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Written By: Editorial Team | Updated : June 1, 2018 4:07 PM IST
प्रदीप नरवाल जब खेलते हैं तो कबड्डी मैट पर आग लग जाती है, कोर्ट में उनकी मौजूदगी विरोधी टीम के खिलाड़ियों के लिए किसी आतंक से कम महसूस नहीं होती। प्रदीप मैच-दर-मैच नये कीर्तिमान बनाते हैं। भारतीय राष्ट्रीय कबड्डी टीम में एक नियमित चेहरा बन चुके इस 20 वर्षीय आक्रामक खिलाड़ी ने प्रो कबड्डी लीग 2017 सत्र में सबसे अधिक रेड पॉइंट्स (raid points) प्राप्त किए हैं, और अब तक उन्होंने कुल 243 रेड पॉइंट्स कमाए हैं। हरियाणा राज्य के इस स्टार कबड्डी खिलाड़ी ने थोड़े समय में ही इस खेल में बहुत कुछ हासिल कर लिया है। इस मतवाले खिलाड़ी को उसकी विशिष्ट स्टाइल के लिए 'डुबकी किंग' कहा जाता है। हमारे साथ एक इंटरव्यू के दौरान, प्रदीप ने अपने फिटनेस सीक्रेट्स, कबड्डी के लिए उनके प्यार और अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बात की। उसी इंटरव्यू के कुछ अंश ये रहे:
कबड्डी के मैदान में टिके रहने के लिए आपने किस तरह की ट्रेनिंग ली?
अलग-अलग तरह की ड्रिल्स, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो प्रैक्टिस हमें फिट और मज़बूत रखती हैं। कबड्डी एक ऐसा खेल है जहां खिलाड़ियों का शारीरिक संपर्क भी होता है, इसीलिए हमें अक्सर चोट लग जाती है। यही कारण है कि प्रैक्टिस सेशन में मज़बूती से प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के दौरान हम जो कड़ी मेहनत करते हैं,निश्चित रूप से उसके परिणाम तब दिखायी देते हैं जब हम अपने विरोधियों का सामना करते हैं। इस खेल में बेहतर बनने के कई तरीके हैं, और फिट रहना उनमें से सबसे महत्वपूर्ण तरीका है।
इसके अलावा, चोट लगने के बाद हमें फिजियोथेरेपी सेशन्स भी कराने पड़ते हैं। हमारे कोच और प्रशिक्षकों की मदद से हम इस तरह की चोटों को सही व्यायाम और रिहैबिलेशन से ठीक कर सकते हैं, ताकि हम मज़बूत बन सके। ट्रेनिंग सेशन के दौरान, हम हर मैच में खुद को पारंगत बनाने के लिए, अपने मूव्स और हमारे खेलने के तरीकों पर ध्यान देते हैं ताकि हम अपने हर खेल में अच्छा प्रदर्शन कर सकें। बेशक, हमें इस खेल में ऊंचाई पर पहुंचने के लिए ढेर सारी मेहनत करनी पड़ती है।
आपकी डायट कैसी होती है? क्या ऐसी कोई चीज है जो आप मैच और टूर्नामेंट्स के दौरान नहीं खा पाते?
हां, हमें ज्यादा मिठाई खाने से मना किया जाता है। इसके अलावा हमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और हेल्दी फैट के सही मिश्रण के साथ एक बहुत हेल्दी डायट लेनी पड़ती है, जो हमें ताकत और ऊर्जा प्रदान करती है। मेरे लिए इस तरह की हेल्दी डायट लेना बहुत मुश्किल है, क्योंकि मैं घर में पका हुआ सादा भोजन खाना पसंद करता हूं।
आपको ‘डुबकी किंग,’ कहा जाता है, आपने डुबकी में महारत कैसे हासिल की? इसका राज़ क्या है?
जब लोग मुझसे पूछते हैं कि अच्छी डुबकी खेलने के पीछे क्या राज है, तो मैं समझ नहीं पाता कि क्या कहना है। बचपन में कबड्डी खेलते समय मैं सोचता था कि खुद को कैसे बचाऊं, स्कोर कैसे बनाऊं और मेरे पाले में सुरक्षित कैसे वापस जाऊं। जब से मैंने कबड्डी खेलना शुरू किया तब से मैं इस मूव का अभ्यास कर रहा हूं। मैं बचपन से ही डुबकी की प्रैक्टिस कर रहा हूं। मुझे नहीं पता कि समय के साथ मेरी डुबकी बेहतर हुई है या हम दोनों एक-दूसरे के साथ और बेहतर बन सके हैं। इधर-उधर घूमकर सुरक्षित रूप से अपने पाले में जाते समय मैंने डुबकी का पता लगाया। एक बार मुझे एहसास हुआ कि यह मेरा पसंदीदा मूव था और मैं इसे अच्छी तरह से दोहरा सकता हूं, मैंने इसे और बेहतर बनाने के लिए अभ्यास किया। फिर मेरे कोच ने मेरे इस हुनर को सुधारने में मदद की, ताकि मैं मैदान में दूसरों से आगे रह सकूं। डुबकी में महारत हासिल करने के लिए मैंने बहुत अधिक अभ्यास किया। लेकिन मैं ज़रूर कहूंगा कि यह मेरे लिए बहुत आसान नहीं था।

आप मुश्किल और प्रेशर भरी स्थितियों में खुद को कैसे संभालते हैं?
मुझे एक बात समझ में आई कि प्रेशर में आकर हम कुछ हासिल नहीं कर सकते। मैं कभी भी किसी प्रकार का प्रेशर नहीं लेता। जब मैं एक रेड के लिए जाता हूं तो मैं बस फ्लो के अनुसार काम करता हूं। बेशक, मैं हर रेड के साथ पॉइंट स्कोर करना चाहता हूं लेकिन कई बार वह उचित मौका नहीं भी साबित हो सकता है। इसीलिए, मैं खुदपर तनाव को हावी नहीं होने देता। क्योंकि मैं जब भी बिना किसी दबाव के रेड की कोशिश करता हूं, तो अक्सर मुझे पॉइंट स्कोर करने में मदद मिलती है। मैं डिफेंडर्स पर नज़र रखता हूं, और इसलिए मैं जल्दी फंसता नहीं।
कई-कई दिनों की ट्रेनिंग के लिए आप खुद को कैसे तैयार करते हैं?
लाज़मी-सी बात है कि जब हमें रोज़-रोज़ ट्रेनिंग के लिए जाना पड़ता है तो बोर होने की संभावनाएं अधिक होती हैं। लेकिन यही वह स्थिति है जहां हमारे कोच और ट्रेनर हमारा हौसला बढ़ाते हैं।
मैच हारने के बाद आप खुद को कैसे संभालते हैं?
मैं उसके बारे में ज्यादा सोचता नहीं हूं। हर एक को यह समझने की जरूरत है कि अगर आप लगातार 2 मैच जीत रहे हैं तो एक समय ऐसा भी आएगा जब आप शायद जीत ना सकें। इसलिए, जब हमारी टीम मैच हार जाती है तो मैं खुद को कहता हूं, 'कोई बात नहीं। एक नया दिन आएगा और एक नया मैच भी।'
कबड्डी दिन-ब-दिन लोकप्रिय हो रही है, आपको इस बारे में कैसा लगता है?
कबड्डी की बढ़ती पॉप्युलैरिटी देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता है। खिलाड़ियों को लोग पहचानते हैं, तो अच्छा लगता है। हमारे खेल की वजह से हम भीड़ से एक अलग चेहरा बन सकें, यह हमेशा एक अच्छा अनुभव होगा।
ट्रेनिंग या दमदार मैच के बाद थकान दूर करने के लिए क्या करते हैं?
मैं अपने साथियों से थोड़ी-बहुत बातें करता हूं, फिल्में या सावधान इंडिया जैसे कुछ टीवी शो देखता हूं या संगीत सुनता हूं। कुछ ऐसा करता हूं जिससे मुझे शांति और आराम मिले।
क्या आपको उम्मीद है कि इस साल 'पटना पाइरेट्स' प्रो कबड्डी लीग कप जीतेंगे?
हां, हम ऐसी उम्मीद कर रहे हैं कि इस साल हम जीत जाएंगे। अगर हम जीते तो यह हमारी हैट्रिक होगी और हम इस अच्छी जीत की पूरी आशा रखते है।
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अनुवादक: Sadhna Tiwari
चित्रस्रोत : www.patnapirates.net