढ़ने लगता है। इसके अलावा कोई व्यक्ति मोटा है, तो उसे मोटापे के कारण भी डिप्रेशन हो सकता है, यानी डिप्रेशन और मोटापा दोनों एक दूसरे को बढ़ावा देते हैं।

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क्‍या कहता है शोध

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हाल में हुए एक शोध में पाया गया है कि डिप्रेशन के कारण लोगों में मोटापा बढ़ रहा है। पिछले दिनों कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज में डिप्रेशन का शिकार होने के बाद बढ़ा हुआ वजन देखा गया। अपने आसपास भी आपने देखा होगा कि जब लोग ज्यादा तनाव लेते हैं, तो उनका वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। डिप्रेशन और मोटापे में गहरा संबंध है। दरअसल ऐसा देखा गया है कि डिप्रेशन या स्ट्रेस होने पर व्यक्ति सामान्य से ज्यादा खाता है, जिसके कारण उसका वजन बढ़ने लगता है। इसके अलावा कोई व्यक्ति मोटा है, तो उसे मोटापे के कारण भी डिप्रेशन हो सकता है, यानी डिप्रेशन और मोटापा दोनों एक दूसरे को बढ़ावा देते हैं।

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फैट है कई बीमारियों का कारण

2009 में बर्मिंघम के एलाबामा यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध के अनुसार डिप्रेशन के दौरान व्यक्ति का वजन सामान्य से ज्यादा बढ़ता है। इस शोध में यह भी बताया गया है कि इस दौरान सबसे ज्यादा वजन पेट औक कमर के हिस्से में बढ़ता है। पेट और कमर की चर्बी के कारण टाइप 2 डायबिटीज, दिल की बीमारियों और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा यह भी देखा गया है कि डिप्रेशन के कारण लोगों में नशे की लत, सिगरेट, शराब आदि की आदत भी बढ़ जाती है।

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बढ़ जाता है थायरॉइड का जोखिम

आज के समय में इन्फर्टिलिटी, वजन बढ़ जाना और अवसाद सामान्य बीमारियां है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ये थायराइड की समस्या की शुरुआत हो सकती है। अधिकांश लोगों को इस बात की कोई खास जानकारी न होने के कारण इस रोग की पहचान काफी मुश्किल हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार 4 करोड़ 20 लाख से भी ज्यादा भारतीयों को थायराइड की समस्या है। डायबीटीज के बाद सबसे ज्यादा लोग थायराइड की समस्या के शिकार हैं और वजन बढ़ने व डिप्रेशन जैसी समस्याओं से जूझ रहे 90 प्रतिशत लोगों को जानकारी ही नहीं है कि उन्हें थायराइड की शिकायत है।

एक्सरसाइज है जरूरी

शोधकर्ताओं के अनुसार डिप्रेशन और मोटापे से निजात पाने के लिए बेहतर इलाज की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि दोनों का इलाज एक साथ किया जाना चाहिए। शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसे लोगों को योग और व्यायाम से काफी लाभ मिल सकता है। योगासन द्वारा शरीर की अतिरिक्त चर्बी भी घटती है और मस्तिष्क को शांति भी मिलती है।

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