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Written By: Jitendra Gupta | Updated : November 14, 2020 11:31 AM IST
वजन घटाने के लिए कौन ज्यादा बेहतर पिकैन या अखरोट? जानें न्यूट्रिशन वैल्यू और दोनों के बीच अंतर
पिकैन और अखरोट दोनों ही एक प्रकार के नट हैं और हू-ब-हू एक-दूसरे से काफी मिलते-जुलते दिखाई देते हैं। ये दोनों ही स्नैक के रूप में आपके लिए शानदार भोजन विकल्प बनते हैं और नाश्ते व विभिन्न डेसर्ट में प्रयोग किए जाते हैं। ये दोनों ही सभी महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरे होते हैं, जो कई क्रॉनिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में आपकी मदद करते हैं। इतना ही नहीं ये दोनों वजन घटाने में भी आपकी सहायता करते हैं साथ ही आपमें तृप्ति की भावना को भी बढ़ाते हैं। हालांकि, दोनों के बीच कुछ अंतर हैं। आइए इस लेख में जानते हैं दोनों के बीच खास अंतर।
पिकैन, अखरोट की तुलना और छोटे और गहरे रंग के होते हैं। अखरोट का जब छिलका हटाया जाता है तो वह सुनहरे या फिर पीले रंग का दिखाई देता है। ये दोनों तुलनात्मक रूप से छिलका हटाए जाने पर एक समान ही दिखाई देते हैं। लेकिन पिकैन, अखरोट से छोटे होते हैं और एक सपाट आकार होते हैं।
एक औंस पिकैन में 200 कैलोरी और एक चौथाई हेल्दी मोनो और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होता है, जिसे हम हर दिन उपभोग कर सकते हैं। अखरोट में 200 से कम कैलोरी होती है लेकिन हेल्दी फैट की समान मात्रा मौजूद होती है।
बात करें प्रोटीन की तो एक बार पिकैन के सेवन से 5 प्रतिशत प्रोटीन प्राप्त होता है जबकि अखरोट में पिकैन की तुलना में दोगुना प्रोटीन होता है।
पिकैन, जिंक, मैग्नीशियम, पोटेशियम और विटामिन ए, बी और ई से भरा होता है। जबकि अखरोट में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व नहीं होते हैं। लेकिन इसमें विटामिन बी की पर्याप्त मात्रा होती है।
पिकैन का स्वाद थोड़ा कड़वा होता है लेकिन इसमें अधिक डायटरी फाइबर और शुगर होती है जबकि अखरोट में पिकैन की तुलना में स्वाद थोड़ा मीठा होता है।
पिकैन दक्षिण अमेरिका और मैक्सिको से उत्पन्न हुए हैं और लगभग 16 वीं शताब्दी के आस-पास से इनका सेवन किया जा रहा है। वहीं अखरोट मूल रूप से एशिया और यूरोप में पाए जाते हैं, जो 7000 ईसा पूर्व के आस-पास से प्रचलित हैं।