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Written By: Editorial Team | Updated : February 15, 2021 1:29 AM IST
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
एक्ज़ाम सीज़न आया नहीं कि बच्चों के साथ-साथ माता-पिता को भी चिंता होने लगती है। बच्चों की तैयारी कैसी होगी? और क्या उन्हें परीक्षा में सबकुछ याद रहेगा? ये सवाल सभी को परेशान करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी इन परेशानी को बढ़ाने का काम आपका भोजन भी करता है। जी हां, भोजन से अगर बच्चे को भरपूर पोषण न मिले तो उसका दिमाग कमज़ोर हो सकता है। इसीलिए मशहूर डायटिशियन नैनी सितलवाड बता रही हैं परीक्षाओं के समय सही भोजन की अहमियत।
परीक्षा के समय में लोगों को खाने-पीने, सोने और आराम के लिए बहुत कम समय मिलता है। परीक्षाओं के बाद हम खुद की तरफ जब ध्यान देते हैं तो पता चलता है कि हम कितने मोटे या कमज़ोर हो गए हैं। ये रहीं कुछ आसान-सी टिप्स जिनकी मदद से आप एक्ज़ाम स्ट्रेस से बच सकते हैं और साथ ही यह आपके दिमाग को भी रख सकते हैं तेज़ और यादाश्त को मज़बूत। पढ़ें -बच्चे को है एक्ज़ाम स्ट्रेस? उसे सिखाएं ये 3 ब्रीदिंग एक्सरसाइज़
एक गिलास पानी से करें दिन की शुरुआत
सुबह जल्दी उठें। सबसे पहले एक गिलास पानी पीजिए। यह आपको हाइड्रेट करेगा और तरोताज़ा भी करेगा। चूंकि रात में कई घंटों तक हम कुछ नहीं खाते, तो सोकर उठने पर शरीर डीहाइड्रेशन की स्थिति में चला जाता है। पानी पीने से दिमाग सचेत हो जाता है और शरीर को भी आराम मिलता है। साथ ही यह पाचनतंत्र को भी पूरे दिन सुचारू रुप से चलने में सहायता भी करता है। पानी शारीरिक और मानसिक थकान को भी दूर रखने का सबसे अच्छा तरीका है।
फल खाइए
पानी के बाद आप एक फल खाएं। फल फाइबर का अच्छा स्रोत हैं जिनमें नैचुरल मिठास होती है और यह आपको शक्ति प्रदान करती है। जैसे अगर आप सुबह एक केला खाते हैं तो यह कुछ न्यूरोकेमिकल्स उत्पन्न करता है जो आपका मूड अच्छा रखता हैं और साथ ही आपकी चेतना और एकाग्रता बढ़ाता हैं। ज्यादातर फलों में फैट नहीं होता है और ये लम्बे समय तक आपको शक्ति प्रदान करते रहते हैं। यही नहीं इन फलों की नैचुरल मिठास शरीर और दिमाग को सिंथेटिक और नकली शक्कर की तरह नुकसान नहीं पहुंचाते। सूखे फल (आलूबुखारा, किशमिश, खुबानी, सूखे अंजीर और खजूर) भी दिमाग के लिए काफी अच्छे होते हैं जिन्हें सफर या पूरा दिन ट्यूशन्स के लिए बाहर रहनेवाले बच्चों को साथ रखना चाहिए। पढ़ें-अंजीर खाने के 8 स्वास्थ्यवर्द्धक कारण
तरल चीजें
अपने आपको तरोताज़ा रखने के लिए बीच-बीच में काला नमक डालकर नींबू पानी पीते रहें। आप नारियल पानी भी पी सकते हैं जो पोटैशियम का अच्छा स्रोत है और साथ ही यह शरीर को मिनरल (खनिज तत्व) भी प्रदान करता रहता है। ये आपको पूरे दिन तरोताज़ा और सक्रिय रखेंगे। नारियल की मलाई खाना भी दिमाग के लिए काफी अच्छा है, इसलिए उसे फेंके नहीं।पढ़ें -एसिडिटी और सीने में जलन से परेशान? पियें नारियल पानी!
