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Written By: Pallavi Kumari | Updated : June 1, 2022 9:53 AM IST
फिट रहने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते। कुछ लोग जहां जिम में अपना पसीने बहाते हैं तो कुछ लोग रोज दौड़ने जाते हैं। तो, कुछ लोग फास्टिंग पर रहते हैं और स्पेशल डाइट फॉलो करते हैं। लेकिन कई बार लोग फिटनेस को एक जुनून बना लेते हैं। जैसे कि बार रनिंग (running too much) या कि दौड़ने की करें। रनिंग वेस लॉस से लेकर कई अन्य शारीरिक फिटनेस को पाने के लिए बेहतरीन एक्सरसाइज है। लेकिन तब क्या जब लोग इसे रोज करने लगे या फिर रेगुलर करने लगे। ऐसे में रनिंग आपके लिए नुकसानदेह (side effects of running everyday) भी हो सकता है। वो कैसे आइए हम आपको बताते हैं।
बहुत अधिक दौड़ना आपकी मांसपेशियों पर भारी पड़ सकता है, जिससे ये कमजोर और चोटिल हो सकती हैं। इसके अलावा रोजाना और ज्यादा दौड़ने वाले लोगों में शारीरिक थकावट भी ज्यादा होती है और ऐसे में वे प्लांटर फैसीसाइटिस है, मांसपेशियों में सूजन का शिकार हो सकते हैं। साथ ही ये एड़ी में तेज दर्दका कारण भी बन सकता है।
आपकी गतिविधि के स्तर में कोई भी वृद्धि आपके चयापचय को किक-स्टार्ट देती है और आपकी भूख को बढ़ाती है। लेकिन अगर आप बहुत अधिक दौड़कर ओवरट्रेनिंग कर रहे हैं, तो आपका शरीर थकावट की स्थिति में आ सकता है जो वास्तव में आपकी भूख को दबा देता है, जिससे आपको भूख नहीं लगती और आप खान-पीना बंद कर देते हैं और शरीर में विटामिन व मिनरल्स का नुकसान होने लगता है।
रनिंग आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा दे सकता है। लेकिन अगर आप इसे रोज और ज्यादा करने लगेंगे तो ये आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को थका सकता है और इसके कमजोर होने का कारण बन सकता है। ऐसे में आप रह-रह कर बार-बार बीमारी पड़ सकते हैं। इसके अलावा, फ्लू जैसे लक्षण, मांसपेशियों में दर्द, हड्डियों में दर्द और यहां तक कि अवसाद महसूस कर सकते हैं।
व्यायाम करने से आपको एंडोर्फिन को बढ़ावा मिलता है जो आपके मस्तिष्क में सकारात्मक प्रतिक्रिया को ट्रिगर करता है। लेकिन जब आप ज्यादा दौड़ने लगते हैं, तो ये एंडोर्फिन थकान और नींद को प्रभावित करता है। ये हार्मोनल डिसबैलेंस पैदा करता है जिससे मूड स्विंग्स होने लगते हैं।
ज्यादा दौड़ने रात में शरीर दर्द का कारण बन सकता है और आपकी नींद को प्रभावित कर सकती है। इससे थकान होती है और सर्कैडियन लय में बदलाव हो सकता है। इसके अलावा ज्यादा दिनों तक ऐसा रहने से आपको अन्य दिक्कतें हो सकती हैं जैसे कि स्ट्रेस, डिप्रेशन के लक्षण और अन्य दूसरी समस्याएं।
ऐसे में आपको कोशिश करनी चाहिए कि अगर आप रोज दौड़ रहे हैं और आपको घुटने के दर्द और पिंडली की मोच जैसी सामान्य चोटें महसूस हो रही है तो इसे नजरअंदाज ना करें। ऐसे में आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप कितना दौड़ रहे हैं, कितनी मेहनत करते हैं और प्रशिक्षण के लिए आप कौन से जूते पहनते हैं। इसके हिसाब से अपना दौड़ना कम कर दें।