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ऑलिव ऑयल के अनगिनत स्वास्थ्वर्द्धक फायदे होते हैं। खाने के लिए इसे सबसे बेहतर ऑयल माना जाता है। विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर इस तेल से आपका दिल स्वस्थ रहता है और शुगर लेवल रेगुलेट रहता है।
लोगों को इस तेल के बारे में इतना ज्यादा मालूम नहीं है। इसलिए इस तेल के बारे में कई मिथक प्रचलित हैं। बोर्ज्स इंडिया के एमडी रजनीश भसीन आपको इस तेल से जुड़े मिथक और उनका सच बता रहे हैं-
मिथक 1
अगर ऑलिव ऑयल फ्रिज में क्लाउडी या ठोस होता है, तो यह प्रामाणिक और उच्च गुणवत्ता का है
एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल की एक बोतल फ्रिज में रखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह ठोस और क्लाउडी हो जाता है। यदि यह तरल रहता है, तो यह मिलावटी का सुझाव देता है।
सच- ऑलिव ऑयल की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए कोई घरेलू परीक्षण नहीं है। कुछ तेल रेफ्रिजरेटर में क्लाउडी हो जाते हैं और कुछ नहीं। गुणवत्ता की जांच स्वाद और गंध से की जाती है और इसकी प्रामाणिकता सबसे अच्छी तरह से लैस प्रयोगशाला में जांच की जाती है।
मिथक 2
हरे रंग का मतलब ऑलिव ऑयल बेहतर क्वालिटी का है
सच- रंग ऑलिव ऑयल की गुणवत्ता का सूचक है। क्वालिटी ऑलिव ऑयल एक सामान्य उत्पाद नहीं है। ऑलिव की वैरायटी, परिस्थितियां, देश जैसे कारकों में तेल के रंग में परिवर्तनशीलता पैदा होती है। यह हल्का पीला या गहरे हरे रंग का हो सकता है।
मिथक 3
गर्म होने से इससे कम लाभ होते हैं, इसलिए एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल को कच्चा या सीधे बोतल से यूज करें
सच- गर्म होने से इसका स्वाद बदल सकता है लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ कम नहीं होते हैं।
मिथक 4
केवल एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड, एंटीऑक्सिडेंट्स और पॉली०फिनोल होते हैं
सच- सभी ऑलिव ऑयल में दिल के लिए स्वस्थ मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है। इनमें लगभग समान पोषक तत्व होते हैं जिसका मतलब है कि इन सभी में मोनोअनसैचुरेटेड होते हैं।
मिथक 5
शराब की तरह ऑलिव ऑयल भी पुराना होने पर बेहतर हो जाता है
सच- यह सच नहीं है। पुराना होने पर यह तेल भी अन्य तेलों की तरह खराब हो जाता है। हालांकि आप फसल के समय से लगभग 2 वर्षों तक एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल को सुरक्षित रूप से उपभोग कर सकते हैं। बोतल खोलने के 4-6 सप्ताह के भीतर अपने तेल का उपयोग करना सबसे अच्छा है।
मिथक 6
एक्स्ट्रा लाइट ऑलिव ऑयल में कम कैलोरी होती है
सच- सभी तरह के ऑलिव ऑयल में बराबर कैलोरी होती है। हालांकि इस तेल में अधिक कैलोरी होती है, इसलिए खाना पकाने के लिए कम मात्रा में ही इसका इस्तेमाल करें। एक बड़ी चम्मच जैतून तेल में लगभग 124 कैलोरी और 14 ग्राम फैट शामिल है। यह फैट मोनोअनसैचुरेटेड है 6.7 ग्राम और पॉलीअनसैचुरेटेड, 4.6 ग्राम होता है।
मिथक 7
इसका इस्तेमाल खाना पकाने के लिए नहीं किया जा सकता
सच- आप तेज आंच पर इसे खाना पकाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल का स्मोकिंग पॉइंट कम होता है, जबकि प्योर ओलिव ऑयल का स्मोकिंग पॉइंट हाई होता है। एक्स्ट्रा लाइट ओलिव ऑयल को रोजाना के खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
मिथक 8
ऑलिव ऑयल से खाना पकाने से सभी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं
सच- अध्ययन और कई परीक्षणों से पता चला है कि जैतून के तेल के पोषक तत्वों में खाना पकाने के बाद बहुत बदलाव नहीं होते हैं। पकने के बाद भी इसमें एंटी ऑक्सीडेंट्स और एंटी इंफ्लेमेटरी जैसे गुण बरकरार रहते हैं।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock