क्या मंदिर में घंटी बजाने की क्रिया हमारी सेहत के लिए है फायदेमंद!

जानें मंदिर में घंटी बजाने से क्या फायदा होता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : August 30, 2018 6:49 PM IST

मंदिर में प्रवेश करनेवाला हर व्यक्ति एक सकारात्मक विचार के साथ मंदिर आता है,  जिससे वहां एक सकारात्मकता माहौल पैदा होता है। यह हमारे मन को शांत करता है और हमारा मन मंदिर में मौजूद सकारात्मक कंपन या वायब्रेशन और ऊर्जा को अधिक से अधिक मात्रा में अवशोषित करने में मदद कर सकता है। हम मनुष्यों को 5 इंद्रियां मिली हैं और मंदिर में किए जानेवाले प्रत्येक कार्य जैसे- घंटी बजाने, कपूर जलाने, फूल चढ़ाने, तिलक लगाने और मंदिर की प्रदक्षिणा करने से हमारी इन सभी इंद्रियों को सक्रिय करना। एक बार इन सभी इंद्रियों के सक्रिय हो जाने के बाद, मानव शरीर मंदिर में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा को ज़्यादा से ज़्यादा ग्रहण कर सकता है।

मंदिर में लगी घंटियों का स्वर बहुत आकर्षक और कर्णप्रिय लगता है।  जब हम मंदिर जाते हैं तो मंदिर में लगी घंटी को बजाते ही हैं। यह क्रिया हमारी पूजा का एक अहम हिस्सा होती है। और मंदिर की घंटी का नाद हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। धार्मिक पुस्तकों में दिए गए दावों के मुताबिक शास्त्र के अनुसार, घंटी की आवाज बुरी आत्माओं को दूर रखती है और ये आवाज़ ईश्वर को पसंद होती है। कई लोगों का ये विश्वास भी है कि घंटे की आवाज़ ईश्वर तक अपनी प्रार्थनाएं पहुंचाने का जरिया भी हैं। लेकिन हम आपको इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण बता रहे हैं।

मंदिर की घंटियां कैडमियम, जिंक, निकेल, क्रोमियम और मैग्नीशियम से बनती हैं जिसकी आवाज़ दूर तक जाती है। ये आपके मस्तिष्क के दाएं और बाएं हिस्से को संतुलित करता है। जैसे ही आप घंटी बजाते हैं एक तेज़ स्वर उत्पन्न होता है, यह आवाज़ 10 सेकेंड तक गूंजती रहती है। इस गूंज की अवधि आपके शरीर के सभी 7 हीलिंग सेंटर को सक्रिय करने में मदद करती है। यह आवाज़ आपके दिमाग में चलने वाले विचारों में स्पष्टता लाती है जिस वजह से आप ऐसी स्थिति में पहुंच जाते हैं जब आपको पहले से ज्यादा चीजें समझ आने लगती हैं। यह आवाज आपकी एकाग्रता बढ़ाती है, आपको अलर्ट या सचेत रखती है। इससे आपके दिमाग के नकारात्मक विचार भी दूर होते हैं। तो अब आप समझ गए होंगे कि क्यों हमारे घरों में बड़े-बुज़ुर्ग छोटे बच्चों को भी मंदिर जाने की सलाह देते हैं। तो अगली बार जब भी मंदिर जाएं सपरिवार जाएं और सभी हेल्दी बनने की ओर एक कदम बढ़ाएं।

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