मेडिटेशन की अनोखी विधि से दूर करें तनाव व बीमारियां

तिबेतियन मेडिटेशन करना चाहते हैं तो उसके करने की विधि की सही जानकारी आपको होनी चाहिए।

WrittenBy

Written By: akhilesh dwivedi | Updated : September 30, 2018 5:43 PM IST

योग और ध्यान हेल्थ के लिए सबसे बेहतर माने जाते हैं। योग और ध्यान से आप बीमारियों को दूर तो रखते ही हैं अपने शरीर को भी जवां और मजबूत बनाये रखते हैं। ध्यान में एक सबसे प्रमुख ध्यान करने की विधि होती है जो तिब्बत संकृति की देन है। इसे वर्तमान में तिब्बती ध्यान या तिबेतियन मेडिटेशन के नाम से जाना जाता है। तिबेतियन मेडिटेशन एक तरह से पांच तत्वों को महत्व देता है। प्रकृति की संरचना में पांच तत्व जो महत्वपूर्ण हैं। पृथ्वी, जल, आकाश और हवा ये वही पांच तत्व हैं जो जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। तिबेतियन मेडिटेशन करना चाहते हैं तो उसके करने की विधि की सही जानकारी आपको होनी चाहिए। आइए जानते हैं तिबेतियन मेडिटेशन करे की विधि।

दिमाग को रिक्त करें 

मेडिटेशन करने से पहले सबसे पहली शर्त यही होती है कि आपके दिमाग में किसी प्रकार की बात न चल रही हो। दिमाग की रिक्तता ध्यान करने में सहायक होती है। आप ध्यान करने से पूर्व की सभी बातों को भूलकर ध्यान के लिए तैयार हों। शरीर को आराम से किसी एकान्त स्थान में स्थिर करें।

ध्यान केंद्रित करेने के लिए कोई एक आलम्ब चुने

ध्यान का यह तरीका आपकी इच्छाओं और मोह को छोड़ने पर ज़ोर देता है। अब कोई भी एक भौतिक वस्तु लें ताकि आप इस पर ध्यान केंद्रित कर सकें। तिबेतियन शैली का पालन करने वाले अधिकांश लोग बुद्ध की मूर्ति पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इस वस्तु पर ध्यान केंद्रित रखें जब तक कि आप पूरी तरह से वस्तु से परिचित हों।

ध्यान लगाते समय आंखे बंद रखें

अब अपनी आंखें बंद करें और वस्तु की अपने दिमाग में कल्पना करें। इस तरह आपका दिमाग पूरी तरह से केंद्रित होगा। हो सकता है कि पहले प्रयास में आप वस्तु को पूरी तरह से कल्पना ना कर पाएं। हालांकि, अभ्यास और समय के साथ, आपका दिमाग तैयार हो जाएगा।

ये भी पढ़ेंः मेडिटेशन और व्यायाम करने से PTSD की शिकार महिलाओं को होता है लाभ।

ये भी पढ़ेंः कठिन दौर में मेडिटेशन है सबसे बड़ी दवा, जानें मेडिटेशन के 7 फायदे।

सांसो के आने-जाने की क्रिया पर ध्यान दें

जब आपका दिमाग स्थिर हो जाए और बाकी सभी विचार दिमाग से बाहर हो जाएं और आप केवल ध्यान में हो तो आप अगला कदम उठा सकते हैं। अपनी सांस लेने पर ध्यान देना शुरू करें। खुद को प्रकृति और मानवता के बीच की कड़ी की तरह सोचें। हर सांस के साथ प्रकृति के साथ खुद को जोड़ने की कोशिश करें। हालांकि, इस तकनीक में याद रखने की महत्वपूर्ण बात यह है कि आप यह अपने फायदे के लिए नहीं कर रहे हैं।

ध्यान का यह तरीका आपकी इच्छाओं और मोह को छोड़ने पर ज़ोर देता है। इसलिए, प्रकृति के साथ एकजुट होने के लिए अपने आप को तैयार करे। आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source