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Medically Verified By: Dr. Mohan Kumar Singh
Walk After Meal
खाना खाने के बाद अक्सर कई लोगों के मन में एक सवाल आता है और वह यह कि “अभी टहल लूं या थोड़ी देर आराम कर लूं?” यह सवाल खासकर उन लोगों के लिए ज्यादा मायने रखता है जिन्हें डायबिटीज, मोटापा या पाचन से जुड़ी कोई दिक्कत है, या फिर जो लोग अपना वजन घटाना चाहते हैं। कुछ लोग खाना खत्म करते ही तेज-तेज चलना शुरू कर देते हैं, तो कुछ घंटों बैठे या लेटे रहना पसंद करते हैं।
लेकिन क्या करना सही है? यह जानने के लिए हमने नारायणा हॉस्पिटल के जनरल मेडिसिन के डॉक्टर मोहन कुमार सिंह से बात की। डॉक्टर का कहना है कि खाने के बाद हल्की-फुल्की मूवमेंट फायदेमंद हो सकती है, बस चलने का समय और स्पीड सही होनी चाहिए। अब वो सही समय और स्पीड क्या है, आइए इस लेख में जानते हैं।
जैसे ही खाना पेट में जाता है, शरीर उसे पचाने का काम शुरू कर देता है, और इसी दौरान खाने से मिला ग्लूकोज खून में पहुंचने लगता है। ऐसे में अगर हल्की सी वॉक की जाए, तो शरीर उस ग्लूकोज को एनर्जी के तौर पर खर्च कर लेता है, जिससे खाने के बाद शुगर में जो अचानक उछाल आता है, वह कुछ हद तक काबू में रहता है।
यही वजह है कि डायबिटीज या ब्लड शुगर पर नजर रखने वाले लोगों को खाने के बाद हल्की वॉक करने की सलाह दी जाती है। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि खाना खत्म करते ही तेज चलना या एक्सरसाइज शुरू कर दी जाए। खाने के तुरंत बाद बहुत तेज चलने पर कुछ लोगों को पेट भारी लगना, ऐंठन, गैस या बेचैनी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक बहुत लंबा इंतजार करने की जरूरत नहीं है। आरामदायक स्पीड से कुछ मिनटों की हल्की चाल शुरू की जा सकती है। ज्यादातर लोगों के लिए खाना खाने के बाद थोड़ी देर में हल्की वॉक शुरू की जा सकती है। यह एक व्यावहारिक तरीका माना जाता है।
शुरुआत धीमी गति से करें और शरीर कैसा महसूस कर रहा है, उसके हिसाब से अपनी स्पीड बढ़ाएं। अगर बहुत ज्यादा या भारी खाना खाया है, तो तुरंत चलने के बजाय थोड़ा रुकना ज्यादा आरामदायक रहेगा। वहीं हल्का खाना खाने के बाद सामान्य गति से छोटी वॉक करना आमतौर पर आसान होता है।
हां, डॉक्टर कहते हैं कि हल्की वॉक पाचन प्रक्रिया में मदद कर सकती है। और लगातार एक ही जगह बैठे रहने के मुकाबले शरीर को थोड़ा एक्टिव रखती है। खाने के बाद थोड़ा टहलना पेट भारी लगने और सुस्ती को भी कुछ हद तक कम कर देता है।
हां, अगर पहले से एसिडिटी, गैस, रिफ्लक्स या पेट से जुड़ी कोई समस्या है, तो अपनी स्थिति के हिसाब से ही तय करें कि कितनी एक्टिविटी करनी है। खाने के फौरन बाद बहुत तेज चलना या कठिन एक्सरसाइज करना पाचन तंत्र के लिए असहज हो सकता है। भोजन के बाद वॉक का मकसद बस शरीर को हल्का एक्टिव रखना है, वर्कआउट करना नहीं।
डायबिटीज में खाना खाने के बाद ब्लड शुगर का कुछ बढ़ना सामान्य हो सकता है। लेकिन बहुत ज्यादा बढ़ोतरी लंबे समय में सेहत पर असर डाल सकती है। खाने के बाद हल्की गतिविधि मांसपेशियों को ग्लूकोज ज्यादा इस्तेमाल करने में मदद करती है, जिससे कई लोगों में खाने के बाद शुगर कंट्रोल करना आसान हो जाता है।
लेकिन जो लोग डायबिटीज की दवा या इंसुलिन ले रहे हैं, उन्हें थोड़ा सावधान रहना चाहिए। अगर वॉक के दौरान कमजोरी, चक्कर, पसीना या कंपकंपी महसूस हो, तो इसे टालें नहीं - डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो तो खाने के बाद थोड़ी देर चलना रोजाना की एक्टिविटी बढ़ाने का एक आसान तरीका हो सकता है। इससे कैलोरी खर्च करने में मदद मिल सकती है और घंटों बैठे रहने की आदत भी कुछ कम हो सकती है। लेकिन सिर्फ खाने के बाद कुछ मिनट चलने से वजन तेजी से कम नहीं होता।
इसके लिए संतुलित खाना, पर्याप्त प्रोटीन, नियमित एक्सरसाइज, अच्छी नींद और कुल कैलोरी सेवन पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए खाने के बाद वॉक को वजन घटाने का पूरा फॉर्मूला मानने के बजाय एक अच्छी रोजमर्रा की आदत की तरह देखना ज्यादा सही रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। खाने के बाद वॉक हर व्यक्ति के लिए अलग तरह से प्रभावी हो सकती है। अगर आपको डायबिटीज, हृदय रोग या पाचन संबंधी कोई समस्या है, तो नियमित वॉक या एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। यह जानकारी किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है।