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Written By: akhilesh dwivedi | Published : October 12, 2018 9:20 PM IST
वजन घटाने के लिए सिर्फ 20 मिनट स्पिनिंग एक्सरसाइज। © Shutterstock
नियमित एक्सरसाइज के बावजूद कई लोगों का वजन नहीं घटता है। ऐसी स्थिति में स्पिनिंग क्लासेज ज्वाइन की जा सकती हैं। स्पिनिंग हू-ब-हू साइकिलिंग की तरह होती है। यह कहना गलत न होगा कि इसके साइकिल से भी ज्यादा फायदे हैं। इसमें सीट न सिर्फ ऊपर-नीचे से एडजस्ट की जा सकती है बल्कि आगे-पीछे भी मूव होती हैं। यहां तक कि इसके हैंडल को भी अपने कम्फर्ट के हिसाब से सैट किया जा सकता है। यह न सिर्फ वर्कआऊट की दृष्टि से फायदेमंद है बल्कि यह काफी मजेदार भी है।
स्पिनिंग क्लासेज आमतौर पर किसी छोटी जगह में नहीं होती हैं। ज्यादातर उन्हीं जगहों पर स्पिनिंग क्लासेज होती हैं जहां स्टूडियो पूरी तरह से वैल डिजाइंड होते हैं, महंगे-महंगे उपकरण मौजूद होते हैं, स्टूडियो में म्यूजिक सिस्टम लगा होता है, यूवी लाइट्स होती हैं और अपनी जरूरत के अनुसार गति को यहां नियंत्रित किया जा सकता है।
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कितना देर करना है आमतौर पर यह वर्कआऊट 45 मिनट तक का होता है। 45 मिनट की यह वर्कआऊट 3 हिस्सों में विभाजित की जाती है। इसकी शुरुआत वार्मअप से होती है, जिसे तकरीबन 10 मिनट तक किया जाता है। वार्मअप्स कम से कम रुकावट के साथ मीडियम स्पीड में की जाती है ताकि स्टिफ मसल्स लूज हो सकें। साथ ही हाई इंटैंसिटी वर्कआऊट करने में दिक्कते नहीं आती हैं। इसके बाद कुछ देर रुक कर इंस्ट्रक्टर के इंस्ट्रक्शन अनुसार स्पिन मशीन में पॉजीशन लें।
ध्यान रखने वाली बातें स्पिन मशीन में बैठने से पहले कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। सीट पर आम तरीके से बैठें, हाथों को हैंडलबार पर रखें, एल्बोज को हैंडलबार पर आराम की मुद्रा में रखें। स्पिनिंग मशीन में अलग-अलग पॉजीशन पर बैठने से मसल्स को काफी राहत मिलती है।
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क्या हैं फायदे स्पिनिंग की एक भी एक्सरसाइज शरीर के लिए काफी मददगार साबित होती है। दरअसल एक सैशन में तकरीबन 900 से 1200 तक कैलोरी बर्न होती है। निरंतर 25 मिनट की वर्कआऊट के बाद 10 मिनट तक लगातार पैडलिंग करनी चाहिए। इसके बाद कुछ मिनट के रैस्ट के बाद दोबारा 5 से 10 मिनट तक पैडलिंग करें। मगर ध्यान रहे यह सब इंस्ट्रक्टर के साथ ही करना जरूरी है।