हेल्दी कैफिन चुनें
जिन्हें चाय-कॉफी की आदत है वे हर्बल और ग्रीन टी पीएं, जो पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। कैफिन आपकी एकाग्रता बढ़ाता है लेकिन ज्यादा समय तक नहीं। जिन्हें लगता है कि चाय की बजाय कॉफी एकाग्रता और सेहत के लिए ज्यादा अच्छी है, उन्हें बता दें कि अधिक मात्रा में कॉफी पीने से फायदे के बजाय नुकसान ही होता है। जबकि कई लोग एनर्जी ड्रिंक्स और कैफीन को नींद भगाने का तरीका मानते हैं। लेकिन वास्तव में यह दिमाग के एक सेल (कोशिका) से दूसरे तक संदेश ले जाने वाले न्यूरोट्रांसमीटर की गति धीमी कर आपके मस्तिष्क को प्रभावित करता है। साथ ही यह नर्व सेल (तंत्रिका कोशिका) को प्रभावित करते हुए तनाव बढ़ानेवाले हार्मोन्स को सक्रिय करता है जिसकी वजह से लोग व्याकुल, डरा हुआ, गुस्सैल और परेशान महसूस करते हैं। व्यक्ति की धड़कनें और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इस सबके चलते एसीडिटी, कैल्शियम और विटामिन बी की कमी, अनिद्रा, दिल की बीमारियां और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
जबकि दूसरी तरफ ग्रीन, व्हाइट या ब्लैक-टी में ऐसे एंटीऑक्सिडेंट और तत्व होते हैं जो आपकी सेहत के लिए अच्छे हैं और इनमें कैफिन की मात्रा भी कम होती है। हालांकि, इन्हें भी बहुत अधिक मात्रा में न लें। कैफिन के सेवन की बजाय आप थोड़ी दूर चलें। इससे दिमाग की तरफ खून का दौरा तेज़ होगा और आपकी नींद भाग जाएगी और आप अधिक समय तक एक्टिव रहेंगे।
हरी सब्जियां खाएं
रोज़ाना एक बार भोजन में कोई एक हरी सब्जी ज़रूर शामिल करें। हरी सब्जियों में आयरन, प्रोटिन, फाइबर और कैल्शियम होता है जो दिमाग की सक्रियता बढ़ाने का काम करते हैं। इसी तरह बी कॉम्प्लेक्स कैप्सूल भी दिमाग के लिए काफी अच्छे हैं।
विभिन्न प्रकार के अनाज खाएं
अपने भोजन में साबुत अनाज भी शामिल करें। एक भोजन में बाजरे की रोटी खाएं और दूसरी बार नाचनी की। इसी तरह जौ, गेंहू और बासमती चावल भी खाया जा सकता है। साबुत अनाज आपको लम्बे समय तक शक्ति प्रदान करते रहते हैं। भोजन की शुरूआत कच्ची सब्जियों के सलाद के साथ करें। सब्जियों में मिलने वाले कुछ विटामिन उन्हें पकाने से नष्ट हो जाते हैं। इस तरह सलाद से आपको अधिक पोषक तत्व और एंटीऑक्सिडेंट प्राप्त होते हैं। ये आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं और सेहत को दुरूस्त रखते हैं जिसके चलते आप एग्ज़ाम के दिनों में बीमार नहीं पड़ते। प्रोटिन से भरपूर भोजन से डोपामीन (एक केमिकल जो दिमाग को सचेत बनाता है) के निर्माण में सुधार होता है। इसीलिए दालें, बीन्स, अंकुरित अनाज और कभी-कभी ऑइली फिश या मछली से बनी चीजें अपने भोजन में शामिल करें।
बबल गम नहीं ड्राई फ्रूट खाएं
जब भी आपको माउथ फ्रेशनर की ज़रूरत हो तो चुइंग गम की बजाय पारम्परिक चीजों का इस्तेमाल करें। तिल, कद्दू, अलसी औऱ सूर्यमुखी के बीजों का इस्तेमाल करें। इस तरह आपको विभिन्न प्रकार के फैट और प्रोटिन प्राप्त होंगे। सूखे मेवे भी खा सकते हैं। पिस्ता, बादाम, काजू और अखरोट खाने से आपके शरीर को ओमेगा-3 फैटी एसिड, ओमेगा-6 फैटी एसिड जैसे प्राकृतिक (मोनोसैचुरेटड) फैट्स प्राप्त होंगे। इन सभी फैट्स की मदद से आप अपने दिमाग के पोषण का भी ध्यान रख सकेंगे और उसकी शक्ति बढ़ेगी।
इनसे करें परहेज
दिमाग की शक्ति बढ़ाने के लिए आपको खाने–पीने की कुछ चीजों से परहेज भी करना होगा। मैदा या व्हाइट फ्लोर और व्हाइट शुगर आपके शरीर और दिमाग के लिए नुकसानदायक हैं। ये शक्ति प्रदान करनेवाले विटामिन बी को सोखकर आपके दिमाग को सुस्त बनाते हैं। दुर्भाग्य से लोग इन्हें पौष्टिक और शक्तिवर्धक समझकर खाते रहते हैं और नतीजतन आप थके हुए, उदास, शिथिल और चिड़चिड़ा-सा महसूस करते हैं।
पूरी नींद लें
दिमाग के लिए अच्छी नींद भी बहुत ज़रूरी है। नींद की कमी के कारण आपको बातचीत में तकलीफ होगी और आपका दिमाग एकाग्र भी नहीं रह पाएगा। जल्दी सोएं क्योंकि मध्यरात्रि से एक घंटे पहले सोना सुबह दो घंटे सोने के बराबर है। इसलिए जल्दी सोने से आपकी एकाग्रता और याद्दाश्त दोनों बनी रहेगी। सबसे पहले अपना शेड्यूल (दिनचर्या) बनाएं और इसमें अपने पढ़ाई, सोने-उठने और खाना खाने के समय को विवरण लिखें। इस तरह आपको समझने में मदद मिलेगी कि आपको दिनभर में क्या करना है। नियमित समय पर खाना खाने से आपका तनाव कम होगा और परीक्षा में आपका प्रदर्शन अच्छा रहेगा।
चित्र स्रोत -Shutterstock