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Written By: Yogita Yadav | Published : August 20, 2018 4:19 PM IST
Image credits by: स्टडी में 8577 अडल्ट्स को लिया गया। .© Shutterstock
18वें एशियाई खेलों में भारतीय खिलाडि़यों का प्रदर्शन सभी की प्रशंसा बटोर रहा है। खास तौर से विनेश फोगाट से तो सभी को गोल्ड की उम्मीद है। विनेश ने पांव में दर्द के बावजूद बेहतर प्रदर्शन कर फाइनल में जगह बनाई। यह उनकी मानसिक मजबूती के कारण ही हो सका। क्या आप जानते हैं कि खेलों में सक्रिय लड़कियां अन्य लड़कियों के मुकाबले मानसिक तौर पर ज्यादा मजबूत होती हैं। जानें और भी खेलों के फायदे।
क्याेें हैंं खास
क्या आप जानते हैं की लडकियां जो ज्यादा खेलों में रुचि रखती और खेलती हैं उनके शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और साथ ही उनके आत्म सम्मान में अन्य लोगों के मुकाबले काफी ज्यादा वृद्धि होती है । उनके वजन में भी बढ़ोत्तरी नहीं होती है । विशेषज्ञों के मुताबिक़ खेल न सिर्फ शरीर को तंदरूस्त रखता है, बल्कि यह आत्म-सम्मान को बढाने में भी मदद करता है ।
जरूरी है खेलना
एक स्वस्थ लाइफस्टाइल के लिए खेलना बहुत ही जरुरी है यह बच्चे की पर्सनालिटी में भी इजाफा करता है और साथ ही आत्म- सम्मान में भी बढ़ोत्तरी करता है। खेलने से शरीर में रक्त-प्रवाह सही होता है। साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य भी बना रहता है । खेलने से बच्चों को हार और जीत दोनों ही समय अपने आप को संभालने के तरीके सीखने का मौक़ा मिलता है। इसके अलावा उन्हें मेहनत और अपने लक्ष्य की ओर केन्द्रित रहने की प्रेरणा भी मिलती है ।
क्या कहता है मनोविज्ञान
खेल बच्चों में आत्म-विश्वास बढाने के साथ साथ आत्म-सम्मान को पहचानने में भी मदद करता है। इसके अलावा खेलने से बच्चों में लीडरशिप की भावना जागती है जो उनके भविष्य के लिए बहुत ही जरूरी है। खेलना थकान और डिप्रेशन को दूर करता है।
विभिन्न खेलों के सेहत को लाभ
कबड्डी : कबड्डी शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाता है। लगातार कबड्डी कबड्डी बोलने से आपके फेफड़े अधिक मजबूत और स्वस्थ हो जाते हैं। इससे इंटरनल ऑर्गेन बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं। दिल का स्वास्थ्य भी इससे बेहतर होता है। इन सबके आलावा इससे आपमें सहनशक्ति के साथ साथ मांसपेशियों को मजबूती मिलती है ।
फुटबॉल : मैदान में खेलने के लिए अपने पैरों का उपयोग करने में समन्वय लाने की एक सीख मिलती है । यह शरीर के लिए बहुत बड़ी कसरत है।
क्रिकेट : टीम के सदस्यों के साथ संतुलन और एकाग्रता, लचीलापन, समन्वय में सुधार, सामाजिक कौशल, मांसपेशियों की शक्ति और टीम भावना में सुधार होता है।
टेनिस : आपमें समय और दिशा के साथ खुद को संतुलित रखना सीखाते हैं । इससे ध्यान केन्द्रित करने की क्षमता भी बढती है। टेनिस से निर्णय लेने में आसानी होती है ।
बास्केटबॉल : इससे उर्जा , सहनशीलता और गतिशीलता बढती है और इसके साथ साथ आपके हाथों और आँखों के बीच समन्वय बनाने में भी मदद मिलती है ।
जिम्नास्टिक : इससे शारीरिक क्षमता और लचीलापन बढ़ता है। इसके अलावा समन्वय बनाने और आत्म-विश्वास में भी बढोतरी होती है।
तैराकी : तैराकी से करीब 500 से 600 कैलोरी बर्न होती है। इससे आपकी चाल और हाथ पैर की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं और शरीर का गठन बेहतर होता है।
चित्रस्रोत: Shutterstock.
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.